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परमात्मप्राप्ति में नियमो का पालन जरुरी है कि सिर्फ परमात्मा के प्रति तड़प बढ़ाने से ही परमात्मप्राप्ति हो सकती है ?

पूज्य बापूजी :- परमात्मप्राप्ति के लिए नियम बनाएंगे तभी तड़प होगी, तड़प होगी तभी मिलेंगे। परमात्मप्राप्ति की तड़प है और जैसा तैसा खाया, मासिक धर्म वाली स्त्री के हाथ का बनाया हुआ खाया, फिल्में देखी, जो मन में आया वो कर लिया तो यह बेवकूफी की बात है। जितना आहार-व्यवहार शुद्ध होगा उतनी उन्नति होगी। परमात्मप्राप्ति के उद्देश्य वाले और किसी चीज को महत्त्व नही देते। 
Previous Article पूज्य बापूजी ! ईश्वरप्राप्ति हमारा लक्ष्य है लेकिन व्यवहार में हम भूल जाते है और भटक जाते है। कृपया व्यवहार में भी अपने लक्ष्य को सदैव याद रखने की युक्ति बताये।
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Anusthan ke baad fir se patan kyon ? ( अनुष्ठान के बाद फिर से पतन क्यों ?) |

जिसको भी भगवान के विषय में ज्ञान पाना हो तो ‘नारायण स्तुति‘ पढ़े और फिर थोडा चुप रहे | ये जीभ तालू में लगा के पढ़े ..... भगवान कैसे है ये याद करते करते ह्रदय में भगवान का रस प्रगट हो जायेगा | भगवान का ज्ञान, भगवान का आनंद भगवान प्रगट हो जाते है | जैसे अच्छी चीज की अच्छाई सुनते सुनते ह्रदय अच्छा हो जाता है | तो बुराई सुनते सुनते बुरा हो जाता है | तो भगवान से बढकर कोई अच्छा है क्या ? 

भगवान कैसे है वेद में, भागवत में, उपनिषदों में अथवा जिनको भगवान मिले तो उन्होंने भगवान के विषय में जो बताया कि भगवान ऐसे है ये सब ग्रंथो में से निकालकर हमने एक छोटी पुस्तक बना दिया ‘नारायण स्तुति’ आश्रम से छपाया |
  • इश्वर की और 
  • मन को सीख 
  • निर्भय नाद 
  • जीवन रसायन 
  • दैवी सम्पदा 
  • आत्मयोग 
  • साधना में सफलता 
  • अलख की ओर
  • सहज साधना 
  • शीघ्र इश्वरप्राप्ति 
  • इष्टसिद्धि 
  • जीते जी मुक्ति 
  • ब्रह्मरामायण
  • सामर्थ्य स्त्रोत 
  • मुक्ति का सहज मार्ग 
  • आत्मगुंजन 
  • परम तप 
  • समता साम्राज्य 
  • अनन्य योग 
  • श्री योग वाशिष्ठ महारामायण 
Self realization in 6 months Bapuji 

साधना विधि