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He Veer Aage Badho
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He Veer Aage Badho

डॉ. जे. मार्गन और दूसरे डॉक्टर लोग कहते हैं कि हिन्दुस्तान का ૐकार मंत्र बड़ा सफल है। ʹप्रणववादʹ ग्रंथ में ૐकार मंत्र से सम्बंधित 22 हजार श्लोकों का समावेश है। आपको मैं ૐकार का जप करने की रीति बताता हूँ। आपको पापनाशिनी ऊर्जा मिलेगी, आपके हृदय में भगवान का रस आयेगा। बच्चे-बच्चियों के परीक्षा में अच्छे अंक आयेंगे, यादशक्ति बढ़ेगी। उन्हें भगवान भी प्रेम करेंगे और लोग भी प्रेम करेंगे।

ૐकार मंत्र जपते समय पहले प्रतिज्ञा करनी होती हैः ʹૐकार मंत्र, गायत्री छंदः, भगवान नारायण ऋषि, अंतर्यामी परमात्मा देवता, अंतर्यामी प्रीत्यर्थे, परमात्मप्राप्ति अर्थे जपे विनियोगः।ʹ

कानों में उँगलियाँ डालकर लम्बा श्वास लो। जितना ज्यादा श्वास लोगे उतने फेफड़ों के बंद छिद्र खुलेंगे, रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ेगी। फिर श्वास रोककर कंठ में भगवान के पवित्र, सर्वकल्याणकारी ʹૐʹ का जप करो। मन में ʹप्रभु मेरे, मैं प्रभु काʹ बोलो, फिर मुँह बन्द रख के कंठ से ʹૐ....ૐ....ૐ.....ૐ....ૐ.....ૐ.....ૐ.....ૐ....ૐ....ૐ...ૐ....ओઽઽઽम्.....ʹ का उच्चारण करते हुए श्वास छोड़ो। इस प्रकार दस बार करो। फिर कानों से उँगलियाँ निकाल दो।

इतना करने के बाद बैठ गये। होठों से जपो - ʹૐૐ प्रभुजी ૐ, आनंद देवा ૐ, अंतर्यामी ૐ....ʹ दो मिनट करना है। फिर हृदय से जपो - ʹૐशांति....ૐआनंद...ૐૐ.... मैं प्रभु का, प्रभु मेरे....ʹ आनंद आयेगा, रस आयेगा। जब ૐकार मंत्र के जप का प्रयोग करो तो गौ-चंदन या गूगल धूप कर सको तो ठीक है नहीं तो ऐसे ही करो। विद्युत का कुचालक कम्बल, कारपेट आदि का आसन होना चाहिए। यह प्रयोग करो, तुम्हारे जीवन में चार चाँद यदि न लगें तो मेरी जिम्मेदारी !

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