संतश्री आशारामजी बापू मार्ग,,साबरमती अमदावाद-५
प्रेस नोट
शिव सेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के निधन पर बापूजी ने उनकी ऊँची गति के लिए दी श्रद्धांजलि
सदगुरु मंत्रदीक्षा सर्व सफलताओं की कुंजी -संत श्री आशारामजी बापू
वेलेंटाइन डे नहीं मातृ-पितृ पूजन‘गणेश शिव पार्वती पूजन दिवस’ मनाएं
-संत श्री आसारामजी बापू
विदेशी ताकते कर रही है युवा पीड़ी को गुमराह -संत श्री आसारामजी बापू
उमड़ा श्रद्धा का जनसैलाब, देश विदेश में हुआ सीधा प्रसारण
अमदावाद – सम्पूर्ण विश्व में आध्यात्मिक क्रांति के प्रणेता भारतीय संस्कृति के प्रमुख स्तंभ विश्व विख्यात संत श्री आशारामजी बापू के सानिध्य के स्थानीय मोटेरा आश्रम में दीपावली से चल रहे सात दिवसीय विद्यार्थी उज्वल भविष्य निर्माण शिविर के पांचवे दिन देश के कोने से ७० हजार से अधिक विधार्थियों का सैलाब उमड़ा संत श्री आशारामजी बापूजी ने अपने विद्यार्थियो से रबरू होते हुए चिर परिचित अंदाज में कहा की वफाई के दो तरीके है आजमा के देख ले,बनजा प्रभु का या प्रभु को अपना बना के देख ले| भगवान को अपना और अपने को भगवान का माने|ओमकार मन्त्र कहा कि ओमकार सबसे ठोस तत्व है,ओमकार परमात्मा की स्वभाविक ध्वनी है,ओमकार मन्त्र सभी मन्त्रो का सेतु है|यंत्र से भी मंत्र अधिक प्रभावशाली होता है|प्रतिदिन शांत बैठकर ओम कर मंत्र जाप करने से सभी कार्यो में सफलता प्राप्त होती है |बापूजी ने ओम कर मन्त्र पर आगे कहा कि अमेरिका के केलिफोनिया के विज्ञानिक जे.मार्गन ने ओम मन्त्र कर पर शोध किया और पाया कि ओमकार के गुंजन से शरीर मे जिगर ,पेट के रोग,ह्रदय रोग,मस्तिष्क के रोग अदभुद रूप से ठीक होते है |ओम कार मन्त्र का गुंजन करने से मरी हुई कोशिकाएँ भी जीवित हो जाती है| मस्तिष्क जिगर व पेट के विभिन्न अंग आन्दोलित होकर सक्रियता से कार्य करने लगते है| अमेरिका के बोस्टन ,केलिफोनोया आदि शहरो मे ओम कर थेरपी सेंटर खोले गये है | बापूजी ने कहा कि ओम कर मन्त्र सिर्फ शरीर के रोगों को ठीक करता है|ऐसी बात नहीं है|ओम कर मन्त्र जप से १९ प्रकार की आध्यात्मिक शक्तिया जाग्रत होती है | इससे मन कि मलिनता दूर होती और बुद्धि में बुद्धि दाता का प्रकाश होने लगता है | ओमकार मन्त्र सात बार ओमकार मन्त्र का गुंजन करने से ओमकार मन्त्र इस ब्रहमांड को पार कर अनंत ब्रहमांडो के साथ जापक के चित्त को तदाकार करा देता है|ओमकार मन्त्र कि शक्ति का वर्णन नहीं हो सकता|कोई व्यक्ति प्रतिदिन गुरु उपदिष्ट मार्ग से १२० माला ओमकार कि जप करे व निषिध कर्मो का त्याग करे | तो उसे एक वर्ष में ही परमात्म प्राप्ति हो सकती है|
जीवन में सदगुरु से प्राप्त मंत्रदीक्षा पर प्रकाश डालते हुए बापूजी ने कहा कि सदगुरु द्वारा प्राप्त मंत्रदीक्षा से ३३ प्रकार के आध्यात्मिक लाभ भी सहज में ही होने लगते है| यही मन्त्र अगर सदगुरु द्वारा प्राप्त हो और गुरु द्वारा बताये मार्ग पर साधक अगर श्रद्धा ,तत्परता और संयम से लगा रहे ,तो वह अपने जीवन के परम लक्ष्य आत्म-साक्षात्कार को सहज ही प्राप्त कर लेता है | इसलिए जीवन में सदगुरु कि अत्यंत आवश्यकता है| भगवान शिवजी ने माता पार्वती को वामदेव गुरु से दीक्षा दिलवाई | माता काली ने प्रकट हो कर गदाधर पुजारी को तोतापुरी गुरु से दीक्षा लेने को कहा और तोतापुरी गुरु की दीक्षा से वे रामकृष्ण परमहंस हो गए| राम कृष्ण परमहंस की दीक्षा ने नरेन्द्र को विवेकानंद बना दिया|
