Welcome to Ashram.org | Login | Register
Jap-Dhyan Tithi

 

जप-ध्यान-तिथि

 

सोमवती अमावस्या
 

गरीबी - दरिद्रता मिटाने के लिए 

सोमवती अमावस्या के दिन 108 बार अगर तुलसी की परिक्रमा करते हो, ओंकार का थोड़ा जप करते हो, सूर्य नारायण को अर्घ्य देते हो; यह सब साथ में करो तो अच्छा है, नहीं तो खाली तुलसी को 108 बार प्रदक्षिणा करने से तुम्हारे घर से दरिद्रता भाग जाएगी l 

 

 

    

 

रविवार को सप्तमी  -

इन तिथियों पर जप/ध्यान करने का वैसा ही हजारों गुना फल होता है जैसा की सूर्य/चन्द्र ग्रहण में जप/ध्यान करने से होता है

घातक बीमारी दूर करने के लिए :  

रविवार सप्तमी के दिन अगर कोई नमक मिर्च बिना का भोजन करे और सूर्य भगवान की पूजा करे , तो उस घटक बीमारियाँ दूर हो सकती हैं , अगर बीमार व्यक्ति न कर सकता हो तो कोई ओर बीमार व्यक्ति के  लिए यह व्रत करे |

  


सूर्य पूजन विधि  :

 

 

 

१) सूर्य भगवान को तिल के तेल का दिया जला कर दिखाएँ , आरती करें |

२) जल में थोड़े चावल ,शक्कर , गुड , लाल फूल या लाल कुमकुम मिला कर सूर्य भगवान को अर्घ्य दें |

 

 

सूर्य अर्घ्य मंत्र :

 

1. ॐ मित्राय नमः।

2. ॐ रवये नमः।

3. ॐ सूर्याय नमः।

4. ॐ भानवे नमः।

5. ॐ खगाय नमः।

6. ॐ पूष्णे नमः।

7. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः।

8. ॐ मरीचये नमः।

9. ॐ आदित्याय नमः।

10. ॐ सवित्रे नमः।

11. ॐ  अर्काय नमः।

12. ॐ भास्कराय नमः।

            13. ॐ श्रीसवितृ-सूर्यनारायणाय नमः।

 

 

 

इन तिथियों पर जप/ध्यान करने का वैसा ही हजारों गुना फल होता है जैसा की सूर्य/चन्द्र ग्रहण में जप/ध्यान करने से होता है:

 

 

 

 मंगलवार की चतुर्थी

21 अगस्त 2012 - दोपहर 2:42 तक

 

 

 

 

 बुधवार की अष्टमी   - 

29 फरवरी 2012 (शाम ५:४२ से सूर्योदय तक )

14 मार्च 2012  (शाम ७:४४ से सूर्योदय तक )



इन तिथियों पर जप/ध्यान का फल ग्रहण के समय किये ही जप/ध्यान के सामान होता है. इसलिए हमें इन तिथियों पर जादा जप करना चाहिए, जिस से हमें थोडे में ही जादा लाभ मिले

 

 

  
Contact Us | Legal Disclaimer | Copyright 2013 by Shri Yoga Vedanta Ashram. All rights reserved.
This site is best viewed with Microsoft Internet Explorer 5.5 or higher under screen resolution 1024 x 768