सुविचार

जवान बोलते हैं की जिन्दगी मजा लेने के लिए है और बुजुर्गलोग बोलते हैं की जिन्दगी दुःखों का घर है | वास्तव में वह न मजा लेने केलिए है आयर न दुःखों का घर है | जिन्दगी है जीवनदाता को पहचानने के लिए, जिन्दगी के रहस्य को जानने केलिए |

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