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17Oct'17
  • संत किसे कहते है ? | (Sant-Kise-Kehte-Hai ?)
  • 16Oct'17
  • आपकी मस्ती किसमे टिकी है ? | (Aapki-Masti-Kisme-Tiki-Hai ?)
  • 15Oct'17
  • ये जीवन की आखरी उपलब्धि है | (Ye-Jeevan-Ki-Aakhri-Upalabdhi-Hai)
  • 14Oct'17
  • चित्त को आवश्यकता मे लगाओ | (Chitta-Ko-Aavashyakta-Me-Lagao)
  • 13Oct'17
  • ईश्वर के लिए सब सह लो | (Ishwar-Ke-Liye-Sab-Sah-Lo)
  • 12Oct'17
  • हम आपकी शरण है प्रभु | (Ham-Aapki-Sharan-Hai-Prabhu)
  • 11Oct'17
  • हृदय शुद्धि का फल है भगवत्प्राप्ति | (Hriday-Shuddhi-Ka-Fal-Hai-Bhagvatprapti)
  • 10Oct'17
  • अपने आप पर राज़ी हो जाओ | (Apne-Aap-Par-Raaji-Ho-Jao)
  • 09Oct'17
  • हम ईश्वर से दूर क्यों है ? | (Ham-Ishwar-Se-Door-Kyon-Hai ?)
  • 08Oct'17
  • आपको कैसा सुख चाहिए ? | (Aapko-Kaisa-Sukh-Chahiye ?)
  • 07Oct'17
  • मृत्यु-रोग-शोक को यहाँ प्रवेश नही | (Mrityu-Rog-Shok-Ko-Yaha-Pravesh-Nahi)
  • 06Oct'17
  • परम सुख तो पिता का ही ख़ज़ाना है | (Param-Sukh-To-Pita-Ka-Hi-Khazana-Hai)
  • 05Oct'17
  • सदगुरु ही परम मंगल करते है | (Sadguru-Hi-Param-Mangal-Karte-Hai)
  • 04Oct'17
  • नित्य गुरु ज्ञान मे रमण करो | (Nitya-Guru-Gyan-Me-Raman-Karo)
  • 03Oct'17
  • जगत की ममता ही दुख देती है | (Jagat-Ki-Mamta-Hi-Dukh-Deti-Hai)
  • 02Oct'17
  • इसके सिवाय कोई उपाय नही | (Iske-Sivaay-Koi-Upaay-Nahi)
  • 01Oct'17
  • बुद्धि का दुरुपयोग मत करो | (Buddhi-Ka-Durupyog-Mat-Karo)
  • 30Sept'17
  • भगवतप्रीति भाग्य बदल देती है | (Bhagvatpreeti-Bhagya-Badal-Deti-Hai)
  • 29Sept'17
  • ईश्वर की सतत स्मृति कैसे हो ? | (Ishwar-Ki-Satat-Smruti-Kaise-Ho ?)
  • 28Sept'17
  • ऐसी होनी चाहिए मोक्ष की इच्छा | (Aisi-Honi-Chahiye-Moksh-Ki-Ichchha)
  • 27Sept'17
  • संत कभी खाली नही होते | (Sant-Kabhi-Khali-Nahi-Hote)
  • 26Sept'17
  • समय कहाँ लगाना चाहिए ? | (Samay-Kaha-Lagana-Chahiye ?)
