सफलता पाने के लिए विद्यार्थी क्या करें ?
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सफलता पाने के लिए विद्यार्थी क्या करें ?

सुबह नींद में से उठते ही क्या करना चाहिए ?

बल ही जीवन है, दुर्बलता मौत है और सब बलों का मूल स्थान आत्मा-परमात्मा है । इसलिए सुबह नींद में से उठ के किसका ध्यान करोगे ? आत्मा-परमात्मा का ।

सुबह नींद में से उठते ही थोड़ी देर चुप बैठो । फिर अंतर्यामी को कहना कि ‘अंतर्यामी ! हम तुम्हारे, तुम हमारे । तुम्हारी शक्ति से रात्रि को नींद आयी । अब हमारी सद्बुद्धि बढ़े, भक्ति बढ़े, हमारे उद्यम, साहस आदि बढ़ें ।’ ऐसा करके अपने हाथ मुँह पर घुमाकर भगवान व धरती को प्रणाम करके धरती पर पैर रखना चाहिए । अथवा सुबह नींद में से उठकर भू्रमध्य (दोनों भौंहों के मध्य) में ॐकार का, शिवजी का या अपने सद्गुरु का ध्यान करो । इससे बहुत चमत्कार होगा । आँखें बंद रहें, दबाव न पड़े । दबाव पड़ेगा तो आँखों में अथवा सिर में तकलीफ हो सकती है । जैसे भोजन करने में 25-30 मिनट लगते हैं लेकिन वह 8-10 घंटे पुष्टि देता है, ऐसे ही कुछ मिनट भृकुटी (भू्रमध्य) में ध्यान तुमको 10-12 घंटे सूझबूझ, प्रसन्नता पाने में बड़ी मदद करेगा । विचारशक्ति, निर्णयशक्ति और रोगप्रतिकारक शक्ति बढ़ाने में मदद करेगा, आनंद बना रहेगा । फिर जरा-जरा बात में राग-द्वेष नहीं सतायेगा, विरोधियों की अवहेलना, द्वेषी-ईर्ष्याखोरों की ईर्ष्या तुम पर हावी नहीं होगी । तुम्हारी सूझबूझ बढ़ जायेगी ।

क्या करें, क्या न करें ?

कई बच्चे-बच्चियाँ सुबह खाली पेट कॉफी या चाय पीते हैं । छी ! यह बहुत हानिकारक है । इससे आगे चल के ऊर्जा (धातु) की ग्रंथि कमजोर हो जाती है, अकाल बुढ़ापा और विस्मृति की तकलीफ होने लगती है । सुबह खाली पेट तुलसी के 5-7 पत्ते चबा के खा लें, फिर एक गिलास पानी इस तरह पियें कि तुलसी दाँतों के बीच न रह जाय । इससे कैंसर, जलोदर, भगंदर की बीमारी कभी नहीं होगी और यादशक्ति बढ़ेगी ।

स्नान हो तो ऐसे !

जल्दी-जल्दी नहाना या शुरू में पैरों में पानी डालना हानिकारक है, सिर पर डालना चाहिए । सिर को बराबर रगड़ के फिर जरा गर्दन को रगड़ लगा दी और दायें कान के पीछे हड्डी के उभरे हुए भाग पर जरा-सा उँगली से मल लिया, जिससे बुद्धिशक्ति और साहस में मदद मिलेगी ।

स्नान के बाद भ्रामरी प्राणायाम और सारस्वत्य मंत्र, गुरुमंत्र या भगवन्नाम का जप करो । सूर्यस्नान व सूर्यनमस्कार करने और सूर्य को अर्घ्य देने से शरीर तंदुरुस्त तथा बुद्धि विशेष विकसित होगी ।

परीक्षा के दिनों में क्या करें ?

