Daily Satsang Audio

Custom Links Font Name Size Paragraph Style Apply CSS Cl
Date Satsang Audio Download
20Nov'18
  • उद्देश्य भगवान का | (Uddeshy-Bhagvaan-Ka)
  • 19Nov'18
  • निश्चिंत रहो सब खेल है | (Nishchint-Raho-Sab-Khel-Hai)
  • 18Nov'18
  • सुख देने के लिए कर्म करें | (Sukh-Dene-Ke-Liye-Karm-Karen)
  • 17Nov'18
  • हम आपसे अलग कैसे रह सकते है ? | (Ham-Aapse-Alag-Kaise-Rah-Sakte-Hai ?)
  • 16Nov'18
  • वाणी पर संयम | (Vaani-Par-Sanyam)
  • 15Nov'18
  • संतों की संगति | (Santon-Ki-Sangati)
  • 14Nov'18
  • कर्म मे कुशलता | (Karm-Main-Kushalta)
  • 13Nov'18
  • चलते सफ़र मे किससे मित्रता करोगे ? | (Chalte-Safar-Me-Kisase-Mitrata-Karoge ?)
  • 12Nov'18
  • आपका मैं किसके साथ जुड़ा है ? | (Aapka-Main-Kiske-Saath-Juda-Hai ?)
  • 11Nov'18
  • मुक्ति का उपाय | (Mukti-Ka-Upaay)
  • 10Nov'18
  • कर्तापन से बंधन | (Kartapan-Se-Bandhan)
  • 09Nov'18
  • आत्मज्ञान नही हुआ तो आख़िर क्या ? | (Atmagyan-Nahi-Hua-To-Aakhir-Kya ?)
  • 08Nov'18
  • नूतन वर्ष का संकल्प | (Nootan-Varsh-Ka-Sankalp)
  • 07Nov'18
  • हृदय मे रामजी का प्रागट्य कब होता है ? | (Hriday-Me-Raamji-Ka-Praagaty-Kab-Hota-Hai ?)
  • 06Nov'18
  • आपका हर दिन दीपावली हो | (Aapka-Har-Din-Deepawali-Ho)
  • 05Nov'18
  • भावना के साथ ज्ञान भी चाहिए | (Bhavna-Ke-Saath-Gyan-Bhi-Chahiye)
  • 04Nov'18
  • सत्संग अमल मे लाओ | (Satsang-Amal-Me-Lao)
  • 03Nov'18
  • जल्दी अपना काम पूरा कर लो | (Jaldi-Apna-Kaam-Pura-Karlo)
  • 02Nov'18
  • नियमों का महत्व | (Niyamon-Ka-Mahatv)
  • 01Nov'18
  • खोज अपने आप को | (Khoj-Apne-Aap-Ko)
  • 31Oct'18
  • मन को भगवान मे लगाए | (Man-Ko-Bhagvan-Me-Lagaye)
  • 30Oct'18
  • मरने के पहले अमर हो जाओ | (Marne-Ke-Pehle-Amar-Ho-Jao)
  • 29Oct'18
  • परमात्मा सबके पास एक जैसा है | (Parmatma-Sabke-Pas-Ek-Jaisa-Hai)
  • 28Oct'18
  • निर्भयता का सद्गुण लाए | (INirbhaytaa-Ka-Sadgun-Laaye)
  • 27Oct'18
  • इसी जन्म मे प्रगट हो जाएगा | (Isi-Janm-Me-Pragat-Ho-Jaayega)
  • 26Oct'18
  • सबसे श्रेष्ठ कौन ? | (Sabse-Shreshtha-Kaun ?)
  • 25Oct'18
  • वासना क्यों होती है ? | (Vaasna-Kyon-Hoti-Hai ?)
  • 24Oct'18
  • भक्त की पहचान | (Bhakt-Ki-Pehchaan)
  • 23Oct'18
  • मन के साथ खेलो | (Man-Ke-Saath-Khelo)
  • 22Oct'18
  • परमात्मा तुम्हे अलग नही कर सकता | (Parmatma-Tumhe-Alag-Nahi-Kar-Sakta)
  • 21Oct'18
  • सत्संग का अभ्यास करें | (Satsang-Ka-Abhyaas-Karen)
  • 20Oct'18
  • अंदर के सुख से तृप्ति | (Andar-Ke-Sukh-Se-Trupti)
  • 19Oct'18
  • आपकी मस्ती कहाँ है ? | (Aapki-Masti-Kahan-Hai ?)
