


'आज तक' द्वारा किये गये
तथाकथित स्टिंग ऑपरेशन की वास्तविकता
दिनांक 10 d 11 सितम्बर 2010 को 'आज तक' चैनल द्वारा स्टिंग ऑपरेशन के नाम पर संत श्री आसारामजी बापू पर कीचड़ उछालने का जो कुप्रयास किया गया, वह हिन्दुओं की धार्मिक आस्था को तोड़ने के लिए निहित स्वार्थियों द्वारा रचा गया एक झूठा नाटक था । काफी लम्बे समय तक चले इस टी.वी. शो में बापूजी पर जो भी आरोप लगाये गये, वे स्टिंग ऑपरेशन के एंकर ने नाटकीय अंदाज में अपने ही मुँह से कहे हैं । 'कैमरा सच बोलता है।'- का राग आलापनेवाले सज्जन ने कैमरे को कहीं सच बोलने ही नहीं दिया, खुद ही उस पर हावी हो गये । आइये, स्टिंग ऑपरेशन का पोस्टमार्टम कर इसकी सत्यता की परीक्षा करें ः
(1) 'हम वैदिक इंस्टीटयूट खोलना चाहते हैं । और संत तो फीस लेते हैं, टिकट रखते हैं, आप कुछ लेते नहीं, निःस्वार्थ सेवा करते हैं इसलिए हम आपके पास आये हैं । आपको 70 करोड़ अर्पण करना चाहते हैं ।' - ऐसा कहकर इन्होंने बापूजी को दो नम्बर के धन की ऑफर की । तब बापूजी ने जो उत्तर दिया उसे इनके कैमरे ने क्यों नहीं दिखाया ? क्योंकि पूज्य बापूजी ने दो नम्बर का हो चाहे एक नम्बर का, किसी भी प्रकार का धन लेने से साफ इन्कार कर दियाथा । उलटा बापूजी ने कहा था कि 'यदि संस्था खोलके सेवा करनी है तो हम दूसरे के पैसे से क्यों करेंगे ? हम तो अपने से ही सेवा करेंगे, कर ही रहे हैं, कितने गुरुकुल चल रहे हैं और भी खुलेंगे । हमें नहीं चाहिए पैसे !' 70 करोड़ अर्पण करने की बात करते-करते उनका दम निकल गया लेकिन बापूजी ने कहा कि 'हमें आपके 70 करोड़ तो क्या 70 पैसे भी नहीं चाहिए ।' वह ये लोग क्यों नहीं दिखाते? इन आगे की बातों को उड़ा दिया गया । कितने ही गरीब-गुरबों के लिए 'भजन करो, भोजन करो, दक्षिणा लो।'- इस योजना के अंतर्गत जपयज्ञ चलते हैं, सैकड़ों गरीबों को सीधा-सामान बाँटते हैं, हजारों गायों की सेवा चलती है । जैसे दैवी कार्य बापू ने किये हैं, वैसे किसीने सुने नहीं हैं । जहाँ सुमति और करकसर होती है, वहाँ तुम्हारे दो नम्बर के पैसे तो क्या एक नम्बरवालों का भी रुपया जरूरी नहीं होता । चैनलवाले कभी किसी तो कभी किसी संत-महंत, महामंडलेश्वर की निंदा भी करते और उसमें बापूजी का समर्थन माँगते पर 'निंदा किसीकी हम किसीसे भूलकर भी ना करें ।' का संदेश देनेवाले बापूजी की वजह से इनकी मुरादों पर पानी फिर जाता था, वह क्यों नहीं दिखाते ? जब उनके ये दाँव विफल हो गये तब उन्होंने नया षड्यंत्र रचा ।
(2) 'आज तक' की स्टिंग ऑपरेशन की टीम ने बापूजी से मुलाकात का समय किस आधार पर और क्या बताकर लिया था, इस प्रारंभिक वार्ता को कैमरे की ऑंख से क्यों नहीं दिखाया गया ? इस पूरी बातचीत को चैनलवालों ने अपने मुँह से बोलकर क्यों बताया ? क्योंकि कैमरा तो सच बोलता है और यहाँ इन्हें एक बहुत बड़ा झूठ बोलना था जो इनके इस पूरे नाटक का मूल था । वास्तव में इन्होंने बापूजी से कहा था कि 'पूनम खन्ना नाम की एक लड़की को अमेरिका में एक झूठे आर्थिक आपराधिक केस में फँसाया गया है । पूनम फरार है और पुलिस उसे ढूँढ़ रही है । वह किसी तरह बचकर मुंबई आ गयी है और इतनी डिप्रेशन (अवसाद) में है कि आत्महत्या करने की स्थिति में है । इस संकट से छुटकारा पाने के लिए वह बापूजी से मिलना चाहती है।'