  • 25Sept'17
  • बनने की अपेक्षा अपने को जानो | (Banane-Ki-Apeksha-Apne-Ko-Jaano)
  • 24Sept'17
  • मेरे गुरु इन सबसे पार है | (Mere-Guru-In-Sabse-Paar-Hai)
  • 23Sept'17
  • सच्चे भक्त की निगाह | (Sachhe-Bhakt-Ki-Nigaah)
  • 22Sept'17
  • रोग रहित मेरा सदगुरु जोगी | (Rog-Rahit-Mera-Sadguru-Jogi)
  • 21Sept'17
  • सत्य मे कुछ करना नही जानना है | (Satya-Me-Kuchh-Karna-Nahi-Janana-Hai)
  • 20Sept'17
  • सबमे तू ही तू | (Sabme-Tu-Hi-Tu)
  • 19Sept'17
  • जो सर्वत्र है उसको प्रणाम है | (Jo-Sarvatra-Hai-Usko-Pranaam-Hai)
  • 18Sept'17
  • भगवान को पाने की इच्छा तो कर | (Bhagvan-Ko-Paane-Ki-Ichcha-To-Kar)
  • 17Sept'17
  • पहले तो परमात्मा ही है | (Pehle-To-Parmatma-Hi-Hai)
  • 16Sept'17
  • सामान्य मे सुख पाओ | (Saamanya-Me-Sukh-Pao)
  • 15Sept'17
  • इसी घूंटि की ज़रूरत है संसार को | (Isi-Ghoonti-Ki-Jaroorat-Hai-Sansaar-Ko)
  • 14Sept'17
  • संसार सागर मे कब तक गिरोगे ? | (Sansaar-Sagar-Me-Kab-Tak-Giroge ?)
  • 13Sept'17
  • संपूर्ण जगत का आश्रय कौन है ? | (Sampurn-Jagat-Ka-Ashray-Kaun-Hai ?)
  • 12Sept'17
  • जगत को स्वप्नवत मानो | (Sansaar-Ko-Swapnavat-Mano)
  • 11Sept'17
  • संसार मे आनंद मिलना असंभव है | (Sansaar-Me-Anand-Milna-Asambhav-Hai)
  • 10Sept'17
  • हमारी माँग का नाम भगवान है | (Hamari-Maang-Ka-Naam-Bhagvan-Hai)
  • 09Sept'17
  • तू वही का वही | (Tu-Vahi-Ka-Vahi)
  • 08Sept'17
  • अपने हृदय को संभालो | (Apne-Hriday-Ko-Sambhaalo)
  • 07Sept'17
  • विशेषता परमात्मा से दूर करती है | (Visheshta-Parmatma-Se-Door-Karti-Hai)
  • 06Sept'17
  • विषयों को विष समझकर त्याग दो | (Vishayon-Ko-Vish-Samajhkar-Tyaag-Do)
  • 05Sept'17
  • सब ईश्वर की ही देन है | (Sab-Ishwar-Ki-Hi-Den-Hai)
  • 04Sept'17
  • मैं तो उसके साथ ही हूँ| (Main-To-Uske-Sath-Hi-Hun)
  • 03Sept'17
  • संसार मे हमे चोट क्यों लगती है ?| (Sansaar-Me-Hame-Chot-Kyon-Lagti-Hai ?)
  • 02Sept'17
  • वास्तव मे हितेषी कौन होता है ?| (Vaastav-Me-Hiteshi-Kaun-Hota-Hai ?)
  • 01Sept'17
  • ऐसे मिलो की बिछडो नही | (Aise-Milo-Ki-Bichhdo-Nahi)
  • 31Aug'17
  • आपकी और भगवान की एकता है | (Aapki-Aur-Bhagvan-Ki-Ekta-Hai)
  • 30Aug'17
  • शाश्वत जीवन की प्राप्ति | (Shashwat-Jeevan-Ki-Prapti)
  • 29Aug'17
  • जीते जी भगवान का अनुभव करो | (Jeete-Ji-Bhagvan-Ka-Anubhav-Karo)
  • 28Aug'17
  • वास्तविक सुख तो आत्मा का ही है | (Vastavik-Sukh-To-Atma-Ka-Hi-Hai)
  • 27Aug'17
  • ज्ञान सुनने के बाद भी संशय क्यों | (Gyan-Sunane-Ke-Baad-Bhi-Sanshay-Kyon ?)
  • 26Aug'17
  • हमारा कल्याण कैसे होगा ? | (Hamara-Kalyan-Kaise-Hoga ?)
