बापूजी प्रणाम , बापूजी मेरा मन सत्संग में बहुत लगता है | हम आपका सत्संग हमेशा सुनते हैं | लेकिन बापूजी कभी-कभी मन बहुत गलत ओर चला जाता है |
हाँ तो कभी-कभी चला जाता है | जाता है तो .... "ॐ ॐ हरि ॐ जा कहाँ जाता है उसको दखने वाला मेरा प्रभु तो है तू जाता है तो जा" .....अपने आप बैठ जायेगा |
मन गलत जगह चला जाता है