प्रश्नोत्तरी

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आध्यात्मिक

तात्त्विक

आत्मस्वरूप निष्क्रिय, अव्यक्त और तृप्त होते हुए भी वृत्तियों से कैसे जुड़ जाता है ?

Admin 0 10305 Article rating: 1.0

आत्मस्वरूप निष्क्रिय, अव्यक्त और तृप्त होते हुए भी वृत्तियों से कैसे जुड़ जाता है ? आत्मा तो निष्क्रिय है, अव्यक्त है और तृप्त है, फिर वृत्तियों से कैसे जुड़ जाता है ? न जुड़े इसका कोई उपाय बताने की कृपा करो |

ईश्वर सब में है फिर भी सब में नहीं ?

Admin 0 3744 Article rating: No rating

 हरि ॐ गुरूजी कृष्ण भगवान ने जो है  भागवत गीता में कहा है की मैं पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु आकाश में प्रवेश होते हुए भी  प्रवेश नहीं हूँ मतलब उसमें प्रवेश हूँ और प्रवेश होते हुए भी प्रवेश नहीं हूँ| इसका जो है थोड़ा समझाइये?

गुरुदेव हम चाहते हैं कि आत्मज्ञान प्राप्त हो ?

Admin 0 8639 Article rating: No rating

   पूज्य गुरुदेव के चरणों में सादर प्रणाम, गुरुदेव हम चाहते हैं कि  आत्मज्ञान प्राप्त हो| इसके उपर हमारे ऊपर कृपा करे कि ताकि हम उस ओर अग्रसर हो सके|

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आश्रमवासी द्वारा उत्तर

How to obtain Saraswatya mantra diksha?

Admin 0 464 Article rating: No rating

Guruji I wanted a saraswati mantra diksha from you. I want to excel in my studies. Im surprised to see so much miracles and blessings you are showering upon your followers

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ध्यान विषयक

निद्रा का व्यवधान क्यों होता है और उसका निराकरण कैसे होता है प्रभु ?

Admin 0 4716 Article rating: 4.3
श्री हरि प्रभु ! चालू सत्संग में जब मन निःसंकल्प अवस्था में विषय से उपराम होकर आने लगता है ,तो प्रायः निद्रा का व्यवधान क्यों होता है और उसका निराकरण कैसे होता है प्रभु ?

ध्यान की अवस्था में कैसे पहुंचे ? अगर घर की परिस्थिति उसके अनुकूल न हो तो क्या करे ?

Admin 0 2797 Article rating: No rating

ध्यान  की  अवस्था  में  कैसे  पहुंचे ? अगर  घर  की  परिस्थिति  उसके  अनुकूल  न  हो  तो  क्या  करे ?

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ससुराल में तकलीफ हो तो –

ससुराल में तकलीफ हो तो –

जिनको शादी के बाद कठिनाई आती है... ससुराल में ....उनको चैत्र मास शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को – ॐ ह्रीं गौरिये नम: | ॐ ह्रीं गौरिये नम: | का जप करे | और प्रार्थना करे " शिवजी की अति प्रिय हो माँ... हमारे परिवार में ये समस्या न रहें | "

आपके परिचितों में किसी को भी बेटी, बहन शादी के बाद दिक्कते आते हो ना तो आप इनको बता दे  | ऐसा करें बेटी न कर पाये तो बाप तो करे, भाई करें, बहन करें की मेरी बेटी, बहन को ऐसी तकलीफ न हो ऐसा संकल्प करें, नाम और गोत्र का उच्चारण करके |

- Shri Sureshanandji Ahmedabad 12th April' 2013

 
 
 


 
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Q&A with Sureshanand ji & Narayan Sai ji

कैसे जाने की हमारी साधना ठीक हो रही है ? कैसे पता चले के हम भी सही रस्ते है? कौनसा अनुभव हो तो ये माने की हमारी साधना ठीक चल रही है ?

पूज्य श्री - सुरेशानंदजी प्रश्नोत्तरी

Admin 0 4265 Article rating: 3.4
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