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मंत्र जप से भाग्य की रेखाएँ बदल जाती है !

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मंत्र जप से भाग्य की रेखाएँ बदल जाती है !

How chanting can change your fortune – Discourses of His Divine Holiness Asharamji Bapu

 

कुछ जप की संख्या बढ़ेगी तो तुमको सपने में भगवन के या गुरु क दर्शन होने लगेंगे, तो समझ लेना की भगवन ने हमारे जप को १ करोड़ की संख्या में मान लिया है

कभी कभार जप करते समय एकादशी का दिन है आज तो जप करते तो उसका दस गुना प्रभाव है

अगर तुलसी के आगे करते तो और दस गुना हो जाता है । 
अगर मौन रहकर करते है दुराचार से बचते है ,ब्रह्मचर्य रखते है तो सौगुना जप का प्रभाव हो जाता है ।

तो जप तो हो गए आपके 2326 लेकिन 1 करोड़ की गिनती पूरी हो गई
तो आपको सपने में देवी देवता या गुरु के दर्शन होंगे तो समझ लेना आपका जन्माक्षर का पहला केंद्र शुद्ध हो गया ।
तम और रज शांत हुआ देवी देवताओ के दर्शन हुए
1 करोड़ जप भगवान ने मान लिये।

 

अगर दुगना जप होता है तो आपका जन्मकुंडली का दूसरा ग्रह है धनस्थान
कुटुंब में सुख शान्ति बढ़ने लगेगा ,धन प्राप्त होना आसान हो जाएगा
कुटुंब का संयोग वियोग की चोट नहीं लगेगी, और जिनका वियोग होगा वो संयोग हो जाएगा जहाँ वैमनस्यता होगी वह  ठीक होने लगेगा और सुख शांति की वृद्धि होने लगेगी

 
तो समझ लेना आपका जप दुगना भगवान ने स्वीकार कर लिया है
आपका जन्मस्थान धनस्थान शुद्ध हो गया

 

अगर तीन गुना जप हो जाए तो आपका जन्मकुंडली का सहजस्थान शुद्ध हो गया आपके द्वारा असाध्य कार्य होने लगेंगे ।

हमारी समिति के बच्चे हैं छोटे छोटे लाले
ऐसे-ऐसे असाध्य कार्य करके दिखाते की देखो बरसातों में भी मेघराजा को रुकवा दिया
मंत्रदीक्षा के लिए कल झोली फैलाई और झोली भर गई
असाध्य कार्य भी हमारी समिति के लाले कर लेते

अगर तीन करोड़ जप हो गया, तीन करोड़ मतलब एक- दो- तीन नहीं , कभी-कभी चन्द्र ग्रहण सूर्य ग्रहण के दिन रात्रि को आप जप करते तो उसका तो हजार गुना फल हो जाता है

तो इस प्रकार अगर आपके जप तीन करोड़ हो गए तो असाध्य कार्य आपके द्वारा होने लगेंगे जो ठान लेंगे हो जाएगा ,गुरुपूनम ऐसे ऐसे तारीखे दे दी हो जाएगा
असाध्य कार्य सध जाते…. आय- हाय.………
कैसा है जादू समझ में ना आया
अरे गुरुमंत्र साथ है फिर काए को ये नहीं होगा??? नामुमकीन……. इम्पॉसिबल Nothing is impossible, every thing is possible.
मेरे पास ले आओ ये नहीं होता ,नहीं कैसे होता है ?
ऐसे बीहड़ स्थानो में जहाँ दिन को भी मार-काट होती थी वहां जाकर कुटिया बनाई । चालीस-चालीस भट्टियाँ चलती थी मोटेरा में पुलिस की भी पिटाई कर देते थे हमने वहां कुटिया बनाई  मेरे को तो नहीं मारा। ………. मेरी कुटिया का ताला तोडा ,ताला तो टुटा लेकिन कुंडा खुला नहीं,वो घटकी लोग भी मत्था टेक के चले गए ।
चालीस-चालीस भट्टियाँ चलती थी उसी जगह मैंने आश्रम बनाया ,वो आश्रम का नाम मोटेरा आश्रम ,वो हेड ऑफ़िस हो गया
नहीं कैसे होता है ????
उबड़ खाबड़ है असंभव है ऐसा है वैसा है , पास में एक साधु रहता था बोले मेरा अलार्म 20 रूपए का लेने के लिए मेरे को डंडे मारे लोगो ने.……।
उस जाति का मैं नाम नहीं लूंगा क्यों बेचारे बदनाम हो उस  जाति के लोग शराब बनाती है और लूटमार करती है उस जाति का उसने नाम लिया ,मैं क्यों लूँ नाम ??
बोले इधर वो रहते हैं और रहने नहीं देंगे , देखो मेरे को छः टाँके आये सिर फोड़ दिया बीस रूपए के लिए,बड़ा खतरनाक जगह है
मैंने वहीँ कुटिया बनाई, उसको मोक्ष कुटिया बोलते है अभी उस जगह को लोग फेरे फेरते हैं,अहमदावाद आश्रम में मोक्ष कुटिया है । बड़ लगा है पास में , जिसने देखा है हाथ ऊपर करो,हाथ हिलाओ तो ,देखा है न??? हाँ……….
असाध्य कार्य आपके लिए सध जायेंगे
मेरे पास कुछ भी नहीं था बस धोती और करमंडल और ये इतना सब हो गया

