आन्तरिक सज्जा का वास्तु

टी.वी. पूर्व की दीवाल पर रखा जाना चाहिए।
गृहस्वामी या स्वामिनी को उत्तर या पूर्व की तरफ मुँह करके बैठना चाहिए।
वॉल युनिट एवं शो केस पूर्व या उत्तर की दीवाल पर लगाये जाने चाहिए।
गृहस्वामी की बैठक बीम के नीचे या दरवाजे के सामने नहीं होना चाहिए।
भोजन की टेबल सम (2,4,6....) लोगों के बैठने हेतु होना चाहिए।
भोजन की टेबल के ऊपर लेम्प शेड लगाया जाना चाहिए।
भोजन की टेबल या भोजन व्यवस्था कभी भी शौचालय के नीचे या ऊपर नहीं होना चाहिए।
पाकशाला भी शौचालय के नीचे या ऊपर नहीं होना चाहिए व कुकिंग रेंज एवं शौचालय की सीट एक ही दीवाल पर नहीं होना चाहिए।
घर में पूजा करते समय मुँह पूर्व दिशा में हो तथा देवता की तस्वीर का मुख पश्चिम दिशा में हो।
पूजा कक्ष में 9 इंच से ज्यादा बड़ी मूर्ति की पूजा नहीं की जानी चाहिए।
सोते समय सिर दक्षिण या पूर्व की तरफ रखा जाना चाहिए।
अल्मारियाँ पश्चिम दक्षिण की दीवाल पर लगाना चाहिए।
ड्रेसिंग टेबल पूर्व या उत्तर की दीवाल पर लगाना चाहिए। दर्पण केवल पूर्व या उत्तर की दीवार पर ही लगाना चाहिए।
शौचालय की सीट का उपयोग करते समय उत्तर की तरफ मुँह होना श्रेष्ठ है परंतु मुँह पूर्व व पश्चिम में नहीं होना चाहिए।
वॉश बेसिन व शावर (फुहारा) नहाने का नल पूर्व या उत्तर की दीवार पर होना चाहिए।
अध्ययन करते समय विद्यार्थियों का मुँह पूर्व में होना चाहिए तथा किताबों की अलमारी, रेक (शेल्फ) पश्चिम की दीवार पर होना चाहिए।
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