Daily Satsang Audio

Date Satsang Audio Download
27Apr'17
  • ईश्वर दूर नही दुर्लभ नही पराया नही | (Ishwar-Door-Nahi-Durlabh-Nahi-Paraya-Nahi)
  • 26Apr'17
  • सच्चा सुख कहाँ है ? | (Sachcha-Sukh-Kahan-Hai ?)
  • 25Apr'17
  • अवस्थाओं मे आप टिक नही सकते | (Awasthao-Me-Aap-Tik-Nahi-Sakte)
  • 24Apr'17
  • तत्वज्ञान क्यों आवश्यक है ? | (Tatvgyan-Kyon-Avashyak-Hai)
  • 23Apr'17
  • मुक्ति हमारे हाथ की बात है | (Mukti-Hamare-Haath-Ki-Baat-Hai)
  • 22Apr'17
  • सबसे उत्तम विचार क्या है ? | (Sabse-Uttam-Vichar-Kya-Hai ?)
  • 21Apr'17
  • भगवान को पाने का मतलब क्या | (Bhagvan-Ko-Paane-Ka-Matlab-Kya ?)
  • 20Apr'17
  • हर साधक इस अवस्था मे आता ही है | (Har-Sadhak-Is-Awastha-Me-Aata-Hi-Hai)
  • 19Apr'17
  • भगवान को अपना मानो | (Bhagvan-Ko-Apna-Mano)
  • 18Apr'17
  • आपको भगवान चाहिए ? | (Aapko-Bhagvan-Chahiye ?)
  • 17Apr'17
  • आपका तो जन्म ही नही है | (Aapka-To-Janm-Hi-Nahi-Hai)
  • 16Apr'17
  • तो मनुष्य निष्फिकर हो जाएगा | (To-Manushya-Nishfikar-Ho-Jayega)
  • 15Apr'17
  • तुम्हारा सूत्रधार कौन हैं ? | (Tumhara-Sutradhar-Kaun-Hai)
  • 14Apr'17
  • जिसको मानते हो उसको जानो | (Jisko-Maante-Ho-Usko-Jaano)
  • 13Apr'17
  • कुछ करो मत ! होनें दो| (Kuchh-Karo-Mat-Hone-Do)
  • 12Apr'17
  • तो गुरु के हृदय से धन्यवाद आता है | (To-Guru-Ke-Hriday-Se-Dhanyavaad-Aata-Hai)
  • 11Apr'17
  • साधना मे आखरी विघ्न क्या है ? | (Sadhna-Me-Aakhri-Vighna-Kya-Hai ?)
  • 10Apr'17
  • ज्ञानी की गति ज्ञानी जाने | (Gyani-Ki-Gati-Gyani-Jaane)
  • 09Apr'17
  • भगवान का अनुभव ही भगवान है | (Bhagvan-Ka-Anubhav-Hi-Bhagvan-Hai)
  • 08Apr'17
  • गुरु का एक वचन हमे लग जाए | (Guru-Ka-Ek-Vachan-Hame-Lag-Jaye)
  • 07Apr'17
  • जो साधना नही करते वो अभागे है | (Jo-Sadhna-Nahi-Karte-We-Abhage-Hai)
  • 06Apr'17
  • हरी व्यापक सर्वत्र समाना | (Hari-Vyaapak-Sarvatra-Samaana)
  • 05Apr'17
  • हे मानव तू सावधान हो जा | (He-Maanav-Tu-Savdhaan-Ho-Ja)
  • 04Apr'17
  • गुरु की हाँ मे हाँ मिलाकर तो देखो | (Guru-Ki-Han-Me-Han-Milaakar-To-Dekho)
  • 03Apr'17
  • रुके हुए मे रुक जाओ | (Ruke-Huye-Me-Ruk-Jao)
  • 02 Apr'17
  • हमारे दुखों का अंत कब होगा ? | (Hamare-Dukhon-Ka-Ant-Kab-Hoga)
  • 01Apr'17
  • पीछे पीछे हरी फिरे | (Pichhe-Pichhe-Hari-Phire)
  • 31Mar'17
  • इस ज्ञान मे तो आना ही पड़ेगा | (Is-Gyan-Me-To-Aana-Hi-Padega)
  • 30Mar'17
  • हमारा गाँव ब्रह्म है | (Hamara-Gaon-Brahm-Hai)
  • 29Mar'17
  • त्याग से निरंतर शान्ति | (Tyaag-Se-Nirantar-Shanti)
  • 28Mar'17
  • अपने घर मे आ जाओ | (Apne-Ghar-Me-Aa-Jao)
  • 27Mar'17
  • हुआ आत्मा से तभी अपना साक्षात्कार | (Hua-Atma-Se-Tabhi-Apna-Saxatkar)
  • 26Mar'17
  • एक से ही सब होता है | (Ek-Se-Hi-Sab-Hota-Hai)
  • 25Mar'17
  • सेवा सेवक को स्वामी बना देती है | (Seva-Sewak-Ko-Swami-Bana-Deti-Hai)
  • 24Mar'17
  • ईश्वर तो नग्न सत्य है ! | (Ishwar-To-Nagna-Satya-Hai)
  • 23Mar'17
  • अपने को जाने बिना दुख नही मिटते | (Apne-Ko-Jaane-Bina-Dukh-Nahi-Mitate)
  • 22Mar'17
  • भगवान थें, हैं और रहेंगे | (Bhagvan-The-Hai-Aur-Rahenge)
  • 21Mar'17
  • सबसे बड़ा कौन ? | (Sabse-Bada-Kaun)
  • 20Mar'17
  • मन को भगवान के रंग से रंग दो | (Man-Ko-Bhagvan-Ke-Rang-Se-Rang-Do)
  • 19Mar'17
  • जब तक अहम है तब तक संघर्ष है | (Jab-Tak-Aham-Hai-Tab-Tak-Sangharsh-Hai)
  • 18Mar'17
  • गुरु तो देने के लिए तड़प रहे है ! ( Guru-To-Dene-Ke-Liye-Tadap-Rahe-Hai)
  • 17Mar'17
  • जो दिखता है वो सब माया है | ( Jo-Dikhta-Hai-Wo-Sab-Maya-Hai)
  • 16Mar'17
  • हमारी वास्तविक माँग क्या है ? (Hamari-Vastavik-Maang-Kya-Hai? )
  • 15Mar'17
  • हमारी बुद्धि का विषय क्या है ? (Hamare-Buddhi-Ka-Vishay-Kya-Hai? )
  • 14Mar'17
  • ज्ञान के बिना प्रीति नही टिकती | (Gyan-Ke-Bina-Preeti-Nahi-Tikti)
  • 13Mar'17
  • आखरी मुलाक़ात निश्चित है | (Akhri-Mulaqat-Nishchit-Hai)
  • 12Mar'17
  • छोड़ दो उस अनंत पर | (Chhod-Do-Us-Anant-Par)
  • 11Mar'17
  • ऐसे ही यह संसार स्वप्न है | (Aise-Hi-Yaha-Sansaar-Swapna-Hai)