  • 25Aug'17
  • अंत मे तो ईश्वर मे ही आना पड़ेगा | (Ant-Me-To-Ishwar-Me-Hi-Aana-Padega)
  • 24Aug'17
  • शाश्वत जीवन हमारा अधिकार है | (Shashwat-Jeevan-Hamara-Adhikar-Hai)
  • 23Aug'17
  • सबको जानने वाला कौन है ? | (Sabko-Janane-Wala-Kaun-Hai ?)
  • 22Aug'17
  • जहाँ दुख और चिंता नही वो ईश्वर है | (Jaha-Dukh-Aur-Chinta-Nahi-Wo-Ishwar-Hai)
  • 21Aug'17
  • जानना मानना और करना ईश्वर के लिए | (Janana-Manana-Aur-Karna-Ishwar-Ke-Liye)
  • 20Aug'17
  • प्रीति और आवश्यकता भगवान की | (Preeti-Aur-Avashyakta-Bhagvan-Ki)
  • 19Aug'17
  • जप करने से क्या होता है ? | (Jap-Karne-Se-Kya-Hota-Hai ?)
  • 18Aug'17
  • पूर्ण सुख पाना कठिन नही | (Purna-Sukh-Paane-Kathin-Nahi)
  • 17Aug'17
  • आख़िर क्यों श्री कृष्ण रो पड़े ?| (Aakhir-Kyon-Shri-Krishna-Ro-Pade ?)
  • 16Aug'17
  • सत्संग क्या होता है ? | (Satsang-Kya-Hota-Hai ?)
  • 15Aug'17
  • गुरु के प्रति प्रेम क्यों होना चाहिए ? | (Guru-Ke-Prati-Prem-Kyon-Hona-Chahiye ?)
  • 14Aug'17
  • परमात्मा कैसे हैं ? | (Parmatma-Kaise-Hai)
  • 13Aug'17
  • जगत सत् नही है सत्य है | (Jagat-Sat-Nahi-Hai-Satya-Hai)
  • 12Aug'17
  • हमे अपेक्षा क्यों होती है | (Hame-Apeksha-Kyon-Hoti-Hai ?)
  • 11Aug'17
  • आपका इससे कोई संबंध नही | (Aapka-Isse-Koi-Sambandh-Nahi)
  • 10Aug'17
  • मन-बुद्धि ईश्वर को ही समर्पित है | (Man-Buddhi-Ishwar-Ko-Hi-Samarpit-Hai)
  • 09Aug'17
  • हमारे और ईश्वर के बीच क्या है ? | (Hamare-Aur-Ishwar-Ke-Beech-Kya-Hai ?)
  • 08Aug'17
  • मरने की युक्ति अभी से सीख लो | (Marne-Ki-Yukti-Abhi-Se-Seekh-Lo)
  • 07Aug'17
  • बस एक ही उपाय है निर्दुख होने का | (Bas-Ek-Hi-Upaay-Hai-Nirdukh-Hone-Ka)
  • 06Aug'17
  • मनुष्य अपना उद्धार कैसे करें ? | (Manushya-Apna-Uddhar-Kaise-Karen ?)
  • 05Aug'17
  • अपनी समझ बदल दो | (Apni-Samajh-Badal-Do)
  • 04Aug'17
  • विश्रान्ति का सुख उभरने दो | (Vishranti-Ka-Sukh-Ubharne-Do)
  • 03Aug'17
  • भगवान दयालु कैसे ? | (Bhagvan-Dayalu-Kaise ?)
  • 02Aug'17
  • आप इतने उँचे उठ सकते है | (Aap-Itne-Unche-Uth-Sakte-Hai)
  • 01Aug'17
  • शीतल मन होना परम लक्ष्य है | (Sheetal-Man-Hona-Param-Lakshya-Hai)
  • 31July'17
  • खोज-खोज और तू पहुँच जाएगा | (Khoj-Khoj-Aur-Tu-Pahunch-Jayega)
  • 30July'17
  • ज्ञान से सब प्रिय दिखता है | (Gyan-Se-Sab-Priya-Dikhta-Hai)
  • 29July'17
  • अपने आप को पा लो | (Apne-Aap-Ko-Paa-Lo)
  • 28July'17
  • प्रकृति हरी तक पहुँचाना चाहती है | (Prakruti-Hari-Tak-Pahuchana-Chahti-Hai)
  • 27July'17
  • मैत्री किससे करें ? | (Maitri-Kisse-Karen ?)
