प्रिय आत्मन्, सप्रेम सदगुरु स्मरण...

जो मानवता का, प्राणिमात्र का मंगल चाहता है, उसका जन्म और कर्म दिव्य हो जाता है । पूज्य बापूजी के इन्हीं वचनों का आदर करते हुए पूज्यश्री के शिष्यों द्वारा पूरे देशभर में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बापूजी का अवतरण दिवस विभिन्न सेवाओं के द्वारा हर वर्ष “विश्व सेवा-सत्संग दिवस” के रुप में मनाया जाता है । प्रतिवर्ष की भाँति इस वर्ष भी सभी समितियाँ, युवा सेवा संघ, महिला उत्थान मंडल,  ऋषि प्रसाद सेवादार तथा अन्य सेवाधारी-साधक सभी मिलकर अपने क्षेत्र में पूज्य बापूजी द्वारा चलाये जा रहे इन दैवीकार्यों का और भी व्यापक रुप से प्रचार-प्रसार करें ।

१) भगवन्नाम संकीर्तन यात्राओं का आयोजन :- समाज में वैचारिक प्रदुषण मिटाने तथा आध्यात्मिक जागृति लाने हेतु अवतरण दिवस पर भगवन्नाम संकीर्तन यात्राओं का आयोजन करें । अन्य सामाजिक संघटनों के प्रतिनिधियों को भी इस संकीर्तन यात्रा में शामिल होने हेतु आमंत्रण दें ।

नोट :- अवतरण दिवस से 10-12 दिन पहले सभी समितियाँ, साधक अपने-अपने क्षेत्रों में होर्डिंग्स लगायें जिसमें पूज्यश्री ने समाज को क्या दिया, पूज्यश्री का तपोमय जीवन, पूज्यश्री के प्रेरणा से आज भी सुचारू रूप से चल रहे सभी समाजोत्थान के सेवाकार्य दर्शाये हो | होर्डिंग्स आपको साथ में भेज रहे हैं |

२) टोपी वितरण :- पूज्य बापूजी के अवतरण दिवस निमित्त गर्मी से राहत के लिए गरीब मजदूरों, बच्चों में टोपी का वितरण करें | ये सेवा अवतरण दिवस से लेकर पूरी गर्मियों तक कभी भी कर सकते है |

३) गरीबों में अन्न, वस्त्र वितरण :- आसपास के ऐसे गरीब, आदिवासी, अभावग्रस्त लोगों में जाकर भंडारे का आयोजन करें । उन्हें भोजन प्रसादी का वितरण कर अपनी क्षमतानुसार गरीबों में वस्त्र, अनाज, बर्तन आदि जीवनोपयोगी सामग्री का भी वितरण करें । 

४) शरबत,छाछ,जल प्याऊ सेवा अभियान :- पूज्य बापूजी के अवतरण दिवस पर भीड़वाले जगहों पर, सार्वजनिक स्थानों पर भी प्याऊ लगाकर शरबत, छाछ आदि का वितरण करें । सुप्रचार साहित्य का वितरण भी करें । शरबत वितरण, जल प्याऊ के बैनर भेज रहें है, इसको अवश्य लगायें | अवतरण दिवस से पूरी गर्मियों तक चलनेवाले शीतल जल प्याऊओं का भी शुभारम्भ कर सकते हैं । 

५) समाज के बुद्धिजीवी वर्ग के साथ सुहृद,सुदृढ़ संबंध बनाने हेतु  :- 

(a) 8-10 मुख्य लोग मिलकर अपने क्षेत्र के छोटे बड़े समाचार पत्र तथा स्थानीय या राज्यस्तरीय न्यूज़ चैनल के लोगों को मिठाई, पलाश शरबत, ऋषि प्रसाद, लोक कल्याण सेतु, सुप्रचार का सत्साहित्य, सीडी आदि का किट बनाकर उन्हें भेंट देकर आये, जिससे उनके साथ सुहृद संबंध बनाया जा सके । 

