भूखण्ड कि स्थिति एवं दिशा

भूखण्ड कि स्थिति एवं दिशा

सामान्यतः उत्तर एवं पूर्व दिशा की ओर मुखवाले प्लॉट शुभ होते हैं परंतु प्लाट की दिशा पर अधिक ध्यान न देते हुए भूखण्ड के मुख्यद्वार एवं उस पर बनने वाले भवन की स्थिति पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए।

भूखंड के दो या अधिक दिशाओं में सड़क का मापदण्डः
यदि किसी भूखण्ड के चारों और सड़क है तो वह अत्यन्त शुभ है।
किसी भूखण्ड के दो ओर सड़क होना भी शुभ है।
यदि भूखण्ड के उत्तर, पश्चिम या पूर्व में सड़क है तो वह शुभ है।

दक्षिण एवं पश्चिम में सड़क व्यापारियों के लिए अच्छी होती है।
दक्षिण और पूर्व में सड़क महिलाओं और महिलाओं के संगठन या संस्था के लिए उपयुक्त बतायी गयी है।
तीन तरफ सड़कवाले भवन अच्छा प्रभाव नहीं रखते। ऐसी दशा में चौथी सड़क अपने भूखण्ड में बनाना लाभदायक होता है अथवा एक सड़क की तरफ कोई द्वार न रखकर भी उचित प्रभाव लिया जा सकता है।

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