पहले भी ऐसे केसेस हुए है क्या जिसमें सेशन कोर्ट में दोषी करार दिया हो और हाईकोर्ट में निर्दोष बरी हो गए हो ?

 हाँ, ऐसे कई उदाहरण है, जैसे की साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, कर्नल पुरोहित, निचली अदालत में दोषी साबित हुए फिर उच्च न्यायलय ने उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया | शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती निचली अदालत में हत्या के दोषी थे पर उच्च न्यायलय ने केस को फर्जी बताया | स्वामी केशवानंद (द्वारका,गुजरात वाले) निचली अदालत में बलात्कार केस में दोषी साबित हुए, फर्जी केस में उच्च न्यायलय ने उन्हें बरी कर दिया | 

आखिर इस षडयंत्र की पीछे कौन है ?

हिन्दू वॉईस पत्रिका के श्री पी. दैवमुत्थु ने कहा की संत आशारामजी बापू ने : 

🔷1) मन्त्र-चिकित्सा, ध्यान, प्राणायाम सीखाकर दवाओं से बचाते है और स्वदेशी वस्तुएं अपनाने की सीख देते हैं | 

🔷 2) भारतीय संस्कृति के प्रति आस्था बढ़ाते हैं |

🔷 3) आदिवासियों में अन्न, मकान, दवाएं, आदि  जीवनपयोगी सामग्रियां बाँटते हैं | 

🔷 4) करोड़ों लोगों को व्यसनमुक्त किया हैं | इससे विदेशी कम्पनियों का खरबों रूपये का नुकसान हुआ, और ईसाई मिशनरी के धर्मान्तरण में रूकावट आई इसलिए मीडिया को मोहरा बनाकर बापूजी के विरुद्ध षडयंत्र किया है | 

🔷 क्या आप जानते हैं ? 8 अगस्त 2008 को एक फैक्स के माध्यम से पूज्य बापू जी को जान से मारने की धमकी दी गयी थी तथा बापू जी से 50 करोड़ रूपये की फिरौती मांगी गयी थी । एक सप्ताह में फिरौती न देने पर पूज्य बापू जी व नारायण साँईं को तंत्रविद्या के, जमीनों के, लड़कियों के तथा अन्य फर्जी केसों में फँसाने की धमकी दी गयी थी । और भी ऐसी बहुत-सी बातें हैं, जिनके कारण यह षड्यंत्र हुआ । 

आगे की न्यायिक प्रक्रिया क्या है ?

पूज्यश्री की सुचना अनुसार पहले शिल्पी बहन, फिर शरदभाई और बाद में पूज्य बापूजी के लिए उच्च न्यायलय में प्रक्रिया होगी ।

न्यायिक प्रक्रिया में और कितना समय लग सकता है ?

थोड़ा समय तो जरुर लगेगा |

हम कैसे औरों को साबित करें की ये पूज्य बापूजी को फंसाने का एक षडयंत्र है ?

🔷 लडकी की शिकायत के आधार पर दर्ज पुलिस एफआईआर में बलात्कार का आरोप नहीं है । इस विषय में ‘इंडिया टीवी न्यूज चैनल पर दिखाया गया जोधपुर पुलिस के तत्कालीन डीसीपी अजय पाल लाम्बा का बयान है कि “लड़की के साथ रेप हुआ है इसका कोई भी तथ्य नहीं पाया गया है।“ लड़की की मडिकल रिपोर्ट में भी रेप की पुष्टि नहीं हुई है | जनसाधारण जिसे रेप समझता है ऐसा कोई आरोप लड़की ने नहीं लगाया है | 

🔷क्या आप जानते हैं ? बापूजी केस में लड़की की मेडिकल जाँच रिपोर्ट में रेप या यौनशोषण की पुष्टि नहीं हुई है | लड़की का मेडिकल करनेवाली डॉ.शैलजा वर्मा ने अदालत में दिए बयान में कहा : “मेडिकल के दौरान लड़की के शरीर पर रत्तीभर भी खरोंच के निशान नहीं थे और न ही प्रतिरोध के कोई निशान थे |”

