प्रश्नोत्तरी

परिप्रश्नेन विडियो

1 2 3 4 5

आध्यात्मिक

तात्त्विक

जगत है ही नहीँ, उसका अनुभव आत्मा को होता है या अहंकार को होता है ?

Admin 0 6525 Article rating: 3.8
 पूज्य बापूजी : जगत है भी, जैसे सपना दिख रहा है उस समय सपना है ; ये जगत नहीँ है ऐसा नहीँ लगता । जब सपने में से उठते हैं तब लगता है कि सपने की जगत नहीँ हैं । ऐसे ही अपने आत्मदेव में ठीक से जगते हैं तो ,फिर जगत की सत्यता नहीँ दिखती ; तो बोले जगत नहीँ हैं । 
RSS
1234

आश्रमवासी द्वारा उत्तर

RSS
124678910Last

ध्यान विषयक

निद्रा का व्यवधान क्यों होता है और उसका निराकरण कैसे होता है प्रभु ?

Admin 0 3970 Article rating: 4.3
श्री हरि प्रभु ! चालू सत्संग में जब मन निःसंकल्प अवस्था में विषय से उपराम होकर आने लगता है ,तो प्रायः निद्रा का व्यवधान क्यों होता है और उसका निराकरण कैसे होता है प्रभु ?

ध्यान की अवस्था में कैसे पहुंचे ? अगर घर की परिस्थिति उसके अनुकूल न हो तो क्या करे ?

Admin 0 2538 Article rating: No rating

ध्यान  की  अवस्था  में  कैसे  पहुंचे ? अगर  घर  की  परिस्थिति  उसके  अनुकूल  न  हो  तो  क्या  करे ?

RSS

EasyDNNNews

Admin
/ Categories: Rishi Prasad QA

रागरहित होने का क्या उपाय है ?

प्रश्न :- रागरहित होने का क्या उपाय है ? 
पूज्य बापूजी :- रागरहित होने का उपाय है - द्वेषरहित हो। राग - द्वेषरहित होने का उपाय यह है कि सत्य को सत्य जाने और मिथ्या को मिथ्या जाने। सत्य स्वरूप एक परमात्मा है, उसमे प्रीति करे, सत्यस्वरूप का सत्संग सुने। जितना राग कम होगा, उतना ही आदमी बढ़ा बनेगा।


Previous Article प्रश्न :- हे गुरुवर ! कामनारहित गुरुभक्ति कैसे करे ? मन में कोई कामना न रहै और आपसे प्रीति हो जाये।
Next Article मुझे डिप्रेशन है, उदासी की बीमारी है। कृपया इलाज बताइये।
Print
2986 Rate this article:
No rating
Please login or register to post comments.

Q&A with Sureshanand ji & Narayan Sai ji

कैसे जाने की हमारी साधना ठीक हो रही है ? कैसे पता चले के हम भी सही रस्ते है? कौनसा अनुभव हो तो ये माने की हमारी साधना ठीक चल रही है ?

पूज्य श्री - सुरेशानंदजी प्रश्नोत्तरी

Admin 0 3260 Article rating: 4.5
RSS
12