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हिमालय में अनुष्ठान का अवसर- टिहरी आश्रम

हिमालय में अनुष्ठान का अवसर- टिहरी आश्रम

🕉 आपका स्वागत हैं ।🕉💐💐💐🌹💐💐💐
ध्यान से ऋषि-प्रसाद का अध्ययन करते रहिए।
गुरु के दिव्य-ज्ञान से जीवन को बदलते रहिए।
कल पर ही टालते रहोगे तो रह जाओगे,
आज से ही हिमालय(मे साधना)की राह पर चलते रहिए

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आपके पावन हिमालय में आपका स्वागत हैं ।
आपके नंदनवन मे आपका स्वागत हैं ।
आपके शिवालिक परवत श्रृंखला पर आपका स्वागत हैं ।
आपके पर्यटन नगरी (नई टिहरी)मे आपका स्वागत हैं ।
आपके सपनों के लोक मे आपका स्वागत हैं ।
आपके आंतरिक साधना के जगत मे आपका स्वागत हैं ।
हमारे गुरूदेव के पावन धाम में सबका स्वागत हैं ।
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हिमालय मे गुरु-कृपा एवं योग-साधना के बल पर क्या आप ! अपना मुकद्दर संवारने के इच्छुक हैं ?
यदि हाँ ! तो संपर्क करें: 09411185589,07248196838,01376-232959 E-mail id: Sheetnagrihimalya@gmail. com
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हे मार्ग के मित्र ! सदा याद रहे ,नंदनवन, नई टिहरी के पिरामिड में ध्यान करना नहीं पडता, होने लगता हैं ।
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प्रिय मित्रों ! एक गुरुभक्त यदि कुछ कर गुजरने की ठान ले तो उसके लिए असम्भव कुछ नहीं होता । हिमालय के हृदय मे स्थित नंदनवन(टिहरी आश्रम)मे अनुष्ठान करने के दृढ़-संकल्प के साथ अपनी संकीर्ण मान्यताओं को,दुरबल विचार धाराओ को त्यागकर वीरों की तरह आगे बढो ओर इन मैदानी प्रान्तो को लांघकर शिवालिक परवत श्रृंखला मे 6400 फिट की ऊंचाई पर योग-साधना हेतु पहुँच जाओ। सांसारिक मोह-माया,विघ्न-बाधाएं हमारा मार्ग नहीं रोक सकती। वीर भोग्या वसुंधराः। साधना का मार्ग वीरों का मार्ग हैं, कायरो का नहीं ।
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हार मत कर विचार, कर प्रयास हार मत
नाम जप एवं प्रार्थना से ,तू उसे सदा पुकार
जीवन के दुःख मिटा देंगे, वे तारणहार
नंदनवन मे साधना से,तू बना जीवन की यादगार
टिहरी आश्रम से ही, चारों धामो को कर तू नमस्कार
हार मत कर विचार, कर प्रयास हार मत
भिलंगाना,भागीरथी को,यही से तू निहार
स्वर्ग से भी सुंदर हैं, हमारा गुरु-दरबार
शिवालिक परवत श्रृंखला को देख तू बारम्बार
एशिया की सबसे बडी झील को,अपनी नजरों मे उतार
हार मत कर विचार, कर प्रयास हार मत
दुसरे भक्तों को टिहरी लाकर, बहा प्रेम की अविरल धार
गुरु-कृपा से हो जाएगा, तू भव-सागर से पार
संदेश गुरु का पाकर, मन मे बसा लो यह विचार
हिमालय मे साधना से,खुल जायेंगे प्रेम-आनंद के भण्डार
हार मत कर विचार, कर प्रयास हार मत......
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बालपन सब खेल घुमायो,तरूपन मे पिडे काम,वृद्धत्व मे अंग कम्पन लागे,आखिर मौत निशान ! कब सुमिरोगे राम ? साधो!कब सुमिरोगे राम ?

वृद्धावस्था आने से पहले ही

क्या आपने!पावन हिमालय में योग-साधना का विचार बना लिया हैं?.........

👆निर्णय आपके हाथ में हैं।
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नोटः (1)अनुष्ठान हेतु नई टिहरी आने के कम से कम दो दिन पहले ही फोन पर संपर्क करना अनिवार्य हैं।
(2) नंदनवन नई टिहरी आश्रम,में केवल भाई यो के लिए आवास, भोजन आदि सारी व्यवस्थाए की गई हैं।
(3) अप्रैल से जून तक यहाँ का तापमान लगभग 15℃ से 25℃ होता हैं।
(4) नई टिहरी की समुद्रतल से ऊचाई 6400 फिट हैं।
(5) देहरादून से नई टिहरी की दूरी 110 कि. मी. हैं।
हरिद्वार से ऋषिकेश की दुरी 20 कि.मी.हैं।
ऋषिकेश से नई टिहरी की दुरी 80 कि.मी. हैं।
(6) ऋषिकेश बस स्टेशन से सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बसों की सुविधा उपलब्ध हैं जो मात्र 3 घंटे मे ही नई टिहरी पहुंचा देती हैं 
(7) नई टिहरी बस स्टेशन से पहले ही हनुमान चौक आता हैं, हनुमान चौक के पास मे ही अपना आश्रम हैं। नोट: आने वाले श्रद्धालु हनुमान चौक पर ही उतरे ।
(8) दिल्ली आई.एस. बी.टी. काश्मिरी गेट(बस स्टेशन)से रोज रात्रि 9:30 बजे बस रवाना होती हैं जो सुबह 5 बजे हनुमान चौक ,नई टिहरी पहुंचा देतीं हैं।


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तकदीर मे जो लिखा हैं उसकी फरियाद ना कर,
गुजरी हुई जिन्दगी को कभी याद ना कर,
तेरा अनुष्ठान गंगा किनारे ही होगा,
तू व्यर्थ की चिंता मे अपना समय बारबाद ना कर ।
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माँ-गंगा के किनारे पर बने हरिद्वार आश्रम मे माताओं, बहनों के लिए अनुष्ठान की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
यहाँ पर वे 7 से लेकर 90 दिन तक (7,15,40 या 90 दिन)अपने समय एवं सुविधा के अनुसार अप्रैल से 30 जून तक अनुष्ठान साधना का लाभ अर्जित कर सकते हैं ।
नोट:हरिद्वार आश्रम मे भाई भी अनुष्ठान कर सकते हैं।
संपर्क: 09359508387,09368816952,09319386323.
🌻हरी ओम ।🌼
Previous Article ’चलें स्व की ओर’ जप-महिला अनुष्ठान शिविर 25-29 May 2017
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