🔷- क्या आप जानते हैं ? बापूजी के केस में कमला मार्केट पुलिस थाणे के कांस्टेबल ने लड़की की FIR लिखते समय जो वीडियो रिकॉर्डिंग की थी उसे मिटाया या गायब किया गया है । वह रिकॉर्डिंग आज तक न्यायालय के सामने नहीं आई है । महिला पश्चिम पुलिस थाना, जोधपुर की investigation officer चंचल मिश्रा व कमला मार्केट पुलिस थाणे की ASI पुष्पलता ने न्यायालय के सामने हुई अपनी गवाही में यह बात स्वीकार की है ।

🔷अनुसंधान अधिकारी अविश्वासपात्र
बचाव पक्ष की तरफ से अनुसंधान अधिकारी चंचल मिश्रा से संबंधित एक दस्तावेज (EXD - 98) न्यायालय में पेश किया गया, जो विशिष्ट न्यायाधीश, सीकर (राज.) न्यायालय का फैसला है (NDPS Act, Case No. - 44/2012), जिसमें चंचल मिश्रा के लिए सीकर के न्यायाधीश महोदय ने कहा है कि चंचल मिश्रा अकर्मण्य ऑफिसर है, यह ट्रुथफुल ऑफिसर नहीं है और ऐसे ऑफिसर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाय ।

🔷मेडिकल रिपोर्ट नार्मल, FIR में कहीं भी रेप का आरोप नहीं पर फिर भी मीडिया ने रेप हुआ है ऐसी खबरे चलाकर एक महापुरुष की छवि को धूमिल कर करोड़ों लोंगों की आस्था को ठेस तक पहुंचाई | 

पिछले 5 सालों में हमारे पक्ष में कुछ भी नहीं हुआ ऐसा क्यों अथवा लीगल टीम ने पिछले 5 सालों में कुछ भी नहीं किया ?

🔷- ऐसा कहना गलत है क्योंकि पुलिस द्वारा जाँच में कई ऐसे महत्त्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया था जिसे अपील करके, अर्जी करके रिकॉर्ड पर लाया गया | डिफेन्स ने लड़की के बालिग होने के कई प्रमाण न्यायालय में प्रस्तुत किये । लड़की का नॉर्मल मेड़ीकल रिपोर्ट प्रस्तुत किया । लड़की तथाकथित घटना की रात को षड्यंत्रकारियों के साथ सतत संपर्क में थी यह कॉल डिटेल रिकॉर्ड व संबंधित नोडल ऑफिसर के बयान से सिद्ध कर दिया । तथाकथित घटना के समय बापूजी सत्संग कर रहे थे वह बात सत्संग के उस समय के फोटोज न्यायालय में प्रस्तुत करके व उस फोटोज में उपस्थित लोगों के न्यायालय में बयान करवाके सिद्ध किया । 

🔷प्रॉसिक्यूशन एक भी गवाह नही खड़ा कर पाया जो सिर्फ इतना बता दे कि लड़की बापूजी की कुटिया में गयी थी । 
कानून और न्यायलय गवाहों के बयान से अधिक महत्व documentary evidence को देता है । कौनसा evidence है प्रॉसिक्यूशन के पास ? 5 साल में तो बाहर नहीं आया |

हम दूसरों को कैसे बतायें की मीडिया कुछ भी दिखा सकती है पैसों के लिए ?

