पूज्य नीय बापूजी,
मुझे जो हैं सुबह जो मैं माला करता हूँ, तो मुझे फिर माला करते-करते नींद आ जाती है, और फिर मैं सो जाता हूँ, फिर जो है वो फिर याद पड़ता है तो फिर माला जो हैं करने के लिए फिर जो हैं शुरू करता हूँ|
बापूजी:अच्छा आप नींद कम करते हैं इसीलिए नींद आती हैं? रात को कितने घंटे सोते हैं?
साधक:रात को जो हैं मैं करीबन १२ बजे करीब सोता हूँ|
बापूजी:और कब उठते हो?
साधक:और सुबह जो है ६ बजे उठ जाता हूँ|
बापूजी:फिर तो नींद तो पर्याप्त हैं| फिर भी माला करते-करते नींद आती है तो चलते-चलते माला करो| उस समय भी नींद आये तो श्वांस लेकर रोको और जप करो फिर भी नींद आये तो ॐ ॐ ॐ(गरदन आगे- पीछे करते हुऐ )...दो बार ऐसा करो| उससे फायदा होगा | अब नींद आती है कि मन शांत होता है वो देख लेना| मन शांत हो जाए तो भी माला रुक जाती है और आलस्य में जाता हैं तो भी माला रुक जाती है| नींद के बाद क्या आनंद रहता है? शांति रहती है?
साधक:जी बापू
बापूजी:तो चिंता की बात नही हैं | नींद आ जाये अह हह... तो तमस हैं तो खतरा है| ठीक है| हरि ॐ|
माला करते-करते नींद आती है