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आन्दोलनकारियों के दमन का कुचक्र तेज – फिर हुई गिरफ्तारी
माँग रहे थे न्याय, मिली गिरफ्तारी आज वस्त्रापुर में ‘संदेश’ समाचार पत्र कार्यालय के सामने उपवास तथा धरने पर बैठे श्रध्दालुओं को बिना किसी कारण के गिरफ्तार कर लिया गया । उपवास और धरना आन्दोलन के 12वें दिन धरने पर बैठे 50-60 श्रध्दालु बहनें और भाई मौनपूर्वक जप-ध्यान कर रहे थे कि अचानक पुलिस आ गई और जबरदस्ती बलप्रयोग कर इन निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर लिया ।
इससे पहले भी 20 नवम्बर को बड़ी संख्या में गांधीजी के ढंग से उपवास आन्दोलन द्वारा धरने पर बैठे, शांतिपूर्वक अपना विरोध प्रगट कर रहे लोगों को बिना किसी उत्तेजनात्मक कार्य के पुलिस द्वारा अकारण गिरफ्तार किया था । उस दौरान पुलिस द्वारा बहनों के साथ अभद्रता की शिकायत भी कोर्ट में की गई थी ।
संत श्री आसारामजी बापू के खिलाफ झूठी, अश्लील खबरें छापने से ‘संदेश’ समाचार पत्र के बहिष्कार के आह्वान के साथ ‘संदेश’ के मालिक अविलम्ब माफी माँगें तथा झूठे, अनर्गल समाचार प्रकाशित करना बंद करें तथा गुजरात की प्रबुध्द जनता को गुमराह करना बंद करें – इस माँग को लेकर दि. 12-11-2009 से सैकड़ों की संख्या में भाई और बहनें धरना तथा उपवास पर बैठे हैं । संदेश के द्वारा पुलिस को माध्यम बनाकर आंदोलन को कुचलने का लगातार प्रयास किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत आंदोलनकर्ता यू.के. रिटर्न रामचन्द्र भट्ट का हिस्टिरिया टेस्ट कराकर उसे पागल करार कर देने का असफल प्रयास किया गया ।
आंदोलनकारियों का दमन करने का प्रयास लगातार जारी है । इसी शंखला में शांति से मौनपूर्वक आंदोलन पर बैठे आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर जबरदस्ती वस्त्रापुर पुलिस स्टेशन ले जाया गया । यहाँ तक कि एक आध्यात्मिक पत्रिका के पत्रकार विश्वगुरु के पत्रकार को भी नहीं छोड़ा । बड़ी मुश्किल से वह पुलिस के दमन से बचकर निकला । इस तरह की दमनकारी नीतियों से बचकर गांधीजी के गुजरात में अहिंसा और सत्याग्रह के पथ पर चल रहे आंदोलनकारियों को सहयोग प्रदान कर पुलिस को अपना दायित्व निभाना चाहिए ऐसी प्रबुध्द जनता की माँग है ।