बापूजी सत्संग अमृत का पान कराते हुए कहा कि सुख-दुःख, लाभ-हानि, बचपन, जवानी, बुडापा आते है और जाते है लेकिन जो इन सबको जानने वाला है वह कभी नहीं जाता, वही आत्मा परमात्मा है | वाही भगवन है | वास्तव में भगवन ही हमारे हैं | भगवन न ही दूर हैं, न दुर्लभ हैं, बाद मैं मिलेंगे ऐसा भी नहीं है | हमारा अपना आपा, आत्मा होकर बैठे हैं | अपने को कभी बीमार न मानें | बीमारी आती है चली जाती है, दुःख भी आकर चला जाता है लेकिन उसे जानने वाले आप सदा एक रस हो | बापू जी ने इन दो बातों को जीवन में पालने का वचन भी माँगा|
विदेशी ताकते कर रही है युवा पीड़ी को गुमराह
संत श्री आशारामजी बापू ने कहा कि लगातार युवाओ का नैतिक पतन होता जा रहा है|बापूजी ने अपने ह्रदय की व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि मुझे युवाओ और बच्चो के वर्तमान स्थिति को देखकर बड़ी पीड़ा होती है|आज के युवा पीड़ी और बच्चो के मुह से शुद्ध दूध,घी,मक्खन छीन गया|विदेशी चेनलों ने चरित्र छीन लिया|तन मन को कमजोर बना दिया और जो कुछ शेष रहा वो भी वेलेंटाइन डे जैसी कुरीतियों को भारत में फैला कर देश कि युवा पीढ़ी को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है|बापूजी ने कहा कि समाज कि यह नैतिक जिम्मेदारी है कि इस कुरीति को समाज में ना फैलने दे|माता पिता भी अपने बच्चों को स्नेह भरा नियंत्रण दे उन्हें प्यार से अपनी बात समझाए|इस मौके पर बापूजी जी का ह्रदय करुणा से भर गया और वे भाव विभोर हो गए|
वेलेंटाइन डे नहीं मातृ-पितृ पूजन‘गणेश शिव पार्वती पूजन दिवस’ मनाएं
वेलेंटाइन डे की कुरीति पर बापूजी युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि वैलेंटाइन डे मनाकर आज कि युवा पीढ़ी देश की संस्कृति को भूलती जा रही है। वैलेंटाइन डे की जगह मातृ-पितृ पूजन दिवस, गणेश व शिव-पार्वती पूजन दिवस मनाएंगे तो विश्व का मंगल हो जाएगा। जैसे भगवान गणेश नें शिव-पार्वती का पूजन कर, परिक्रमा कर सम्पूर्ण विश्व की परिक्रमा करने का फल प्राप्त कर लिया और सभी देवों में प्रथम पूजनीय बन गए, ऐसे ही सभी बच्चे व युवा अपने माता पिता का पूजन करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें क्योकि माता पिता का अपनी संतानों के प्रति सदा सदभाव रहता ही है और उनके आशीर्वाद से उनके जीवन की उन्नति होती है|
बापूजी की रेल चली भक्तो के बीच,भक्ति धाम एक्सप्रेस
सत्संग स्थल पर लाखो श्रद्धालुओ को बापू जी के निकट से शुलभ दर्शन हो इस हेतु एक विशेष रेल बनायीं गयी | जो कि बिना धुए,बिना बिजली के पटरियों पर चलती है|पटरियों पर चलती रेल में बापूजी के निकट से दर्शन कर भक्त भाव विभोर हो गए| इस ट्रेन में बापूजी को अपने नजदीक पाकर दर्शन कर भक्त निहाल हो गये| ट्रेन का नाम पूछने पर भक्तो ने बताया कि इसका नाम तो हमें नहीं पता लेकिन हमारे लिए तो यह गुरु दर्शन एक्सप्रेस ही है|
चिकित्सा सेवाओ का श्रद्धालुओ ने लिया लाभ