  • 18Oct'18
  • इसीलिए सत्संग चाहिए | (Isiliye-Satsang-Chahiye)
  • 17Oct'18
  • आत्मज्ञान के सिवाय सब व्यर्थ है | (Atmagyan-Ke-Sivaay-Sab-Vyarth-Hai)
  • 16Oct'18
  • अहंकार मिटाएँ | (Ahamkaar-Mitaayen)
  • 15Oct'18
  • असली सेठ तो परमात्मा ही है | (Asli-Seth-To-Parmatma-Hi-Hai)
  • 14Oct'18
  • कहाँ है आपकी निगाह ? | (Kahan-Hai-Aapki-Nigaah ?)
  • 13Oct'18
  • सच्चा संबंध | (Sachcha-Sambandh)
  • 12Oct'18
  • किसीसे प्रभावित मत हो | (Kisise-Prabhaavit-Mat-Ho)
  • 11Oct'18
  • ज्ञान की जिज्ञासा जगाओ | (Gyan-Ki-Jigyaasa-Jagao)
  • 10Oct'18
  • सारी कृपाओं का मूल | (Saari-Kripayon-Ka-Mool)
  • 09Oct'18
  • गुरु बुरा नही कर सकते | (Guru-Bura-Nahi-Kar-Sakte)
  • 08Oct'18
  • सावधान रहना ! | (Savdhaan-Rehna)
  • 07Oct'18
  • आप ऐसी जगह पर जाओ | (Aap-Aisi-Jagah-Par-Jaao)
  • 06Oct'18
  • आप तक समस्याओं की पहुँच नही | (Aap-Tak-Samasyaaon-Ki-Pahunch-Nahi)
  • 05Oct'18
  • माया तरना किसके लिए कठिन है ? | (Maya-Tarna-Kiske-Liye-Kathin-Hai ?)
  • 04Oct'18
  • उसको नही जाना तो क्या जाना | (Usko-Nahi-Jaana-To-Kya-Jaana)
  • 03Oct'18
  • ज्ञान दृष्टि से अघोर बन जाओ | (Gyan-Drushti-Se-Aghor-Ban-Jao)
  • 02Oct'18
  • वो माया को तर जाता है | (Wo-Maya-Ko-Tar-Jaata-Hai)
  • 01Oct'18
  • आपकी हस्ती मिटती नही | (Aapki-Hasti-Mitati-Nahi)
  • 30Sep'18
  • दुखों से छूटने का उपाय | (Dookhon-Se-Chhootne-Ka-Upaay)
  • 29Sep'18
  • अपने साथ धोखा कब तक ? | (Apne-Saath-Dhokha-Kab-Tak ?)
  • 28Sep'18
  • प्रभु से ही सब कुछ है | (Prabhu-Se-Hi-Sab-Kuchh-Hai)
  • 27Sep'18
  • संत संगति | (Sant-Sangati)
  • 26Sep'18
  • परम सुख आपके साथ है | (Param-Sukh-Aapke-Saath-Hai)
  • 25Sep'18
  • ज्ञानदाता गुरु का उपकार | (Gyandata-Guru-Ka-Upkaar)
  • 24Sep'18
  • अंतःकरण शुद्धि का फल | (Antahkaran-Shuddhi-Ka-Fal)
  • 23Sep'18
  • भक्त की निगाह | (Bhakt-Ki-Nigaah)
  • 22Sep'18
  • भक्ति के पुत्र | (Bhakti-Ke-Putra)
  • 21Sep'18
  • मनुष्य की ताक़त | (Manushya-Ki-Taakat)
  • 20Sep'18
  • आप तो वही के वही रहे | (Aap-To-Wahi-Ke-Wahi-Rahe)
  • 19Sep'18
  • मनुष्य शरीर का सदुपयोग करें | (Manushy-Shareer-Ka-Sadupyog-Karen)
  • 18Sep'18
  • गुरु के सिद्धांत से पार हो जाएगा | (Guru-Ke-Siddhant-Se-Paar-Ho-Jaayega)
  • 17Sep'18
  • गीता के सम्मुख हो जाए | (Geeta-Ke-Sanmukh-Ho-Jaaye)
  • 16Sep'18
  • जीवन सार्थक बनाओ | (Jeevan-Saarthak-Banao)
  • 15Sep'18
  • सबसे बड़ा कौन ? | (Sabse-Bada-Kaun ?)
  • 14Sep'18
  • असली बात ये है | (Asli-Baat-Ye-Hai)
  • 13Sep'18
  • प्रभु की शरण | (Prabhu-Ki-Sharan)
  • 12Sep'18
  • भगवान की दो कमज़ोरियाँ | (Bhagvan-Ki-Do-Kamjoriyan)
  • 11Sep'18
  • अपनी शक्ति का सदुपयोग करें | (Apni-Shakti-Ka-Sadupyog-Karen)
  • 10Sep'18
  • फिर संत भी क्या करें | (Fir-Sant-Bhi-Kya-Karen !)