  • 26July'17
  • उसका चित्त शीतल हो जाता है | (Uska-Chitt-Sheetal-Ho-Jaata-Hai)
  • 25July'17
  • तुम्हारा बिगड़ा क्या ? | (Tumhara-Bigda-Kya ?)
  • 24July'17
  • भगवत प्राप्ति जन्म सिद्ध अधिकार है | (Bhagvat-Prapti-Janm-Siddha-Adhikar-Hai)
  • 23July'17
  • अमरता के लिए परिश्रम नही | (Amarta-Ke-Liye-Parishram-Nahi)
  • 22July'17
  • आखरी बात सुना दो स्वामी | (Aakhri-Baat-Suna-Do-Swami)
  • 21July'17
  • उसकी खुली आँख समाधि है | (Uski-Khuli-Aankh-Samadhi-Hai)
  • 20July'17
  • देहाध्यास ही बंधन है | (Dehadhyaas-Hi-Bandhan-Hai)
  • 19July'17
  • अहंकार मिटा तो वासना मिटी | (Ahamkar-Mita-To-Vasna-Miti)
  • 18July'17
  • वास्तविक जीवन किसका शुरू हुआ | (Vaastavik-Jeevan-Kiska-Shuru-Hua)
  • 17July'17
  • संत का मन कहाँ ठहरता है ? | (Sant-Ka-Man-Kahan-Theherta-Hai)
  • 16July'17
  • वो पूर्ण पुरुष हो जाता है | (Wo-Purna-Purush-Ho-Jaata-Hai)
  • 15July'17
  • अंदर के सुख से तृप्त होते जाओ | (Andar-Ke-Sukh-Se-Trupt-Hote-Jao)
  • 14July'17
  • मुक्त पुरुष को न हर्ष है न शोक | (Mukt-Purush-Ko-Na-Harsh-Hai-Na-Shok)
  • 13July'17
  • भगवान की प्रीति और कृपा का फल | (Bhagvan-Ki-Kripa-Aur-Preeti-Ka-Fal)
  • 12July'17
  • क्या भगवान का वर्णन हो सकता है | (Kya-Bhagvan-Ka-Varnan-Ho-Sakta-Hai)
  • 11July'17
  • दुःख किसमे छुपा है | (Dukh-Kisme-Chhupa-Hai)
  • 10July'17
  • इसीलिए अनंत का सहारा लगता है | (Isiliye-Anant-Ka-Sahara-Lagta-Hai)
  • 09July'17
  • सदगुरु अद्वितीय होते है | (Mahapurush-Adviteeya-Hote-Hai)
  • 08July'17
  • उस पर किसीका प्रभाव नही पड़ता | (Us-Par-Kisika-Prabhav-Nahi-Padta)
  • 07July'17
  • सत्संग सुनते-सुनते अज्ञान मिटता है | (Satsang-Sunte-Sunte-Agyan-Mitata-Hai)
  • 06July'17
  • सच्चा सुख कहाँ है ? | (Sachcha-Sukh-Kahan-Hai ?)
  • 05July'17
  • अपनी अमरता को जान लो | (Apni-Amarta-Ko-Jaan-Lo)
  • 04July'17
  • कर्तापन परहित कर दो | (Kartapan-Parhit-Kar-Do)
  • 03July'17
  • हमे फकीरी रंग लग जाए | (Hame-Fakiri-Rang-Lag-Jaye)
  • 02July'17
  • अपने आप का आदर करो | (Apne-Aap-Ka-Aadar-Karo)
  • 01July'17
  • सबका कारण कौन ? | (Sabka-Kaaran-Kaun ?)
  • 30June'17
  • भोग मनुष्य को अँधा कर देता है | (Bhog-Manushya-Ko-Andha-Kar-Deta-Hai)
  • 29June'17
  • आत्मसुख सर्वोपरि है | (Atmasukh-Sarvopari-Hai)
  • 28June'17
  • उत्तम लक्ष्मी क्या है ?| (Uttam-Lakshmi-Kya-Hai ?)