इन्हें पता था कि बापूजी सरल प्रकृति के दयालु संत हैं, परदुःखकातरता उनका स्वभाव है । इस विनम्र प्रार्थना को वे टालेंगे नहीं और हुआ भी ऐसा ही । सबका भला चाहनेवाले बापूजी उससे मिलने को राजी हो गये । पर इस सारे घटनाक्रम को, जो इनके गुप्त कैमरे में लिया गया था, लोगों को न दिखाकर पूरे जोर-शोर से बार-बार यह बताया गया कि 'आपने सुना, हमारे रिपोर्टर ने साफ तौर पर कहा कि पूनम फरार है, उस पर आपराधिक केस है और पुलिस उसे ढूँढ़ रही है, फिर भी बापू ने उसे पनाह दी ।'
चैनलवालों ने ही दिखाया कि बापूजी ने ऐसा कहा था ः 'दो-चार दिन रहे इधर, सत्संग सुने... मैं मंत्र देता हूँ...' परंतु इन बातों को भड़काऊ तरीके से पेश करके ऐसा दिखाया कि बापूजी ने किसी अपराधी महिला को पनाह दी। उन्हीं शब्दों को बार-बार पुनरावृत्ति कर विकृत रूप से पेश किया तथा लोगों को भ्रमित किया । पूनम बार-बार कह रही थी कि उसे डर लग रहा है, रात को नींद भी नहीं आती, बहुत टेंशन है । उसके मन से भय हटाने तथा उसे आत्महत्या की मनोवृत्ति से उबारने के लिए बापूजी ने उसे कहा कि पुलिस यहाँ नहीं आ सकती है । पूज्य बापूजी झूठे कोर्ट मुकदमे से छूटने के लिए तथा डिप्रेशन से ग्रस्त लोगों के लिए जाहिर सत्संगों में अनेकों बार लाखों लोगों के सामने मंत्र देते हैं यह जगजाहिर है ।
एंकर ने दर्जनों बार लोगों को उपरोक्त झूठी बात सुनायी, पर एक बार भी यह क्यों नहीं बताया कि 'पूनम निर्दोष थी, उसे फर्जी केस में फँसाया गया है' ऐसा हमने बापूजी को बताया है । यह बता या दिखा देने से इनके स्टिंग ऑपरेशन की सारी हवा ही निकल जाती । यह एक बहुत बड़ा झूठ था, इसी झूठी नींव पर स्टिंग ऑपरेशन की सारी इमारत खड़ी की गयी थी ।
बापूजी के परदुःखकातरता के स्वभाव का नाजायज फायदा उठाकर विदेशी षड्यंत्रकारी देशद्रोहियों के इशारों पर नाचनेवाले ये लोभी 'आज तक' चैनलवाले 'हम भक्तों की भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचाना चाहते हैं ।' ऐसा ढोल पीटकर करोड़ों लोगों की भावनाओं को झूठे नाटक के द्वारा कितनी बेशर्मी से ठेस पहुँचा रहे हैं । - यह कल्पना से भी परे है।
(3) 'मुलाकात के लिए दिया बापू ने अकेले में कई घंटे का वक्त !' - ऐसा इन्होंने कहा । जबकि सच तो यह है कि कई घंटे तो दूर, पूरे शो के दौरान एक मिनट के लिए भी कहीं पूनम बापूजी के साथ अकेले नहीं दिखाई पड़ी। ये साजिशकर्ता उस लड़की को बापू के सान्निध्य में छोड़ के जाने की बात करते लेकिन बापू ने उसे अपनी भक्तके साथ भेजा, उसे 'बेटा, बेटी' कहके सम्बोधित किया, यह वे क्यों नहीं दिखाते?
