Purusharth Param Dev (Hindi)
Purusharth Param Dev (Hindi)

पुरुषार्थ परम देव (हिन्दी)

   
देव बड़ा या पुरुषार्थ ? देव के आश्रित रहनेवाला जरूरी नहीं कि जो चाहे वह सफलता, वह उपलब्धि कर सके लेकिन स्वयं का प्रयत्न, स्वयं का पुरुषार्थ देवों का भी देव है, परम देव है । अतः पुरुषार्थ करके व्यक्ति जो चाहे वह पा सकता है, जहाँ चाहे पहुँच सकता है । अरे, यहाँ तक कि वह पुरुषार्थ के बल पर परमात्म-प्राप्ति करके जीवन्मुक्त भी हो सकता है । पुरुषार्थ अपना चाहे जहाँ लगाये ।
सच्चा पुरुषार्थ क्या है, कैसे करें, जीवन में सफल कैसे हों, ईश्वर किसे मदद करते हैं ? ऐसे कई प्रश्नों का जवाब तथा हताश-निराश, असहाय, निर्बल व्यक्तियों में भी आशा का संचार करके उन्हें एक नयी चेतना और उत्साह से भर देनेवाले सिद्धांतों और प्रसंगों का संकलन है पुस्तक ‘पुरुषार्थ परम देव’ । प्रतिकूल परिस्थितियों, आशा-निराशा, सफलता-विफलता को पार करते हुए जीवन को उत्साहपूर्वक आगे बढ़ाने में सहायक इस सत्साहित्य में है :
* करोड़ों-करोड़ों मनुष्यों को पुरुषार्थ की प्रेरणा देनेवाले, सच्चे पुरुषार्थ को सिद्ध किये हुए पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की संक्षिप्त जीवनी
* पुरुषार्थ (पुरुष-प्रयत्न) से सब सम्भव है
* पुरुषार्थ क्या है और उससे क्या पाना है ?
* जो कुछ सिद्ध होता है सो पुरुषार्थ से ही सिद्ध होता है...
* पुरुषार्थ के कितने प्रकार होते हैं ?
* जब हनुमानजी ने प्रकट हो पुरुषार्थ करने की प्रेरणा दी
* मूर्ख कौन है ?
* भाग्य क्या है ?
* पुरुषार्थ का त्याग करनेवालों की गति
* संकल्पबल के सितारे - महाकवि कालिदास
* संकल्प और पुरुषार्थ ने बना दिया ‘वेलिंग्टन’ को लंडन का मेयर
* पुरुषार्थ का जीवंत प्रमाण ‘हेनरी कैझर’ का जीवन
* प्रबल पुरुषार्थ करके बना फ्रांस का शहंशाह
* पुरुषार्थ के बल पर आखिर रणजीतसिंह ने पहना कोहिनूर
* कैसे पुरुषार्थ करके एक बच्चा बना महान संत विनोबाजी भावे ?
* आप जो चाहें वह पा सकते हैं

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