  • 27June'17
  • भगवान को आत्मरूप मे मानो | (Bhagvan-Ko-Atmaroop-Me-Maano)
  • 26June'17
  • आत्मसुख जीव को स्वतन्त्र करता है | (Atmasukh-Jeev-Ko-Swatantra-Karta-Hai)
  • 25June'17
  • गुरु मन की कमज़ोरी जानते है | (Guru-Man-Ki-Kamjori-Jante-Hai)
  • 24June'17
  • वो हमारा साथ कभी नही छोड़ता | (Wo-Hamara-Saath-Kabhi-Nahi-Chhodta)
  • 23June'17
  • अपने आनंद स्वभाव को जगाओ | (Apne-Anand-Swabhav-Ko-Jagao)
  • 22June'17
  • सबसे सरल कार्य कौनसा है ? | (Sabse-Saral-Kaarya-Kaunsa-Hai ?)
  • 21June'17
  • क्या बंधन बना कर मुक्ति चाहिए ? | (Kya-Bandhan-Bana-Kar-Mukti-Chahiye ?)
  • 20June'17
  • आप सदा एकरस है (Aap-Sada-Ekras-Hai)
  • 19June'17
  • जो तुम्हारा है प्रगट हो जाए (Jo-Tumhara-Hai-Pragat-Ho-Jaye)
  • 18June'17
  • हमारी भीतर की आँख खुल जाए(Hamari-Bheetar-Ki-Aankh-Khul-Jaye)
  • 17June'17
  • वो तुमसे दूर नही तुम उससे दूर नही (Wo-Tumse-Door-Nahi-Tum-Usse-Door-Nahi)
  • 16June'17
  • प्रेम के आगे भगवान भी पिघलते है | (Prem-Ke-Aage-Bhagvan-Bhi-Pighalte-Hai)
  • 15June'17
  • संतों के द्वार पर भर्ती हो जाओ | (Santon-Ke-Dwaar-Par-Bharti-Ho-Jao)
  • 14June'17
  • तो सहज मे हरी भक्ति होती है | (To-Sahaj-Me-Hari-Bhakti-Hoti-Hai)
  • 13June'17
  • वास्तव मे बड़ा कौन ? | (Vaastav-Me-Bada-Kaun ?)
  • 12June'17
  • सभी विपत्तियों से मुक्ति का उपाय | (Sabhi-Vipattiyon-Se-Mukti-Ka-Upaay)
  • 11June'17
  • सच्ची कहानी क्या है ? | (Sachchi-Kahani-Kya-Hai ?)
  • 10June'17
  • साधना के बिना मनुष्य हार जाता है | (Sadhna-Ke-Bina-Manushya-Haar-Jaata-Hai)
  • 09June'17
  • सत्य हरी भजन जगत सब सपना | (Satya-Hari-Bhajan-Jagat-Sab-Swapna)
  • 08June'17
  • वो पुनर्जन्म को प्राप्त नही होता | (Wo-Punarjanm-Ko-Praapt-Nahi-Hota)
  • 07June'17
  • ईश्वर के जगत मे प्रेम की कीमत है | (Ishwar-Ke-Jagat-Me-Prem-Ki-Keemat-Hai)
  • 06June'17
  • सबसे बड़ा आश्चर्य | (Sabse-Bada-Aashcharya)
  • 05June'17
  • वासना की पूर्ती में ही दुःख है | (Vaasna-Ki-Poorti-Me-Hi-Dukh-Hai)
  • 04June'17
  • वो ऐसा अमृत का खजाना है | (Wo-Aisa-Amrut-Ka-Khajana-Hai)
  • 03June'17
  • ऐसे मिलो की बिछडो नही | (Aise-Milo-Ki-Bichhdo-Nahi)
  • 02June'17
  • आप ही से सब दिखता है | (Aap-Hi-Se-Sab-Dikhta-Hai)
  • 01June'17
  • जो जा रहा है उसका भय क्यों ? | (Jo-Ja-Raha-Hai-Uska-Bhay-Kyon ?)