(b) अवतरण दिवस निमित्त होनेवाले कार्यक्रम में प्रतिष्ठित व्यक्ति जैसे सांसद, विधायक, जिलाधिकारी, संत-महंत, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रमुख व्यक्तियों को भी अवश्य बुलायें तथा उस मुख्य अतिथि का वीडियो बाइट ले । कार्यक्रम के बाद फोटो तथा वीडियो बाइट अहमदबाद अवश्य भेजें |

६) अपनी क्षमतानुसार अन्य सेवा अभियान जैसे- अस्पताल में फल वितरण, निशुल्क चिकित्सा शिविर आदि अन्य सेवाओं का भी आयोजन कर सकते हैं ।

७) अवतरण दिवस पर सामूहिक जप :- 

इस दिन अन्य सेवाकार्यों के ‘श्री आशारामायणजी’, भजन, कीर्तन, सत्संग के अलावा पूज्य बापूजी की कारागृह से शीघ्र रिहाई के लिए ‘ॐ ॐ ॐ बापूजी जल्दी बाहर आयें’, ‘ॐ नमो प्रभु दया करो करुणा करो’ एवं स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य मंत्र ‘ॐ हंसं हंसः’ इन मंत्रों का सामूहिक जप करें ।  

अच्छे कवरेजवाले फोटो एवं विडियो कार्यक्रम के तुरंत बाद ही अखिल भारतीय कार्यालय के samitiseva@gmail.com इस ईमेल आईडी पर भेजें जिसे ऋषि प्रसाद व लोक कल्याण सेतु तथा विडियो को ऋषि दर्शन में दे सकें ।

ब्रह्मनिष्ठ पूज्य बापूजी के अवतरण दिवस की सभीको हार्दिक शुभकामनाएँ !.... हरि ॐ....

 


Download क्लीक करके प्रचार सामग्री डाउनलोड कर सकते है | 
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How to Celebrate Avataran Divas with Mantras ?

Process Describing Avataran Divas Celebration with Mantras

गुरुदेव का अवतरण दिवस है जन्मदिवस को , अवतरण दिवस को वैदिक भाषा में वर्धापन दिवस भी कहते हैं

और इस दिन वैदिक विधान द्वारा जप ताप करना चाहिए सर्वप्रथम ...हम सभी को करना चाहिए

आज के इस पवित्र दिन को भगवान गणपति जी का सुमिरन करके गुरुदेव की दीर्घ आयु के निमित्त संकल्प करेंगे की जो कृपा सिन्धु गुरुदेव नाम दान देते हैं , ज्ञान दान देते हैं , भक्ति दान देते हैं , क्षमा दान देते हैं

ऐसे गुरुदेव की खूब खूब लम्बी आयु हो

चिरंजीवी हों - ऐसा संकल्प करते हुए

हमलोग सर्व प्रथम गणपति जी का पूजन करेंगे

'll वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ll

ll निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ll

विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय लम्बोदराय सकलाय जगत्‌ हिताय

नागाननाय श्रुतियज्ञभूषिताय गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते

ॐ गं गणपतये नमः

ॐ दुं दुर्गाए नमः

ॐ षष्ठी देव्यै नमः

षष्ठी देव्यै नमः , आज षष्ठी तिथि है

चैत्र वद ६ १९९८

षष्ठी तिथि को स्कन्द माता की पूजा का विधान है

अपने शास्त्रों में दिया गया है षष्ठी देवी जो की ऋग्वेद यजुर्वेद में स्कन्द माता के नाम से प्रसिद्ध है

हम लोग वैदिक कर्म कर रहे हैं

उपजाया हुआ नहीं है ऋग्वेद यजुर्वेद में स्कन्द माता के नाम से प्रसिद्ध है हम लोग उनके चरणों में वंदन करते हुए

ॐ षष्ठी देव्यै नमः

ॐ मार्कंडेयाय नमः

ॐ जमदग्नए नमः

ॐ व्यसाय नमः

ॐ अश्वत्थामने नमः

ॐ पर्शुरामाय नमः

ॐ कृपाचार्याय नमः

ॐ बलये नमः

ॐ प्रह्लादायाय नमः

ॐ हनुम्तये नमः

ॐ विभीषणाय नमः

अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनुमांश्च विभीषणः। कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरंजीविनः॥

