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माया का स्वरुप क्या है और माया से कैसे बचना चाहिए ?

साधक: माया का स्वरुप क्या है और माया से कैसे बचना चाहिए ?
    
 पूज्य बापूजी : माया जो दिखे पर टिके नही,ये माया का स्वरुप है । जो बदल जाता है । 
माया से कैसे बचना चाहिये ? जो दिखता है वह  सपना है और परमात्मा अपना है । परमात्मा को प्राप्ति करने की इच्छा से माया से बचता है । भगवान की शरण ह्रदय पुर्बक जाने से माया से वचते हैं ।
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आश्रमवासी द्वारा उत्तर

How to obtain Saraswatya mantra diksha?

Admin 0 463 Article rating: No rating

Guruji I wanted a saraswati mantra diksha from you. I want to excel in my studies. Im surprised to see so much miracles and blessings you are showering upon your followers

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निद्रा का व्यवधान क्यों होता है और उसका निराकरण कैसे होता है प्रभु ?

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गुरुदेव ! सबकुछ जानते हुए भी मन में संशय उत्पन्न हो जाता है

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पूज्य बापूजी :- सब कुछ क्या जानते है ?
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