  • 31May'17
  • ज्ञानी की सबके साथ मैत्री होती है | (Gyani-Ki-Sabke-Saath-Maitri-Hoti-Hai)
  • 30May'17
  • हरी सबमे हैं और सबसे अलग भी | (Hari-Sabme-Hai-Aur-Sabse-Alag-Bhi)
  • 29May'17
  • मैं कौन और मेरा कौन ? | (Me-Kaun-Aur-Mera-Kaun ?)
  • 28May'17
  • मन मे भोग है या भगवान है ? | (Man-Me-Bhog-Hai-Ya-Bhagvan-Hai ?)
  • 27May'17
  • भगवान कभी बेवफ़ाई नही करते | (Bhagvan-Kabhi-Bevafaai-Nahi-Karte)
  • 26May'17
  • जो जानने मे आता है वो मैं नही | (Jo-Jaanane-Me-Aata-Hai-Wo-Main-Nahi)
  • 25May'17
  • ईश्वर ही सार है | (Ishwar-Hi-Saar-Hai)
  • 24May'17
  • क्या हम आत्मचिंतन भूल गये है ? | (Kya-Ham-Atmachintan-Bhool-Gaye-Hai ?)
  • 23May'17
  • दुखों से पार होना बहुत आसान है | (Dukhon-Se-Paar-Hona-Aasaan-Hai)
  • 22May'17
  • अशांति होती है तो अभ्यास कच्चा है | (Ashanti-Hoti-Hai-To-Abhyas-Kachcha-Hai)
  • 21May'17
  • माता के गर्भो से मुझे बचने दो | (Mata-Ke-Garbho-Se-Mujhe-Bachne-Do)
  • 20May'17
  • जिसको मानते हो उसको जानो | (Jisko-Maante-Ho-Usko-Jaano)
  • 19May'17
  • जिज्ञासु के लिए गुरुकृपा काफी है | (Jigyasu-Ke-Liye-Gurukripa-Kaafi-Hai)
  • 18May'17
  • ईश्वर मे ही सत्य बुद्धि होनी चाहिए | (Ishwar-Me-Hi-Satya-Buddhi-Honi-Chahiye)
  • 17May'17
  • वास्तविक संपदा क्या है ? | (Vaastavik-Sampada-Kya-Hai ?)
  • 16May'17
  • सुनते सुनते बंधन कट जाते है | (Sunte-Sunte-Bandhan-Kat-Jaate-Hai)
  • 15May'17
  • हे मानव अपनी दिव्यता को पहचान | (He-Maanav-Apni-Divyata-Ko-Pehchaan)
  • 14May'17
  • संकल्प ज्ञान पाने का होना चाहिए | (Sankalp-Gyan-Paane-Ka-Hona-Chahiye)
  • 13May'17
  • दुखों से पार कैसे हो ? | (Dukhon-Se-Paar-Kaise-Ho ?)
  • 12May'17
  • परमात्मा तुम्हारा प्रगट हो जाएगा | (Parmatma-Tumhara-Pragat-Ho-Jayega)
  • 11May'17
  • अबदल मे प्रीति हो जाए | (Abadal-Me-Preeti-Ho-Jaye)
  • 10May'17
  • ये संसार किससे प्रकाशित होता है ? | (Ye-Sansaar-Kisse-Prakaashit-Hota-Hai ?)
  • 09May'17
  • इसी का नाम संसार है | (Isi-Ka-Naam-Sansaar-Hai)
  • 08May'17
  • ईश्वर को अपनी ज़िम्मेदारी दे दो | (Ishwar-Ko-Apni-Jimmedari-De-Do)
  • 07May'17
  • मन बुद्धि कहाँ पुष्ट होते है ? | (Man-Buddhi-Kaha-Pusht-Hai ?)
