भूखण्ड में कुआँ या जल स्रोत

भूखण्ड में कुआँ या जल स्रोत

मकान का निर्माण कार्य प्रारम्भ करने से पूर्व प्लाट में कुआँ या टयूबवैल खुदवाना चाहिए।
यदि पूर्व में कुआँ खुदवाना हो तो वह प्लाट के पहले खण्ड के उत्तर की ओर खुदवाना चाहिए।
यदि उत्तर में खुदवाना हो तो पहले खण्ड के पूर्व की ओर खुदवाना चाहिए।
पश्चिम, दक्षिण, नैऋत्य में कुआँ अत्यन्त हानिकारक होता है।
उसी प्रकार वायव्य अथवा आग्नेय कोण में अथवा मध्य (ब्रह्मस्थान) में भी कुआँ अत्यन्त हानिकारक होता है।
कुआँ या टयूबवैल ईशान व नैऋत्य विकर्ण (Diagnol) पर नहीं होना चाहिए, वह हानिकारक होता है।

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