Register
Login
संत श्री आशारामजी आश्रम संत श्री आशारामजी बापू मार्ग,साबरमती अमदावाद-५ 08-01-13
प्रेस नोट मेरे वक्तव्य को तोड मरोड कर प्रस्तुत कर रही मीडिया-संत श्री आशारामजी बापू
दिल्ली मे सामुहिक दुष्कर्म से पीडित लडकी “दामिंनी” की मौत पर बापूजी ने संवेदना प्रकट की,बापू ने जी कहा आश्रम व बापू उसके परिवार के साथ है| संत श्री आशारामजी बापूजी के पंढरपूर सत्संग के दौरान कहा कि दिल्ली की दुष्कर्म पीडिता के विषय मे मेरे वक्तव्य को मीडिया तोड मरोड कर प्रस्तुत कर राही है|अलग अलग विडियो को एडिटिंग करके प्रस्तुत किया जा रहा है|16 दिसंबर की रात दिल्लीअ में चलती बस में सामुहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की शिकार हुई लड़की “दामिनी” के दु:खद निधन पर बापूजी ने कहा यह समाज के लिये अत्यंत दु:खद घटना है| हमे उसके और उसके परिवार के प्रति सदभाव है| समाज मे ऐसी घटना बडे दुख की बात है|इस हेतू उचित प्रयास होना चाहिये|भगवान उनके परिवार को इस दुखद घटना को सहने की शक्ति सामर्थ दे|संत श्री आशारामजी बापूजी ने कहा,कि पीडिता के परिवार जन वे खुद को अकेला न समझें। जो बेटी मरी है वह उनके घर में अकेली कमाने वाली थी। अब दिक्कतें आ सकती हैं। उसके घर वाले मुझे ही अपना बेटा मान लें।’बापूजी ने दुष्कर्मियो के लिए फासी की सजा जैसे कानून पर बापूजी ने कहा कि कड़े कानून का दुरुपयोग भी हो सकता है। जब भी इस प्रकार के कानून बने है उनका दुरुपयोग ही ज्यादा हुआ है|दहेज उत्पीडन उत्पिदन कानून इसका सबसे ताजा उदाहरण है|ऐसा हुआ तो पुरुषों के साथ गलत हो जाएगा, फिर रोएगी तो कोई मां बहन ही।उन्होने कहा कि जिस व्यक्ती को फासी दी जाती है उसकी पत्नी,मा,बहन जीते जी मर जाते है|कडे कानून बनाने की बजाय लोगो का नैतिक उत्थान कर उन्हे चारित्रिक रूप से इतना सबल बनाया जाये कि वे ऐसे कर कृत्य करे ही नही| बापूजी ने कहा कि उसने अगर सरस्वत्य मंत्र की दीक्षा ली होती तो ऐसा नही होता और उन दुष्कर्मियो मे एक भी मेरा सत्संग होता तो ऐसा नही होता क्योकि सत्संगी हर एक स्त्री को मां,बहन की नजर से देखता है|वह उसे बचा लेता|
09227505012
press@ashram.org
Website:- www.ashram.org/press
To watch complete video : Click here