Shri Asharamayan Path

Shri Asharamayan

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श्री आशारामायण

Hindi

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Shri Asharamayan

English

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શ્રી આસારામાયણ

Gujarati

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श्रीआशारामायण

Marathi

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श्रीआशारामायण

Sindhi

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ਸ਼੍ਰੀ ਆਸਾਰਾਮਾਯਣ

Punjabi

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ଶ୍ରୀଆସାରାମାଯଣ

Oriya

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শ্রী আসারামাযণ

Bengali

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శ్రీ ఆసారమయన

Telugu

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ಶ್ರೀ ಆಸಾರಾಮಾಯಣ

Kannada

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ശ്രീ ആസാരാമായണ

Malayalam

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ஸ்ரீ ஆஸாராமாயண

Tamil

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Shri Asharamayan Yogleela Video

A Musical Shri Asharamayanji

Shri Asharamayan Anushthan

श्री आशारामायण अनुष्ठान विधि 

जहाँ पर अनुष्ठान करना हो, वहाँ ईशान कोण ( पूर्व व उत्तर के बीच की दिशा) में तुलसी का पौधा रखें । पाँच चीजों (गोमूत्र , हल्दी, कुमकुम, गंगाजल, शुद्ध इत्र या शुद्ध गुलाबजल) से पूर्व या उत्तर की दीवार पर समान लम्बाई - चौड़ाई का स्वस्तिक चिन्ह बनाये तथा उसके बाजू में पूज्य बापू जी की तस्वीर रख दें। फिर जमीन पर सफ़ेद या केसरी रंग का नया , पतला कपड़ा बिछाकर उसके ऊपर गेहूँ के दानों से स्वस्तिक बना कर उस पर पानी का लोटा रख दें । लोटे के ऊपरी भाग में आम के पत्ते रखें व उन पर नारियल रख दें । उसके बाद तिलक करके ' ॐ गं गणपतये नमः ' मंत्र बोलते हुए , जिस उद्देश्य से अनुष्ठान करना है उसका संकल्प करें । फिर श्वास भरकर रोकें और महा मृत्युंजय मंत्र या गायत्री मंत्र का तीन बार जप करें तथा मन में संकल्प दोहराएँ कि 'म���रा अमुक कार्य अवश्य पूर्ण होगा ।' ऐसा तीन बार करें । अनुष्ठान जितने भी दिन में पूर्ण करना हो उनमें प्रत्येक सत्र (बैठक) में यह मंत्र व संकल्प दोहराना है । प्रतिदिन निश्चित संख्या में पाठ करें । अनुष्ठान के समय धूप करें तथा दीपक जलता रहे ।अनुष्ठान की समाप्ति पर लोटे का जल तुलसी की जड़ में डाल दें । गेहूँ के दाने पक्षियों कोे डालें , नारियल प्रसाद रूप में बाँट दें या बहती जल में प्रवाहित कर दें । गुरुमंत्र के जप से १०८ आहुतियाँ दे कर हवन कर लें तथा एक या तीन अथवा पाँच -सात कन्याओं को भोजन करायें । दृढ श्रद्धा -विश्वास , संयम तथा तत्परता पूर्वक इस विधि से अनुष्ठान करने वालो की मनोकामना पूर्ण होने में मदद मिलती है ।