  • 06May'17
  • भगवान पर हमारा अधिकार है | (Bhagvan-Par-Hamara-Adhikar-Hai)
  • 05May'17
  • पूर्ण निष्कामी कौन है ? | (Purna-Nishkaami-Kaun-Hai ?)
  • 04May'17
  • भगवान कहीं छुप नही सकते ! | (Bhagvan-Kahin-Chhup-Nahi-Sakte)
  • 03May'17
  • अनित्य से कब तब सुख लोगे ? | (Anitya-Se-Kab-Tak-Sukh-Loge ?)
  • 02May'17
  • जो जानने मे आता है वो मैं नहीं | (Jo-Janane-Me-Aata-Hai-Wo-Me-Nahi)
  • 01May'17
  • मौत आने के पहले मार जाओ | (Maut-Aane-Ke-Pehle-Mar-Jao)
  • 30Apr'17
  • भगवान की भक्ति मिल जाए | (Bhagvan-Ki-Bhakti-Mil-Jaye)
  • 29Apr'17
  • मान्यता का सुख मूर्खो का होता है | (Maanyata-Ka-Sukh-Murkho-Ka-Hota-Hai)
  • 28Apr'17
  • आत्मज्ञान ही सार है | (Atmagyan-Hi-Saar-Hai)
  • 27Apr'17
  • ईश्वर दूर नही दुर्लभ नही पराया नही | (Ishwar-Door-Nahi-Durlabh-Nahi-Paraya-Nahi)
  • 26Apr'17
  • सच्चा सुख कहाँ है ? | (Sachcha-Sukh-Kahan-Hai ?)
  • 25Apr'17
  • अवस्थाओं मे आप टिक नही सकते | (Awasthao-Me-Aap-Tik-Nahi-Sakte)
  • 24Apr'17
  • तत्वज्ञान क्यों आवश्यक है ? | (Tatvgyan-Kyon-Avashyak-Hai)
  • 23Apr'17
  • मुक्ति हमारे हाथ की बात है | (Mukti-Hamare-Haath-Ki-Baat-Hai)
  • 22Apr'17
  • सबसे उत्तम विचार क्या है ? | (Sabse-Uttam-Vichar-Kya-Hai ?)
  • 21Apr'17
  • भगवान को पाने का मतलब क्या | (Bhagvan-Ko-Paane-Ka-Matlab-Kya ?)
  • 20Apr'17
  • हर साधक इस अवस्था मे आता ही है | (Har-Sadhak-Is-Awastha-Me-Aata-Hi-Hai)
  • 19Apr'17
  • भगवान को अपना मानो | (Bhagvan-Ko-Apna-Mano)
  • 18Apr'17
  • आपको भगवान चाहिए ? | (Aapko-Bhagvan-Chahiye ?)
  • 17Apr'17
  • आपका तो जन्म ही नही है | (Aapka-To-Janm-Hi-Nahi-Hai)
  • 16Apr'17
  • तो मनुष्य निष्फिकर हो जाएगा | (To-Manushya-Nishfikar-Ho-Jayega)
  • 15Apr'17
  • तुम्हारा सूत्रधार कौन हैं ? | (Tumhara-Sutradhar-Kaun-Hai)
  • 14Apr'17
  • जिसको मानते हो उसको जानो | (Jisko-Maante-Ho-Usko-Jaano)
  • 13Apr'17
  • कुछ करो मत ! होनें दो| (Kuchh-Karo-Mat-Hone-Do)
  • 12Apr'17
  • तो गुरु के हृदय से धन्यवाद आता है | (To-Guru-Ke-Hriday-Se-Dhanyavaad-Aata-Hai)
  • 11Apr'17
  • साधना मे आखरी विघ्न क्या है ? | (Sadhna-Me-Aakhri-Vighna-Kya-Hai ?)
