Admin

वीर्य-उत्पादक योग :

 वीर्य-उत्पादक योग :


(१) शुद्ध कोंच के बीज, विदारीकन्द, गोखरू, शतावरी, अश्वगंधाम प्रत्येक १००-१०० ग्राम, जायफल, छोटी इलायची, पिप्पली प्रत्येक २० ग्राम तथा शुद्ध बंगभस्म १२० ग्राम-इन सभीको अलग-अलग पीसकर अच्छी तरह मिला के काँच की बरनी में रख लें | सुबह ३ ग्राम मिश्रण ८-१० बूंद बड़ का दूध मिला के दूध के साथ सेवन करें |
(२) शुद्ध बंगभस्म १ रत्ती (१२० मी. ग्रा. %) सुबह घी के साथ लें और ऊपर से दूध पी लें | यह प्रयोग ४०-६० दिनों तक करने व ब्रह्मचर्य का पालन करने से शुक्राणुओं की वृद्धि होगी | इससे नपुंसकता में भी लाभ होता है |

- Rishi Prasad Jan' 2012

 
Previous Article कोलेस्ट्रोल कण्ट्रोल
Print
6437 Rate this article:
3.7

Please login or register to post comments.

Name:
Email:
Subject:
Message:
x