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Rishi prasad padhane se Sharab Chhutati hai
Rishi prasad padhane se Sharab Chhutati hai


04 Oct 12



१० जुलाई 2012 को मुझे किसी अर्जंट काम के लिए ऑटो करनी पड़ी | ऑटो में मैं बैठ गया और मुझे शराब की गंधी बांस आ गयी  | मैंने सोचा ऑटो ड्राईवर शराब पी के ऑटो चला रहा है ....मैंने उसके तरफ ध्यान न देकर ऑटो में ऋषिप्रसाद पढ़ रहा था | मुझे जहाँ पहुचना था, उधर मै ऑटो रुकने को बोला ,तो ऑटो के किराया दे रहा था वो  मुझे छुट्टा ५ रुपये मांग रहा था लेकिन मेरे पास ५ रूपये छूटे नहीं थे | तो उन्होंने बोला की, ये जो तुम्हारे पास किताब है ना ये दे दो मैंने उनको ऋषिप्रसाद का अंक दे दिया | वो ऑटो वाला (शराब पी कर ऑटो चलानेवाला) आज २०-२१ दिन के बाद सुबह मुझे मिला एक सिग्नल पे, तो उन्होंने मुझे पहचाना लेकिन मैंने उनको नहीं देखा अन देखा किया, तो मेरे बाजू में आया और बोला भाई साहब अपने जो किताब दियी थी वो आशाराम बापू वाली वो मैंने पूरी तो पढ़ी ! वैसे ही  मेरी शराब पीना बंद हो गई पूरी और मेरा ऑटो भी कभी खाली नहीं रहता | आज सुबह से मैंने ८ बजे ऑटो को चालू कर दिया तो अभी १० बजे है, तो ८०० रूपये का  धंदा हो गया | और मै उसके बात पर चकित हो गया और गुरुदेव को मन ही मन प्रणाम किया तो थोडा निचे झुक गया तो उनके ऑटो के अन्दर जो ऋषिप्रसाद का अंक दिया था उसका कव्हर पेज गुरुदेव की तस्वीरवाला ऑटो में फ्रेम बना के लगाईं थी | और बोला की अपने से  ५०१ रुपये लो और मुझे ये हर महिना बुक चाहिए | वो कहने लगा की  मै १५ साल से ऑटो चलाता है और  शादी शुदा  भी है   उनको दो बेटियां  है लेकिन वो बोला पिछले १८ तारीख से पहिले आपण १० रूपये घर में नही देता था  लेकिन ये बुक पढ़ने के बाद मैंने घर में हररोज ऑटो खर्चा छोड़ के १००० रूपये घर में देता है और बैंक में खाता खोला और उसमे ४०० -३०० जमा कर रहा है  उसने मुझे पास बुक भी  दिखाई |

इतना सारा गुरुदेव एक १५ दिन अन्दर शराबी आदमी का बदल कर दिया 

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