🔷 देशवासी अच्छी तरह जानते है कि जब भी कोई सनातन हिन्दू संस्कृति के प्रचार-प्रसार करने के लिए कोई हिंदुनिष्ठ अपने हाथ मे बीड़ा उठाता है और आगे बढ़ता दिखता है तो विदेशी ताकतों के इशारे पर विदेशी फंड से चलने वाली मीडिया द्वारा उनको बदनाम करवाया जाता है और जेल भिजवाया जाता है ।

🔷अनेक ऐसे उदाहरण है जो सनातन धर्म की रक्षा की है उन हिंदुनिष्ठ लोगो को प्रताडना सहन करनी पड़ी है अभी ताजा मामला धर्मान्तरण रोकने में अग्रणी ऐसे स्वामी असीमानन्द जी का है जो 11 साल के बाद निर्दोष बरी हुए उनके खिलाफ एक भी सबूत नही था फिर भी सालो तक जेल में रहना पड़ा । लेकिन मीडिया ने भगवा आतंकवाद और भी न जाने कैसी-कैसी खबरे चलाकर एक संत की छवि को धूमिल कर लोंगों की आस्था को ठेस पहुंचाई |

*मीडिया :* लड़की ने FIR में बापूजी पर बलात्कार का आरोप लगाया है और मेडिकल जाँच में इसकी पुष्टि भी हो गयी है |

*सच्चाई :* लडकी की शिकायत के आधार पर दर्ज पुलिस एफआईआर में बलात्कार का आरोप नहीं है । दिनांक  26-8-2013 को जोधपुर पुलिस के डीसीपी अजय पाल लाम्बा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया की लड़की की FIR में कहीं भी दुष्कर्म (रेप) का उल्लेख नहीं है | और दिल्ली से जो मेडिकल रिपोर्ट आयी है उसमें भी रेप की कहीं पुष्टि नहीं हुई है |  


*मीडिया :* आशाराम बापू के खास सेवादार शिवा के पास से पुलिस को आशाराम बापू के कई अश्लील विडियो क्लिप बरामद हुए है |

*सच्चाई :* इस बात की पुष्टि तथा मीडिया में चल रही झूठी बातों की पोल खोलते हुए डीसीपी अजय पाल लाम्बा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा की ‘‘हमें कहीं से कोई भी सीडी, कोई मूवी या विडियो क्लिप बरामद नहीं हुई है । ये तथ्यहीन बातें हैं ।



*मीडिया :* आश्रम में काला जादू होता है ।
सच्चाई : सीआईडी ने जाँच करने के बाद कहा की आश्रम में तांत्रिक विधि नहीं होती है | सुप्रीम कोर्ट ने 9-11-2012 को दिए फैसले में इस प्रकार के सभी

साधकों को अब क्या करना चाहिए की बापूजी बाहर आयें ?

🔷a) अफवाहों में न उलझें | भ्रामक ख़बरों व उनको फैलानेवाले माध्यमों से बचें | आश्रम से संबंधीत किसी भी तथ्य की जानकारी हेतु अहमदाबाद आश्रम से सम्पर्क करें | 

🔷b) संस्कृतिरक्षक प्राणायाम करें | (पढ़े ऋषि प्रसाद, नवम्बर २०१७, पृष्ट ४ )

🔷c) साधक पूज्य बापूजी की शीघ्र रिहाई हेतु प्रतिदिन *‘पवन तनय बल पवन समाना | बुधि बिबेक बिग्यान निधाना* ||’ मंत्र की *2 माला व *‘ॐ ॐ ॐ बापू जल्दी बाहर आयें |’* मंत्र की *1 माला* अवश्य करें |

🔷d) जप, त्राटक, ध्यान, आदि जो भी साधना तथा सेवा करें, पूज्य गुरुदेव की शीघ्र ससम्मान रिहाई के संकल्प के साथ करें |

🔷e) आश्रम संचालाक,समिति पदाधिकारी, युवा सेवा संघ, महिला मंडल, बाल संस्कार, ऋषि प्रसाद के प्रभारी या एक्टिव साधक जगह-जगह साधकों की बैठकों का आयोजन करें | बैठक में सबसे पहले सभीको पूज्य बापूजी का ऑडियो जो जोधपुर जेल से आया था सुनाया जाये | ‘साधक सम्पर्क अभियान’ चलायें जिसमें अपने आस-पड़ोस एवं क्षेत्र के साधकों से मिलने जायें और बापूजी का संदेश उन्हें सुनायें | उनकी साधना में प्रीति एवं गुरुदेव के दैवी सेवाकार्यों में सहभागिता का उत्साह बढ़े ऐसी चर्चा, ऐसा वार्तालाप उनके साथ करें |