  • 10Apr'17
  • ज्ञानी की गति ज्ञानी जाने | (Gyani-Ki-Gati-Gyani-Jaane)
  • 09Apr'17
  • भगवान का अनुभव ही भगवान है | (Bhagvan-Ka-Anubhav-Hi-Bhagvan-Hai)
  • 08Apr'17
  • गुरु का एक वचन हमे लग जाए | (Guru-Ka-Ek-Vachan-Hame-Lag-Jaye)
  • 07Apr'17
  • जो साधना नही करते वो अभागे है | (Jo-Sadhna-Nahi-Karte-We-Abhage-Hai)
  • 06Apr'17
  • हरी व्यापक सर्वत्र समाना | (Hari-Vyaapak-Sarvatra-Samaana)
  • 05Apr'17
  • हे मानव तू सावधान हो जा | (He-Maanav-Tu-Savdhaan-Ho-Ja)
  • 04Apr'17
  • गुरु की हाँ मे हाँ मिलाकर तो देखो | (Guru-Ki-Han-Me-Han-Milaakar-To-Dekho)
  • 03Apr'17
  • रुके हुए मे रुक जाओ | (Ruke-Huye-Me-Ruk-Jao)
  • 02 Apr'17
  • हमारे दुखों का अंत कब होगा ? | (Hamare-Dukhon-Ka-Ant-Kab-Hoga)
  • 01Apr'17
  • पीछे पीछे हरी फिरे | (Pichhe-Pichhe-Hari-Phire)
  • 31Mar'17
  • इस ज्ञान मे तो आना ही पड़ेगा | (Is-Gyan-Me-To-Aana-Hi-Padega)
  • 30Mar'17
  • हमारा गाँव ब्रह्म है | (Hamara-Gaon-Brahm-Hai)
  • 29Mar'17
  • त्याग से निरंतर शान्ति | (Tyaag-Se-Nirantar-Shanti)
  • 28Mar'17
  • अपने घर मे आ जाओ | (Apne-Ghar-Me-Aa-Jao)
  • 27Mar'17
  • हुआ आत्मा से तभी अपना साक्षात्कार | (Hua-Atma-Se-Tabhi-Apna-Saxatkar)
  • 26Mar'17
  • एक से ही सब होता है | (Ek-Se-Hi-Sab-Hota-Hai)
  • 25Mar'17
  • सेवा सेवक को स्वामी बना देती है | (Seva-Sewak-Ko-Swami-Bana-Deti-Hai)
  • 24Mar'17
  • ईश्वर तो नग्न सत्य है ! | (Ishwar-To-Nagna-Satya-Hai)
  • 23Mar'17
  • अपने को जाने बिना दुख नही मिटते | (Apne-Ko-Jaane-Bina-Dukh-Nahi-Mitate)
  • 22Mar'17
  • भगवान थें, हैं और रहेंगे | (Bhagvan-The-Hai-Aur-Rahenge)
  • 21Mar'17
  • सबसे बड़ा कौन ? | (Sabse-Bada-Kaun)
  • 20Mar'17
  • मन को भगवान के रंग से रंग दो | (Man-Ko-Bhagvan-Ke-Rang-Se-Rang-Do)
  • 19Mar'17
  • जब तक अहम है तब तक संघर्ष है | (Jab-Tak-Aham-Hai-Tab-Tak-Sangharsh-Hai)
  • 18Mar'17
  • गुरु तो देने के लिए तड़प रहे है ! ( Guru-To-Dene-Ke-Liye-Tadap-Rahe-Hai)
  • 17Mar'17
  • जो दिखता है वो सब माया है | ( Jo-Dikhta-Hai-Wo-Sab-Maya-Hai)
  • 16Mar'17
  • हमारी वास्तविक माँग क्या है ? (Hamari-Vastavik-Maang-Kya-Hai? )
  • 15Mar'17
  • हमारी बुद्धि का विषय क्या है ? (Hamare-Buddhi-Ka-Vishay-Kya-Hai? )
  • 14Mar'17
  • ज्ञान के बिना प्रीति नही टिकती | (Gyan-Ke-Bina-Preeti-Nahi-Tikti)
  • 13Mar'17
  • आखरी मुलाक़ात निश्चित है | (Akhri-Mulaqat-Nishchit-Hai)
  • 12Mar'17
  • छोड़ दो उस अनंत पर | (Chhod-Do-Us-Anant-Par)