(4) चैनलवालों ने ही बापूजी को बोला था कि पूनम के मन में इतना भय घुसा हुआ है कि अपने नाम का टिकट लेने में भी उसको डर लगता है कि कहीं पुलिस पकड़ न ले । इसलिए दूसरे नाम से टिकट ले के ही यात्रा करती है। वह दूसरे नाम से टिकट ले के आयेगी ।
(5) बापूजी के इस कथन को कि 'मैं मंत्र देता हूँ, अपने-आप उसकी मेंटेलिटी चेंज हो जायेगी ।' को विकृत रूप में पेश करते हुए चैनलवाले 'सेंटीमेंटल (भावुक) हो जायेगी' ऐसा बता रहे हैं ।
(6) 'हम वही दिखा रहे हैं जिसे हमारे कैमरे ने रिकार्ड किया है और कैमरा सच बोलता है ।' का बार-बार राग आलापनेवाले ये चैनलवाले कैमरे से रिकार्ड की हुई पूरी बात को तो कहीं दिखाते नहीं, केवल कैमरे की झूठी दुहाई देकर एक ही बात को कई-कई बार नाटकीय अंदाज में बोलकर लोगों पर थोपने की कोशिश कर रहे हैं ।
(7) बापूजी ने कहा कि 'यहाँ सी.एम. मत्था टेकते हैं ।' इसमें क्या गलत कहा ! कितने ही सी.एम. ही नहीं पी.एम. भी मत्था टेककर अपना भाग्य बना चुके हैं, कितने आज भी टेक रहे हैं और आगे भी टेकते रहेंगे अपना भाग्य बनाने के लिए । अभी हाल ही में इसी वर्ष मध्य प्रदेश, उड़ीसा तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें राजकीय अतिथि का दर्जा देकर सम्मानित किया है ।
(8) 'आज तक' चैनलवालों का कहना है कि उन्होंने स्टिंग ऑपरेशन द्वारा रहस्योद्धाटन कर बापूजी को ऐसा बोलते हुए दिखाया कि यहाँ चम्बल की घाटीवाले आते हैं और पुलिस को मारनेवाले आते हैं । परंतु समस्त विश्व के लोग जानते हैं कि बापूजी चम्बल घाटी के ऐसे व्यक्ति के जीवन-उत्थान की बात वर्षों से अपने जाहिर सत्संगों में लाखों भक्तों के सामने अनेकों बार कह चुके हैं । यह बात भी बापूजी बताते आये हैं कि पुलिसवालों को भी मारनेवाले गुंडा प्रवृत्ति के लोग जब आते थे तो बापूजी ने उनसे पुलिसवालों की रक्षा की है । ब्रह्मज्ञानी संतों के सत्संग-सान्निध्य में आकर दुर्दान्त डाकू अंगुलिमाल, क्रूर आततायी जगाई-मधाई, डाकू रामखान जैसे कितने ही अपराधियों का जीवन बदल गया। सठ सुधरहिं सतसंगति पाई। इस प्रकार इतिहास साक्षी है कि सत्संग, साधना, भगवन्नाम एवं मंत्रजप के द्वारा कितने ही पतितों का उध्दार हुआ है और यही सत्संग, साधना, मंत्रजप का मार्ग बापूजी ने पूनम को दिखाया था ।
(9) 'साधना में लग जा, माइंड चेंज कर दूँगा ।' यह बहुत ऊँची बात है । कुप्रचारकों की बुध्दि यदि इस सत्य को स्वीकार कर ले और वे साधना में लग जायें तो उनका भी माइंड चेंज हो सकता है । बापूजी की इस बात को मानकर करोड़ों लोग साधना में लग गये और उनका माइंड चेंज हुआ और आज वे पहले से बेहतर शांतिमय, आनंदमय जीवन जी रहे हैं । अब इस बात में भी चैनलवालों को यदि बुराई दिख रही है तो इसका क्या इलाज है !