तीन करोड़ जप करने से असाध्य कार्य सधते तो काए को कंजूसी करो जप करने में??? काहे  को अश्रद्धा करो ??

  • आप जप करना आपको कुंजी मिल गई है दुःख रूपी भूत को भगाने की और सुखों को चरणो तले लाने की। 

  • अरे भगवान को अपने सामने अपने ह्रदय में प्रगट कर सकते ऐसी दीक्षा मिली है आपको । 

  • अब तुम ज़रा ज़रा बात में जिस किसी के आगे घुटने मत टेकना प्रेम सभी से करना लेकिन अपने आप को तुच्छ मत मानना और अपने को अहंकारी मत बनाना । 

  • अपने को बेवकूफ मत बनाना और दूसरे को बेवकूफ मत बनाना 

  • अपने को मृत्यु के डर से डराना मत और दूसरे को डराना मत, मरने के बाद भी तुम रहते हो,तुम अमर आत्मा हो 

  • अपना ज्ञान बढ़ाना दूसरे का ज्ञान बढ़ाना,अपनी निर्भयता बढ़ाना दूसरे की निर्भयता बढ़ाना 

आप मेरे साधक हो मेरे शिष्य हो ,अपना सुख बढ़ाना दूसरे का सुख पहले बढ़ाना आप सुविधा के भोगी नहीं होना 

 
हनुमान के मार्ग पे,लक्ष्मण लाला के, भरत भैया के पदचिन्हो पे,लीलाशाह बापू के पदचिन्हो पर रमन महर्षि और रामकृष्ण और विवेकानंद और मीरा और कबीर के पदचिन्हो पर चलकर महान आत्मा अभी हो जाएँगे  |मरने के बाद का वायदा नहीं

अगर चार गुना जप हो जाए तो आपका जन्मकुंडली का चौथा गृह जो सुख स्थान है वो शुद्ध हो जाएगा और आप के मन पर आघात नहीं पड़ेंगे ।

अरे ऐसा हो गया…………अरे ऐसा हो गया। आदमी डर जाते हार्ट अटैक हो जाता ,विफल हो जाते ,बड़बड़ाने लगते । ऐसे आघात नहीं पड़ेंगे ,आपका मनोबल ऐसा प्रभावशाली रहेगा की बड़े की बड़े-बड़े भी आपके आगे मत्था टेकेंगे |आप जिस किसी के आगे गिड़गिडाने वाले नहीं रहोगे चाहे सी एम हो चाहे पी एम हो सब आपके आगे स्नेह से पेश आएंगे आय-हाय.………………
कैसा मंत्र शक्ति का प्रभाव ,सुख स्थान शुद्ध हो जाएगा…………………….