  • 09Sep'18
  • सबसे ऊँचा साधन | (Sabse-Uncha-Sadhan)
  • 08Sep'18
  • ईश्वर ही सबका दाता है | (Ishwar-Hi-Sabka-Daata-Hai)
  • 07Sep'18
  • श्री कृष्ण की गुणग्राहयता | (Shri-Krishna-Ki-Gungrahyata)
  • 06Sep'18
  • सादा संयमी और पवित्र जीवन | (Saadaa-Sanyami-Aur-Pavitra-Jeevan)
  • 05Sep'18
  • काल बड़ा विलक्षण है | (Kaal-Bada-Vilakshan-Hai)
  • 04Sep'18
  • वही आस्तिक है बाकी सब नास्तिक है | (Wahi-Aastik-Hai-Baaki-Sab-Naastik-Hai)
  • 03Sep'18
  • श्री कृष्ण प्रेमी बनाना जानते है | (Shri-Krishna-Premi-Banana-Jaante-Hai)
  • 02Sep'18
  • भरोसा ईश्वर पर ही रखें | (Bharosa-Ishwar-Par-Hi-Rakhen)
  • 01Sep'18
  • भगवान क्रिया साध्य नही | (Bhagvan-Kriya-Sadhya-Nahi)
  • 31Aug'18
  • ऐसा है यह संसार | (Aisa-Hai-Yah-Sansaar)
  • 30Aug'18
  • कर्तव्य निष्ठा | (Kartavya-Nishtha)
  • 29Aug'18
  • धर्म क्या है ? | (Dharm-Kya-Hai ?)
  • 28Aug'18
  • ईश्वर के ज्ञान की आवश्यकता है | (Ishwar-Ke-Gyan-Ki-Avashyakta-Hai)
  • 27Aug'18
  • सार सदा नित्य है | (Saar-Sada-Nitya-Hai)
  • 26Aug'18
  • किसीकि निंदा ना करो | (Kisiki-Ninda-Na-Karo)
  • 25Aug'18
  • सबसे सरल कार्य | (Sabse-Saral-Kaary)
  • 24Aug'18
  • यही पूर्ण जीवन है | (Yahi-Poorn-Jeevan-Hai)
  • 23Aug'18
  • ईश्वर को ही पाना है | (Ishwar-Ko-Hi-Paana-Hai)
  • 22Aug'18
  • सबका कारण एक | (Sabka-Kaaran-Ek)
  • 21Aug'18
  • असली सुख पाओ | (Asli-Sukh-Paao)
  • 20Aug'18
  • अज्ञान से असली ज्ञान ढक गया | (Agyan-Se-Asli-Gyan-Dhak-Jaata-Hai)
  • 19Aug'18
  • भगवान की करुणा कृपा | (Bhagvan-Ki-Karuna-Krupa)
  • 18Aug'18
  • ऐसे गुरुओं की शरण जाईए | (Aise-Guruon-Ki-Sharan-Jaiye ?)
  • 17Aug'18
  • ये सार का सार है | (Ye-Saar-Ka-Saar-Hai)
  • 16Aug'18
  • सतपुरुषों का उपकार | (Satpurushon-Ka-Upkaar)
  • 15Aug'18
  • पूर्ण स्वतंत्र कौन ? | (Poorn-Swatantra-Kaun ?)
  • 14Aug'18
  • संयम और तत्परता | (Sanyam-Aur-Tatparta)
  • 13Aug'18
  • तन मन धन गुरु को अर्पण | (Tan-Man-Dhan-Guru-Ko-Arpan)
  • 12Aug'18
  • भूल मिटाओ | (Bhool-Mitao)
  • 11Aug'18
  • पवित्र संग का प्रभाव | (Pavitra-Sang-Ka-Prabhaav)
  • 10Aug'18
  • ऐसा भजन करना चाहिए ! | (Aisa-Bhajan-Karna-Chahiye)
  • 09Aug'18
  • मरने की युक्ति | (Marne-Ki-Yukti)
  • 08Aug'18
  • आप कर्ता नही भोक्ता नही | (Aap-Karta-Nahi-Bhokta-Nahi)
  • 07Aug'18
  • कर्ता अपने को क्या मानता है ? | (Karta-Apne-Ko-Kya-Maanta-Hai ?)
