बापू के साधक सड़कों पर प्रदर्शन करने नहीं उतरे, आखिर क्यों? Created by host on 11/20/2008 6:00:40 PM नई दिल्ली (प्रेस की ताकत)- पिछले 1 माह से अमदावाद में बापू पर तोहमत लगाने का प्रकरण चल रहा है । संत आसारामजी बापू के पोस्टर फाड़े गये, पोस्टरों को आग लगायी गयी, पोस्टरों को जूतों से पीटा गया, आसारामजी बापू के विरुद्ध नारे लगाये गये । मीडिया बढ़-चढ कर बापू के विरुद्ध खुलकर बोला । कभी आसारामजी बापू पर तांत्रिक होने के आरोप लगे तो कभी छिंदवाड़ा में मरे बच्चों के माँ-बाप का अपहरण करने का आरोप.... परंतु आसारामजी बापू के देश-विदेश में बैठे करोड़ों साधक चुप बैठे रहे, आखिर क्यों?
नई दिल्ली (प्रेस की ताकत)- पिछले 1 माह से अमदावाद में बापू पर तोहमत लगाने का प्रकरण चल रहा है । संत आसारामजी बापू के पोस्टर फाड़े गये, पोस्टरों को आग लगायी गयी, पोस्टरों को जूतों से पीटा गया, आसारामजी बापू के विरुद्ध नारे लगाये गये । मीडिया बढ़-चढ कर बापू के विरुद्ध खुलकर बोला । कभी आसारामजी बापू पर तांत्रिक होने के आरोप लगे तो कभी छिंदवाड़ा में मरे बच्चों के माँ-बाप का अपहरण करने का आरोप.... परंतु आसारामजी बापू के देश-विदेश में बैठे करोड़ों साधक चुप बैठे रहे, आखिर क्यों?
उनके चुप बैठने की बात गले नहीं उतरती । यहाँ पर एक बात और विशेष तौर वर्णनीय है कि आसारामजी बापू ने यहाँ तक कह दिया कि 'मेरा कोई भी समर्पित शिष्य तांत्रिक प्रयोग नहीं कर सकता । यदि ऐसा साबित हुआ कि मेरे किसी भी समर्पित शिष्य ने तांत्रिक प्रयोग कर अमदावाद गुरुकुल के बच्चों की जान ली है तो मैं खुद फाँसी पर चढ़ने को तैयार हूँ ।' आखिर क्यों विश्वास है बापू को अपने समर्पित शिष्यों पर? इस बारे में संत आसारामजी बापू का कहना है कि "मैं अपने शिष्यों को धर्म की राह पर, आध्यात्मिकता की राह पर, परमात्मा की राह चलना सिखाता हूँ और जो परमात्मा की, धर्म की, आध्यात्मिकता की राह पर एक बार चल पड़ते हैं उन्हें तांत्रिक प्रयोग की आवश्यकता ही नहीं रहती क्योंकि तंत्र तो बहुत ही छोटी चीज है । मेरे साधक के मन में तो ऐसा विचार भी नहीं आ सकता ।'
दूसरी बात, यहाँ पर यह भी प्रश्न उठता है कि इतना हो-हल्ला होने पर भी बापू के साधक कभी सड़कों पर नहीं उतरे, आखिर क्यों?
बापू इस बारे में कहते हैं कि 'यह शांति रखने का समय है । पुलिस अपना कार्य कर रही है। अंततः पुलिस सच्चाई को सामने ले ही आयेगी ।'