जब परीक्षा के दिन आयें तो पढ़ने के पहले एक मिनट ध्यान में स्थिर हो जाओ । हाथों के अँगूठे के पासवाली पहली उँगली का अग्रभाग अँगूठे के अग्रभाग के नीचे स्पर्श कराओ व तीनों उँगलियाँ सीधी रखकर (ज्ञानमुद्रा में) दोनों हाथ घुटनों पर रखो । जीभ थोड़ी-सी (आधा सें.मी.) बाहर कर भगवान या सद्गुरु - जिनको भी मानते हो, उनके ध्यान में 1-2 मिनट बैठ जाओ । बुद्धि के मालिक देव सूर्यनारायण अथवा तो विद्या के दाता भगवान शिवजी, सरस्वती माता, सद्गुरु का सुमिरन कर पढ़ाई शुरू करो । पाठ्यपुस्तक पढ़ी, एक-आधा मिनट शांत हो गये । जो पढ़ा उस पर मन-ही-मन खूब गौर किया, विचार किया । इससे यादशक्ति बढ़ेगी । उस पाठ्यपुस्तक पर, उस विषय पर तुम्हारी बुद्धि को मिल जायेगी खुराक ।

परीक्षा में जाते समय क्या करें ?

परीक्षा को जाते समय थोड़ा दही और मिश्री या शक्कर मिलाकर बच्चों के हाथ पर खाने के लिए दें और माथे पर भ्रूमध्य में हो सके तो केसर अथवा हल्दी-चूने का मिश्रण या तुलसी की जड़ की मिट्टी का तिलक करें ।

परीक्षा के क्षणों में...

परीक्षा में वे ही नापास होते हैं जो प्रश्नपत्र देख के ‘कठिन है, मेरे को नहीं आयेगा ।’ ऐसा सोचकर डर जाते हैं । मन को हिम्मत दिलानी चाहिए । प्रश्नों के उत्तर लिखते समय क्या करना चाहिए पता है विद्यार्थियों को ? परीक्षा देते समय पहले प्रश्नपत्र के सारे प्रश्न पढ़ लेने चाहिए । फिर जो आपको सरल लगें उन प्रश्नों के उत्तर लिखना चालू करें । सरल-सरल प्रश्नों के उत्तर लिखने के बाद फिर जो कठिन लगें उन पर आ जायें और चिंतन करें, ‘कठिन-वठिन कुछ नहीं है । मैंने पढ़ा है । जो हमारी पाठ्यपुस्तक में है उसी पर आधारित प्रश्न हैं, कोई बाहर से नहीं हैं । हरि ॐ... हरि ॐ... मैं उद्यम करूँगा, साहस करूँगा, धीरज का उपयोग करूँगा... ।’ - ऐसा सोचें । फिर जहाँ तिलक करते हैं वहाँ स्पर्श करके भगवन्नाम का चिंतन किया, ‘ॐॐॐॐ विद्यां देहि । ॐॐॐ स्मृतिं देहि । ॐॐॐ साहसं देहि । ॐॐॐॐ साफल्यं देहि ।’ ऐसा किया । फिर कठिन का बाप भी हो, अब कठिन नहीं है । ज्ञानमुद्रा में जीभ आधा सें.मी. बाहर निकाल के आधा मिनट शांत हो गये । माँ सरस्वती को याद किया, भगवान शिव को, रामजी को, सद्गुरुदेव को... जिनमें श्रद्धा है उनको याद किया । ‘मेरी बुद्धिशक्ति का विकास हो, मुझसे जरूर कठिन प्रश्न सरल होंगे । हाँ, जरूर होंगे... ।’ ऐसा चिंतन करते हुए एक मिनट शांत हो गये । फिर यही दृढ़ संकल्प दोहरा के उत्तर लिखना चालू कर दो । कठिन क्या, कठिन का बाप भी तुम्हारे आगे सरल व सीधा हो जायेगा और अच्छे अंकों से पास हो जाओगे । करोगे न ?... उद्यम, साहस, धैर्य, बुद्धि, शक्ति, पराक्रम आदि विकसित हो जायेंगे । 

-पूज्य संत श्री आशारामजी बापू

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What should students do to excel in exams?

What needs to be done the moment you awake?

Strength is life; weakness is death. The original source of all forces is Atman, Supreme Self. So who would you meditate on after waking in the morning? ‘On Atman, Supreme Self.’