  • 06Aug'18
  • पूर्ण जीवन की प्राप्ति | (Poorn-Jeevan-Ki-Prapti)
  • 05Aug'18
  • भगवान मे आस्था कर लो | (Bhagvan-Me-Aastha-Karlo)
  • 04Aug'18
  • स्वतः निवृत्त है प्रकृति | (Swatah-Nivrutt-Hai-Prakriti)
  • 03Aug'18
  • खोज अपने आप को | (Khoj-Apne-Aap-Ko)
  • 02Aug'18
  • बड़ी कीमती बात है | (Badi-Keemti-Baat-Hai)
  • 01Aug'18
  • जगत का कोई अंत नही | (Jagat-Ka-Koi-Ant-Nahi)
  • 31July'18
  • साधना मे नियमों का पालन | (Sadhna-Me-Niyamon-Ka-Paalan)
  • 30July'18
  • सत्संग की कलम लगाइए | (Satsang-Ki-Kalam-Lagaiye)
  • 29July'18
  • प्रकृति परमात्मा तक पहुचाना चाहती है | (Prakruti-Parmatma-Me-Pahuchana-Chahti-Hai)
  • 28July'18
  • ये दाता की देन है | (Ye-Daata-Ki-Den-Hai)
  • 27July'18
  • गुरु मे मन लगाओगे तो गुरु बन जाओगे | (Guru-Me-Man-Lagaoge-To-Guru-Ban-Jaoge)
  • 26July'18
  • ये गुरुओं का विषय है | (Ye-Guruon-Ka-Vishay-Hai)
  • 25July'18
  • वो पूरा का पूरा भरपूर है | (Wo-Poora-Ka-Poora-Bharpoor-Hai)
  • 24July'18
  • भगवान के विभिन्न अवतार | (Bhagvan-Ke-Vibhinna-Avtaar)
  • 23July'18
  • है मे टिक जाए | (Hai-Me-Tik-Jaaye)
  • 22July'18
  • खुली आँख समाधि | (Khuli-Aankh-Samadhi)
  • 21July'18
  • तीन सूत्रात्मक बातें | (Teen-Sutraatmak-Baatein)
  • 20July'18
  • असली शादी | (Asli-Shaadi)
  • 19July'18
  • श्रद्धा के साथ तत्परता | (Shraddha-Ke-Saath-Tatparta)
  • 18July'18
  • यह केवल मान्यता मात्र है | (Yah-Keval-Manyata-Matr-Hai)
  • 17July'18
  • अनहद की हद | (Anahad-Ki-Had)
  • 16July'18
  • विचार करके कर्म करें | (Vichaar-Karke-Karm-Karen)
  • 15July'18
  • निर्भय रहिए | (Nirbhay-Rahiye)
  • 14July'18
  • प्रेम की तलाश | (Prem-Ki-Talaash)
  • 13July'18
  • अचल मे श्रद्धा | (Achal-Me-Shraddha)
  • 12July'18
  • सब कुछ भगवान का | (Sab-Kuchh-Bhagvan-Ka)
  • 11July'18
  • भगवान का स्वभाव और उद्देश्य | (Bhagvan-Ka-Swabhav-Aur-Uddeshy)
  • 10July'18
  • चार प्रकार के सेवक | (Char-Prakaar-Ke-Sevak)
  • 09July'18
  • नासमझी मिटाओ | (Nasamjhi-Mitao)
  • 08July'18
  • श्रीहरी की प्राप्ति कैसे होती है ? | (Shrihari-Ki-Praapti-Kaise-Hoti-Hai ?)
  • 07July'18
  • संत-संगति भाग्य से मिलती है | (Sant-Sangati-Bhagya-Se-Milti-Hai)
  • 06July'18
  • जन्म-मृत्यु मेरा धर्म नही | (Janm-Mrityu-Mera-Dharm-Nahi)
  • 05July'18
  • बस अपने आप को जानना है | (Bas-Apne-Aap-Ko-Janana-Hai)
  • 04July'18
  • ईश्वर के सिवाय कुछ नही | (Ishwar-Ke-Sivay-Kuchh-Nahi)
  • 03July'18
  • गोपी कौन है ? | (Gopi-Kaun-Hai ?)
  • 02July'18
  • चाहत ईश्वर की है या जगत की ? | (Chahat-Ishwar-Ki-Hai-Ya-Jagat-Ki ?)
