अनेक रोगों में लाभकारी स्वास्थ्यप्रदायक कलौंजी

अनेक रोगों में लाभकारी स्वास्थ्यप्रदायक कलौंजी

कलौंजी पोषक तत्त्वों से भरपूर बेहद उपयोगी व सुगंधित मसाला है, जिसके दाने काले रंग के होते हैं ।

यह भोजन का पाचन करनेवाली, भूखवर्धक, वायुशामक, कृमि व दुर्गंध नाशक, कफ-निस्सारक, दर्दनाशक तथा गर्भाशय संकोचक-शुद्धिकर है । यह सूजन को कम करती है । यह हृदय व नेत्र रोगों, कैंसर, मधुमेह, पथरी, रूसी, कृमि, बुखार आदि बीमारियों में उपयोगी है । प्रतिदिन सुबह बासी मुँह 5-7 कलौंजी के दानों को शहद के पानी (1 चम्मच शहद को आधा कप गुनगुने पानी में मिलायें) के साथ पीने से यकृत (लीवर) में नयी कोशिकाएँ बनती हैं एवं वह मजबूत हो जाता है । शरीर की कई समस्याएँ दूर होती हैं, स्वास्थ्य बढ़िया रहता है ।

प्रसूति के बाद कलौंजी का उपयोग

प्रसूता को कलौंजी खिलाने से उसके गर्भाशय की शुद्धि होती है, दूध की शुद्धि व वृद्धि होती है, पाचन ठीक रहता है, भूख बढ़ जाती है तथा स्वास्थ्य अच्छा हो जाता है । प्रसूता को प्रसूति-ज्वर, कमरदर्द भी नहीं हो पाता । कलौंजी को उबालकर पीने से प्रसूता के गर्भ की तकलीफें दूर होती हैं ।

प्रसूता हेतु सेवन-विधि :

(1) कलौंजी, अजवायन तथा मेथीदानों को समान मात्रा में मिला के 3-4 ग्राम मिश्रण प्रतिदिन सुबह गुनगुने पानी के साथ लें ।

(2) 4-5 ग्राम कलौंजी को पानी में उबाल के छानकर भी पी सकते हैं ।

अन्य औषधीय प्रयोग

सर्दी-जुकाम, सिरदर्द : इसके बीजों को सेंककर कपड़े में लपेट के सूँघें ।

दमा, पसलियोें में दर्द व कष्टार्तव : 2-2 ग्राम कलौंजी दिन में तीन बार गुनगुने पानी से लें । इससे मासिक धर्म भी बिना कष्ट के खुलकर हो जाता है और खाँसी में भी लाभ होता है ।

गठिया व कमरदर्द : उपरोक्त ‘प्रसूता हेतु सेवन-विधि (1)’ करें तथा कलौंजी को पीस के इसकी लुगदी दर्द के स्थान पर लगायें या इसके तेल की मालिश करें ।

कलौंजी का तेल

कलौंजी का सुगंधित तेल जीवाणुनाशक होता है । यह मिर्गी, लकवा, दिमागी कमजोरी में लाभदायक है । जोड़ों अथवा कमर व सिर में दर्द होने पर कलौंजी का तेल लगाने से लाभ होता है । यह बालों को झड़ने से रोकता है, इससे रूसी दूर होती है व बाल मुलायम रहते हैं । बच्चों को पेटदर्द आदि समस्या होने पर इस तेल की 2-2 बूँदें पिलाने से लाभ होता है । बड़े 4-4 बूँदें ले सकते हैं ।

कलौंजी का असली तेल उपलब्ध न हो तो थोड़ी-सी कलौंजी को तवे पर भूनकर उन्हें जैतून के तेल में डाल के 1 सप्ताह के लिए रख दें, इससे कलौंजी के गुण उस तेल में आ जाते हैं ।

सावधानी : अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में गर्मी बढ़ जाती है । गर्भवती स्त्रियाँ इसका सेवन न करें । लम्बे समय तक लगातार इसका सेवन न करें ।

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Wholesome Black Cumin helps in many diseases

Black cumin (Nigella sativa) is a flavoring spice. Its grains are black, rich in nutrients and highly useful. It is a digestant, appetiser, pacifier of Vata, anthelmintic, remover of foul odour, cough expectorant, analgesic, emmenagogue (stimulate uterine contraction) and uterus cleansing. It reduces inflammation. It helps in heart disease, eye disease, cancer, diabetes, stones, dandruff, worm infestation, fever etc. Taking 5-7 grains of black cumin with honeyed water (mix one spoonful of honey with ½ cup of lukewarm water) in the morning before brushing teeth everyday increases liver cells and thereby strengthens the liver. It eradicates many physical problems and improves health.

Puerperal use of black cumin

Consumption of black cumin by the mother after childbirth cleanses her uterus, promotes lactation, and purifies her milk. It improves her digestion, increases appetite and restores health. It prevents puerperal fever and backache. Taking decoction of black cumin eradicates uterine problems.

Method of consumption for the mother after childbirth

(1) Take 3-4 gm. mixture of equal quantities of black cumin, Ajowan (carum copticum) and fenugreek seeds with lukewarm water in the morning.

(2) Boil 4-5 gm. Grains of Black cumin in water. Strain and drink it when it becomes cool.

Other medicinal uses

Colds, rhinitis and headache: Roast black cumin seeds, pack in a cloth and smell it.

Asthma, pain in ribs and dysmenorrhea: Take 2 gm. Black cumin with lukewarm water three times a day. It helps in dysmenorrhea for pain relief and smooth menstrual flow. It helps also in cough.

Rheumatism and backache: Take it as mentioned in the method of consumption for the mother after childbirth (1), and apply the paste of powdered black cumin on the painful lesion or massage with black cumin oil.

Skin disorders: Mix powdered black cumin with coconut oil to make a paste and apply it on the skin.

Skin blemishes on face: Mix black cumin oil with olive oil and apply it on the face. Wash after some time. It removes skin blemishes on the face.

Black cumin oil

Flavored oil of black cumin is antiseptic. It helps in hysteria, paralysis and nervous debility. Local application of black cumin oil helps in joint pain, backache and headache. It prevents loss of hair, removes dandruff and makes the hair soft. It helps in abdominal colic in children. Give two drops to children and 4 drops to adults.

If black cumin oil is not available, roast some black cumin in an iron pan and then add it to olive oil. Keep it for one week. It will have medicinal properties of black cumin oil. 

Caution: Consumption in higher dose increases heat in the body. Pregnant women should not consume it. Others should not consume it for long time continuously.

"Rishi Prasad Issue-290"


 

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