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आध्यात्मिक

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/ Categories: PA-000437-Q&A

भगवन ! हर घट में आपका दर्शन कैसे हो और हर शासों में आपके सुमिरन कैसे प्राप्त हो ?

साधक : भगवन ! हर घट में आपका दर्शन कैसे हो और हर शासों में आपके सुमिरन कैसे प्राप्त हो ?
  
    पूज्य बापूजी : हर घट में हमार दर्शन ,हर घट में हम कैसे घुसे दिखें , हमारे आकृति के दर्शन चाहते हो की हमारे दर्शन चाहते हो ? बोले आपका दर्शन ; बापूजी दिखें, बापूजी दिखें,बापूजी दिखें ,ऐसे प्यारे प्यारे दाढ़ीवाले दिखे ; ये तो तुम्हारा भावना का दर्शन हुआ और तत्व रूप में तो हर घट में मेरे में जो चैतन्य आत्मा है ,जो सबमें है, आप मान लो - सत्संग करके जान लो । दिखेगा तो दिखनेवाले हर घट में ; भगवान या बापूजी या इष्टजी दिखें और दुशरे देखनेवाले । लेकिन वास्तव में जो देखनेवाला है वो असली रूप में तुम क्या हो ,इसको जान लोगे तो तो फिर हर घट,मरघट सब ठीक हो जायेगा । हर घट में बापूजी का दर्शन कौन चाहता है उसको खोज लो ,तो हो जायेगा सबका ।
   जय हो ! जय हो ! बापूजी के जय हो !!!
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