(10) उस भयंकर रूप से डरी हुई लड़की को दिलासा देने के लिए बापूजी ने उसे अपनी किसी भक्त के साथ रहकर मंत्रजप करते हुए चिंतामुक्त हो के रहने को कहा । 'यहाँ तेरा एक बाल भी कोई छू नहीं सकता ।' इस बात को चैनलवाले अत्यंत विकृत ढंग से दिखाते रहे पर बापूजी ने पूनम को 'बेटा, बेटी' कहकर सम्बोधित किया, यह क्यों नहीं हाईलाइट करके दिखाते ?
(11) अपनी भारतीय सनातन संस्कृति का मखौल उड़ानेवाले विदेशी स्वामित्व में चलनेवाले 'आज तक' चैनल के ये मीडियाकर्मी, 'हम हिन्दू समाज के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन नहीं दिखा रहे हैं और किसीकी भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचा रहे हैं ।' का बार-बार झूठा प्रलाप कर कब तक लोगों की ऑंखों में धूल झोंकेंगे ? दुनिया जानती है कि बापूजी क्या हैं और ये चैनलवाले क्या कह रहे हैं । ब्रह्मनिष्ठ आत्मसाक्षात्कारी पूज्य बापूजी के प्रति एक 'आज तक' तो क्या हजार 'आज तक' चाहे कितने भी स्टिंग ऑपरेशन, कैसे भी नाटक कर लें, बापूजी के दीवानों की श्रध्दा रंचमात्र भी कम होनेवाली नहीं है । 'आज तक' चैनल से देश की जनता यह सवाल कर रही है कि षड्यंत्रकारी राजू लम्बू के द्वारा बापू पर लगाये गये आरोप तो खूब मिर्च-मसाला लगाकर आपने दिखाये थे, परंतु जब उसके आरोपों की पोल खुल गयी तब आपने वह स्टिंग ऑपरेशन क्यों नहीं दिखाया ?
(12) बापूजी को बदनाम करने पर तुले हुए इस चैनल ने इस कार्य में अपनी एड़ी-चोटी एक कर दी लेकिन विडियो रिकॉर्डिंग में जोड़-तोड़ (एडिटिंग) करने में आखिर उनसे भूल छूट ही गयी । चैनल ने भूलवश रिकार्डिंग का वह अंश भी दिखा दिया, जिसमें बापूजी कहते हैं कि ''देखना ! नीचे देखकर चलना, जीव-जंतुओं को तकलीफ नहीं होनी चाहिए ।'' ऐसे प्राणिमात्र का ख्याल रखनेवाले, प्राणिमात्र के हितैषी संत श्री बापूजी क्या किसीका बुरा सोच या कर सकते हैं ? यदि 'आज तक' में थोड़ी-सी भी नैतिकता है तो सम्पूर्ण रिकार्डिंग बिना कोई एडिटिंग किये जनता को दिखाये और हमें भी भेजे ।
(13) जून के पहले सप्ताह में किये गये स्टिंग ऑपरेशन में यदि सच्चाई होती तो ये 4-6 दिन में ही दिखा देते लेकिन तीन महीने के लम्बे अंतराल के बाद इसे क्यों दिखाया गया ? इसका कारण यही है कि इसे तोड़ने-मोड़ने और उत्तेजक खबर बनाने में कई विशेषज्ञों की सेवाएँ ली गयी होंगी, खूब लम्बी मंत्रणाएँ हुई होंगी और सम्भव है सनातन संस्कृति के विरोधियों से करोड़ों रुपयों की सौदेबाजी भी हुई होगी ।
अब साधकों तथा सुज्ञ पाठकों को निर्णय करना है कि तथ्यों को तोड़-मरोड़कर दिखानेवाले ऐसे चैनल का बहिष्कार करना है या उसकी झूठी खबरें झेलते रहना है । द्वेषपूर्ण साजिश से भरी इनकी खबरों के चक्कर में आकर अपनी शांति, श्रध्दा को भ्रष्ट नहीं करना है ।
- ओमप्रकाश मिश्र