🔷f) भक्त हनुमानजी की तरह अब हमें पहले से भी अधिक गुरुग्यान का, गुरु महिमा का डंका बजाना है | इसके लिए आश्रम/समिति द्वारा की जा रही सेवाओं में तथा बाल संस्कार, ऋषि प्रसाद, लोक कल्याण सेतु जैसे सभी सेवाओं में अधिक-से-अधिक सहभागी होवे |

🔷g) संगठन बल को बढायें...हमें अपना संगठन बल और भी मजबूत करना है | सभी साधक आपस में एक दूसरे के सहयोगी बनकर अपने क्षेत्र में सुप्रचार की सेवाओं में लगे रहें और पूज्य बापूजी के स्वास्थ्य व शीघ्र रिहाई के लिए सामूहिक जप, श्री आशारामायण का पाठ, आदि कार्यक्रम भी करते रहें ।

पिछले इतने सालों से हम मंत्रजाप कर रहे हैं की बापूजी बाहर आयें पर अब तो मंत्र शक्ति से ही विश्वास उठने लगा है ?

इतना गहरा षड़यंत्र हो रहा है की पूज्य बापूजी की छवि को धूमिल कर करोड़ों लोंगों की आस्था को ठेस पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन साधकों के मंत्रजप, संकल्प करने के कारण जितना नुकसान षडयंत्रकारी लोग पहुँचाना चाह रहे थे कम से कम उतना नुकसान नहीं पहुंचा पाये | आज भी लोग बापूजी से जुड़े हुए है, आश्रम और आश्रम द्वारा चलाये जा रहे सेवाकार्य चल रहे है | ये सभी शुभ संकल्प, जप-प्रार्थना का ही फल है |

कुछ लोग कहते है की आश्रमवाले नहीं चाहते है की बापूजी बहार आयें, क्यों है ऐसे आश्रमवासी और उनको बाहर क्यों नहीं किया जा रहा हैं ?

  • आश्रमवासी जो आश्रम में रह रहे है वो कितने सालों से आश्रम में रह रहा है और इस विपरीत माहौल में भी आश्रम में रह रहा है तो वो नहीं चाहने का कोई प्रश्न ही नहीं है और बापूजी ने भी सन्देश में कहा है की “जो अवसरवादी हैं वे आश्रमवालों को बदनाम करके खुद आश्रम के संचालक बनना चाहते हैं लेकिन उनको पता नहीं है कि हमारे भक्त जानते हैं कि आश्रमवाले बापू को चाहते हैं, बच्चे भी – बच्चियाँ भी चाहते हैं | एक आश्रमवासी ने उन्नीस-बीस की तो सभी आश्रमवालों को कोसो ये ठीक नहीं है |”
  • हाँ, कुछ काम करने की पद्धति या वैचारिक मतभेद के कारण कुछ लोगों का ये आरोप हो सकता है लेकिन ये सरासर गलत है की आश्रमवासी नहीं चाहते की बापूजी बाहर आये | कई जगापर वकील-वकीलों में भी मत-मतांतर होते है | 

 


 

अहमदाबाद केस में क्या चल रहा है ?

सुप्रीम कोर्ट ने जल्द से जल्द ट्रायल पूरा करने को कहा है, सरकार की ओर से गवाहों के बयान चालू है | अगली सुनवाई 14 अप्रैल 2018 है। पूज्य बापूजी को जोधपुर से अहमदाबाद लाने का अभीतक कुछ भी नक्की नही है ।

सूरत केस में क्या चल रहा है ?

सूरत केस में अपना पक्ष काफ़ी मज़बूत है | इस केस में बचाव पक्ष के 1 गवाह का बयान बाकि है, गवाही होनी थी पर जज का ट्रान्सफर होनेवाला है तो नए जज के आने के बाद ही सुनवाई शुरू होगी ।
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