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Divya Prerna Prakash

Youvan Suraksha-2

Apne Rakshak Aap


Photoनारी तू नारायणी


ब्रह्मचर्य रक्षा हेतु मंत्र

एक कटोरी दूध में निहारते हुए इस मंत्र का इक्कीस बार जप करें तदपश्चात उस दूध को पी लें, ब्रह्मचर्य रक्षा में सहायता मिलती है यह मंत्र सदैव मन में धारण करने योग्य है :

 

ॐ नमो भगवते महाबले पराक्रमाय

मनोभिलाषितं मनः स्तंभ कुरु कुरु स्वाहा |


ॐ अर्यमाय नमः’ ये मन्त्र जपने से ब्रम्हचर्य पालने में मदद मिलती है

जब कभी भी आपके मन में अशुद्ध विचारों के साथ किसी स्त्री के स्वरूप की कल्पना उठे तो आप ॐ दुर्गा देव्यै नमः मंत्र का बार-बार उच्चारण करें और मानसिक प्रणाम करें |”

-शिवानंदजी


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Brahmcharya Mahima

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ब्रह्मचर्य का अर्थ
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ब्रह्मचर्य का अर्थ

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