अगर पांच गुना जप हो जाता है तो पुत्र स्थान शुद्ध हो जाता है ,विद्या स्थान शुद्ध हो जाता है

आप कम पढ़े हैं फिर भी पढ़े लिखे लोगो को आप उपदेश दे सकते है,आप धनवान नहीं है फिर भी धनवानों को आप दान कर सकते है
आप सत्तावान नहीं है फिर भी सत्तावानों को कुर्सी का दान कर सकते है ऐसा आदमी कही देखा तुमने ऐसा बाबा कहीं देखा ??
धन नहीं है फिर भी धनवानों को दान कर देते है ,सत्ता नहीं है फिर भी सत्तावानों को कुर्सी का दान कर देते है ,ऐसा बाबा कहीं देखा सुना
देखा है तो बताना चलेंगे अपन चलेंगे दर्शन करने को ,देखे है तो मुझे बताना ऐसा बाबा अपन चलेंगे जिसके पांच करोड़ जप हो गए ,साधना हो गई
निर्धन होते हुए भी धनवानों को दान कर देता है सत्ताविहीन होते हुए भी नेताओ को कुर्सी बख्श देता है ऐसा भी होता है ।

अगर छः जप हो गया तो तुम्हारे से कोई शत्रुता करे तो तुम उसको कुछ भी न कहो तो कुदरत या तो उसकी बुद्धि बदलेगी थोड़ा ठीक आदमी है तो और हरामी है तो उसको किसी न किसी मुसीबत में पटक देगी

जो भी तुम्हारे लिए साजिश करती है कोई कही -कोई कहीं,कोई तितर -कोई भीतर
कोई हेलीकाप्टर से सीधे रवाने हो गए,तो कोई नाचते नाचते बापू की फोटो पर पैर रखते तो paralise हो गए और फिर रात को मर गए ,और फिर उनके समाज वाले माफ़ी मांगने आये सूरत की जन्माष्टमी पे । 
चाय की दुकान पर  बापू का फोटो लगा था बोले क्या कर लेंगे तुम्हारे बापू ऐसा-वैसा उनको झगड़ा करना था,हमारे शिष्यों को मैंने कहा शांत रहो 
कैलेंडर उतार के कीचड़ के पैर  रख दिए ,शिष्यों ने कहा बापू सहा नहीं जाता , मैं कहा सहनशील रहो 
वे  नाचे ,दिन को तो नाचे और थोड़ा ऊधम मचाया ,रात को पैरेलाइज हो गया और सुबह होते होते मर गए शमशान में पहुँच गए दो जवान तबसे फिर ऐसे लोग डरते की यह महाराज से झगड़ा मोल नहीं लेना। … ये महाराज के सत्संगियों को नहीं सताना ऐसा वो लोग मानते ।

उस जाति के लोगो में ये समझदारी आ गई ,मैं उस जाति का नाम भी नहीं लूंगा काए को उनकी बदनामी हो बेचारो की
जय रामजी बोलना पड़ेगा

अगर छह करोड़ जप हो जाए तो आपको शत्रुता करेगा कोई खामखाँ सताएगा तो उसको तकलीफ हो जाएगी ।

तो ऐसे जो भगवान के भक्त होते छह करोड़ जिनके जप हो गए उनको कोई सताता ,मीरा को सताने वालो को तकलीफ हो गई
कबीर को सताने वालो को तकलीफ हो गई ,संतो को या भको को सताने वालो को तकलीफ हो जाती ।

अगर सात गुना जप करे तो स्त्री स्थान शुद्ध होता है,
शादी विवाह नहीं होता किसी का तो आपके आशीर्वाद से या स्त्री पत्नी में झगड़ा है तो वह ठीक हो जाएगा ।

अगर आठ गुना जप होता है तो आपकी अकाल मृत्यु नहीं होगी |तुम जिस जहाज में गाडी में बैठे हो एक्सीडेंट की घटना घटने वाली है लेकिन तुम्हारे पुण्य प्रताप से दूसरे लोग भी बच जाएँगे

आप जप की महिमा क्या समझते ???

अगर नौ करोड़ जप हो जाता है तो जिस देव का जप करते वो देवता प्रगट हो जाएगा आपके आगे। ………
जैसे समर्थ रामदास सीताराम सीताराम जपते थे तो सीताराम प्रगट हो गए।
तो तुकाराम तुकोबा विट्ठला विट्ठला लक्ष्मीनारायण जपते थे तो लक्ष्मीनरायण प्रगट हो गए
मोरिया बाबा गजानन का जप करते थे तो गणपति प्रगट हो गए ,

अगर आप आत्मज्ञान का करते तो आत्मज्ञान हो जाएगा ।

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