सप्तैतान संस्मरे नित्यं, मार्कण्डेयं तथाष्टकम

जीवेद वर्णशतं साग्रमपमृत्युविजर्जिति:॥

जगन्मात र्जगद्धात्री जगदा आनंद कारिणी

प्रसीद मम कल्याणी नमस्ते षष्ठी देवते

आयु:प्रद महाभाग सोमवंश समुद्भव

महातापो निधिश्रेष्ठ मार्कण्ड नमोऽस्तुते

चिरंजीवो यथा त्वं भो भविष्यामि तथा मुने

रूपवान वित्तवानायु: श्रिययुक्तश्चः सर्वदा

मार्कण्डेय नमस्तेऽस्तु सप्तकलपांतजीवन । आयुरारोग्य सिद्ध्यर्थं प्रसीद भगवन्मुने

चिरं जीवो यथा तवं भो !मुनीनाम प्रवरो द्विज

कुरुष्व मुनिशार्दुलम्
तथा मां चिरंजीविनम्

जमदग्ने महाभाग महातेजोमयोज्ज्वल
आयुरारोग्यसिध्दर्थमस्माकं वरदो भव

गुरुदेव का पवन अवतरण दिवस है

हम सभी मिलकर

अपने कृपा सिन्धु गुरुदेव के अवतरण दिवस पर

गुरुदेव को और क्या भेंट दे सकते हैं

फिर भी इतना तो कर ही सकते हैं, शुभ संकल्प

यदायुष्यं चिरंदेव सप्तकल्पांत जीविषु

ददुस्ते न युषा युक्ता जीवेम शरदः शतम्

जैसे आजानु आदि देवों की सप्त कल्प की आयु है , वैसे ही श्री गुरुदेव की सैकड़ो शरद ऋतुओं से युक्त आयु हो

जीवेम शरदः शतम्

दीर्घा नागा नगा नद्योऽन्तस्सप्तार्णवा दिशः। अनन्तेनायुषा तेन जीवेम शरद शतं

जैसे शेषनाग , वासुकी नाग आदि दिव्य नाग , सभी पर्वत

सभी नदियाँ गंगा यमुना आदि सभी वन सभी दिशाएँ

इन सब की अनंत आयु है

उसीप्रकार हमारी गुरुदेव की सैकड़ो शरद ऋतुओं से युक्त अनंत आयु हो

सत्यानि पञ्च भूतानि विनाश रहितानी च अविनाश्या युषा तत्द्वज

जीवेम शरदः शतम्

जैसे पाँच महाभूत पृथ्वी जल तेज वायु आकाश

ये अविनाशी हैं

वैसे ही हमारे गुरुदेव भी सैकड़ों शरद ऋतुओं से युक्त अविनाशी आयुष्यमान हों

शतं जीवन्तु भवन्तः

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌

मृत्युंजय महादेव त्राहिमां शरणागतम
जन्म मृत्यु जरा व्याधि पीड़ितं कर्म बंधनः


संस्कृत श्लोकों को लिपिबद्ध करने  में कोई त्रुटी रह गयी हो तो प्रभुजी क्षमा करें 

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Sant Shri Asharam Ji Bapu’s Incarnation Day (Avataran Diwas) is celebrated as Vishwa Seva Diwas all over the world by millions of followers of Pujya Bapuji. On the occasion of Avataran Divas, Pujya Bapuji’s sadhaks do a lot of welfare activities across the world by doing bhandaras, distributing buttermilk, distributing fruits in hospitals, distributing Topi (caps) for poor, distributing sahitya, organising Sankirtan Yatras and much more….

Sant Shri Asharam ji Bapu inspires devotees to celebrate Vishwa Seva Diwas by serving mankind, as God is 

in everyone. ‘Selfless Social Service is service towards God’

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