सत्संग स्थलपर संत श्री आसारामजी बापू आश्रम द्वारा आयुर्वेदिक, होमिओपेथिक ,प्राकृतिक चिकित्सा उपलब्ध करायी गयी है | जिसका लाभ श्रद्धालुओ ने लिया|यह सेवाए आज और कल सुबह 9:00 से 6:00 बजे तक शुरू रहेगी|
व्यसन मुक्ति:- विभिन्न प्रकार के नशे से ग्रस्त लोगों हेतू तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त समाज के हेतू सत्संग स्थलपर नशामुक्ति साहित्य, सी डी,पोस्टर, आदि नशे से सावधान करने एवं नशे से होनेवाले नुकसान की जानकारी के लिए उपलब्ध कराये गये |
नि:शुल्क बाल संस्कार प्रदर्शनी बनी विधार्थीओं व युवाओ के आकर्षण का केंद्र :-सत्संग स्थळ पर भारतीय संस्कृति के संस्कारो व व्यक्तित्व विकास पर आधारित निशुल्क बाल संस्कार प्रदर्शनी लगायी जिसमे भारतीय संस्कृती के विभिन्न संस्कार जैसे-माता-पिता को प्रणाम करना ,सुबह उठना,योग व प्रणायम करना विषयो विज्ञान समत विश्लेषण पोस्टर ,सी.डी.आदी के मध्य से प्रस्तुत किया गया साठी ही प्रयोगिक प्रशिक्षण दिया गया यह प्रदर्शनी विधार्थीओं व युवाओ के आकर्षण का केंद्र रही एक ओर बच्चो के अभिभावको ने सत्संग का आनंद लिया वही दुसरी ओर बच्चे प्रदर्शनी में मश्गुल रहे यहा | प्रेरणादाई पुस्तक " दिव्य प्रेरणा प्रकाश " साहित्य उपलब्ध कराया जायेगा|
पर्यावरण शुद्धी व विश्वशांति हेतु हवन-यज्ञ
सत्संग स्थल पर संत श्री आशारामजी बापू आश्रम के प्रकांड विद्वान ब्राह्मणों द्वारा विश्वशांति के लिए हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया है|जिसमे हजारो श्रद्धालुओ ने विश्वशांति हेतु यज्ञ में आहुतिया दी| इस यज्ञ की विशेषता यह है कि इसमें किसी भी व्यक्ति से कोई दक्षिणा नहीं ली जाती|
सीधा प्रसारण – इस सत्संग कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भारत के साथ हो अमेरिका,लन्दन, कनाडा,साऊथ अफ्रीका,जर्मिनी,जापान,दुबई,चीन,स्पेन,युगांडा,रूस,मोरिसस,चिल्ली,तुरी,पनामा आदि देशो के साथ पुरे विश्व में आश्रम की वेब साईट www.ashram.org/live,www.ashram.org तथा www.ashramnews.org पर किया गया|
शिव सेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे निधन पर बापूजी ने उनकी ऊँची गति,सदगति के लिए दी श्रद्धांजलि -शिव सेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे जी के निधन पर संत श्री आशारामजी बापूजी ने लाखो श्रद्धालुओ के साथ उनकी ऊँची गति,सदगति के श्रद्धांजलि दी|बापूजी ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे समाज सेवा के लिए,धर्म की सेवा के लिए सदा याद किए जायेंगे|उनकी धर्म के प्रति,समाज की सेवा के प्रति निष्ठा दृढ थी| आज वे हमारे बीच नहीं है,लेकिन उनके द्वारा किए गए कार्यों के रूप के हमेशा मौजूद रहेगे|सेवा की भावना ऊँची थी| उनके परिवार को भगवान इस परिस्थिति का सामना करने की शक्ति दे|सामर्थ दे ताकि इसका सामना कर सके|इस अवसर पर बापूजी ने बाला साहेब ठाकरे की सदगति ऊँची गति की कामना से लाखो श्रद्धालुओ को वैदिक ओमकार का जप करवाया|सामूहिक संकीर्तन कराया|
डॉ. सुनील वानखेड़े,केन्द्रीय मीडिया प्रभारी,संपर्क- 09227505012 ,
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