Sit silent for a while soon after you wake up. Then say to Antaryamin (the immanent form of God present in the heart), “O Antaryamin, I am Yours, and You are mine. By Your power I had sleep during the night. Now, bless me with good sense, devotion, industriousness, courage etc.” Saying so, you should move your hand on your face, salute God and mother earth, and then place your foot on the ground. Or on waking up from sleep in the morning, visualize the image of Omkara, Lord Shiva or your Guru in the eyebrow centre. It will prove miraculous in effect. Close your eyes gently without applying pressure otherwise it may cause problems in the eyes or head. Just as we eat our meals for 25-30 minutes but the energy we get from this meal gives nourishment for over 8-10 hours, similarly, few minutes of concentration of your mind on your eyebrow centre will help you get prudence and peace for 10-12 hours. It will increase your Vichar Shakti (Power of enquiry), Nirnaya Shakti (Power of ascertainment) and immunity. It will keep you blissful. You won’t be troubled by attachment and aversion in trivial matters. You will not be influenced by disrespectful behavior of your opponents and resentful behavior of people who are jealous of you. Your prudence will increase.

Dos and Don’ts

Many young children have tea or coffee on an empty stomach in the morning. It is very bad. It is very harmful. Eventually it weakens your glands that produce Dhatu (semen) which leads to premature old age and amnesia (loss of memory). Chew 5-7 tulsi (basil) leaves on an empty stomach in the morning and drink a glass of water after rinsing the mouth so that no tulsi particles are left in the gaps between the teeth. You will never suffer from cancer, ascites and fistula in anus. It will increase your memory.

How should you bathe?

What is the right way of bathing? Some children finish their bath hurriedly. It is harmful to take bath hurriedly or to pour water on the feet in the beginning. Water should be poured first on the head. Rub your head well and then rub the neck and then gently rub your finger on the bony
region behind your ears for a while. This helps to increase your power of intellect and makes you courageous. After having the bath perform Bhramari Pranayama; do japa of the Saraswatya Mantra, Guru Mantra or divine Name. Sun bath, Surya Namaskar (Sun salutation) and offering oblation of water to the Sun god will keep you in sound health and develop your intellect.

How to prepare for exams?

When exams are approaching, meditate for one minute before reading. Fold the index fingers so that their tips touch the inside root of the thumbs. Straighten the other three fingers. Place both hands on the knees as in Jnana Mudra. Protrude the tongue a bit and get absorbed in the meditation on God or SatGuru whoever you believe in for 1-2 minutes. Remember Sun god -the Lord of intellect, or Lord Shiva -the Giver of knowledge, or Mother Saraswati or Guru, and start your study. Be quiet for about 30-60 seconds after reading the text book. Ponder over what you have read. By doing so, your memory increases. Your intellect will get food on that topic of the text book.

What to do while going for exams?

Give a little mixture of curd and sugar candy in the palms of children for eating when they go for exams; and then apply a tilak on their forehead at the centre between the eyebrows with saffron or a mixture of turmeric powder and lime or soil from around a tulsi plant.

What to do while writing the exams?

Only those students fail in exams, who on seeing the question paper become nervous thinking: ‘this is difficult; I won’t be able to write the answers.’ You should embolden your mind. Do students know what to do while writing answers to the questions? First of all, while taking an exam, read all the questions given in the question paper. Then start writing answers to the questions that appear to be easy. After writing answers to easy questions come to the tough question. Then think: ‘There is nothing difficult for me. I have read my textbook. These questions are based on my textbook; not extracurricular. ‘Hari Om… Hari Om… I shall become industrious, courageous. I shall persevere.’ Think thus and then touch the eyebrow centre with your finger and repeat the divine Name. “Om Om Om Om… Give knowledge to me. Om Om Om Om… Give memory to me. Om Om Om Om… Give courage to me. Om Om Om Om… Give success to me.” Do this. Now even the toughest question is not tough. Sit in Jnana mudra, protrude the tongue about .5 cm out of the mouth and be calm for 30 seconds. Remember Goddess Saraswati, Lord Shiva, Lord Rama, your Guru, whoever you have faith in. “May my power of intelligence develop. I will solve tough questions easily. Yes, I will definitely solve them.” Think like this, be calm for one minute. Then repeat this firm resolve and start to write the answers. Not only tough but even tougher questions will become simple for you and you will pass securing good marks. Will you do it? Your industriousness, courage, fortitude, intelligence, strength and valour will increase.


[ ऋषि प्रसाद अंक - 291 ]


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