  • 01July'18
  • सच्ची सेवा तो संत ही करते है | (Sachchi-Seva-To-Sant-Hi-Karte-Hai)
  • 30June'18
  • नशे से अशांति | (Nashe-Se-Ashanti)
  • 29June'18
  • पहले ईश्वर है बाद मे जगत | (Pehle-Ishwar-Hai-Baad-Me-Jagat)
  • 28June'18
  • अपनी योग्यता का विकास करें | (Apni-Yogyata-Ka-Vikas-Karen)
  • 27June'18
  • हम आपका कल्याण देखना चाहते है | (Ham-Apka-Kalyan-Dekhna-Chahte-Hai)
  • 26June'18
  • सबका दाता राम | (Sabka-Data-Ram)
  • 25June'18
  • शाश्वत जीवन का अधिकार | (Shashwat-Jeevan-Ka-Adhikar)
  • 24June'18
  • इस ज्ञान मे तो आना ही पड़ेगा | (Is-Gyan-Me-To-Aana-Hi-Padega)
  • 23June'18
  • आठ प्रकार का सुख | (Aath-Prakaar-Ka-Sukh)
  • 22June'18
  • गुरु का अर्थ क्या ? | (Guru-Ka-Arth-Kya ?)
  • 21June'18
  • गुरु के लिए अहोभाव पूर्ण हुआ तो ! | (Guru-Ke-Liye-Ahobhav-Poorn-Hua-To)
  • 20June'18
  • अहंकार मिटा तो वासना मिटी | (Ahamkar-Mita-To-Vasna-Miti)
  • 19June'18
  • उस परमेश्वर को प्रणाम है | (Us-Parmeshwar-Ko-Pranaam-Hai)
  • 18June'18
  • अपने को छोड़ नही सकते | (Apne-Ko-Chhod-Nahi-Sakte)
  • 17June'18
  • हरी तो गुरु बिना क्या मिले | (Hari-To-Guru-Bina-Kya-Mile)
  • 16June'18
  • परमात्मा की स्वाभाविक ध्वनि | (Parmatma-Ki-Swaabhaavik-Dhwani)
  • 15June'18
  • गुरु को अपनी स्वीकृति देकर देखो | (Guru-Ko-Apni-Swikruti-Dekar-Dekho)
  • 14June'18
  • उसकी स्मृति करो बस | (Uski-Smruti-Karo-Bas)
  • 13June'18
  • मृत्यु भी ईश्वर का रूप है | (Mrityu-Bhi-Ishwar-Ka-Roop-Hai)
  • 12June'18
  • गुरु मेरे तारणहार | (Guru-Mere-Taaranhaar)
  • 11June'18
  • यह कभी मैं नही होता | (Yah-Kabhi-Main-Nahi-Hota)
  • 10June'18
  • उन्ही को ये बात समझ मे आती है ! | (Unhi-Ko-Ye-Baat-Samajh-Me-Aati-Hai)
  • 09June'18
  • दुख किसको होता है ? | (Dukh-Kisko-Hota-Hai ?)
  • 08June'18
  • मैं क्या हूँ ये पता ही नही | (Main-Kya-Hun-Ye-Pata-Hi-Nahi)
  • 07June'18
  • ज्ञानी की सदा समाधि है | (Gyaani-Ki-Sada-Samadhi-Hai)
  • 06June'18
  • आत्मलाभ से बढ़कर कोई लाभ नही | (Atmalaabh-Se-Badhkar-Koi-Laabh-Nahi)
  • 05June'18
  • गुरु का संतोष ही परम साधना है | (Guru-Ka-Santosh-Hi-Param-Sadhna-Hai)
  • 04June'18
  • शाश्वत जीवन का सौंदर्य | (Shashwat-Jeevan-Ka-Saundarya)
  • 03June'18
  • बड़े मे बड़ा आश्चर्य | (Bade-Me-Bada-Ashcharya)
  • 02June'18
  • भगवान किसके भूखे है ? | (Bhagvan-Kiske-Bhookhe-Hai ?)
  • 01June'18
  • आप मैं किसको मानते है ? | (Aap-Main-Kisko-Maante-Hai ?)
  • 31May'18
  • हम किसके शिष्य है ? | (Hum-Kiske-Shishya-Hai ?)
  • 30May'18
  • अपने को करने वाला मत मानो | (Apne-Ko-Karne-Wala-Mat-Maano)
  • 29May'18
  • अपने ब्रह्म स्वभाव मे तृप्त | (Apne-Brahm-Swabhaav-Me-Trupt)
  • 28May'18
  • संत किसे कहते है ? | (Sant-Kise-Kehte-Hai ?)
  • 27May'18
  • सबका प्रकाशक एक | (Sabka-Prakaashak-Ek)
  • 26May'18
  • चार प्रकार के सत्संग | (Char-Prakaar-Ke-Satsang)
  • 25May'18
  • भक्त कैसे बने ? | (Bhakt-Kaise-Bane ?)
  • 24May'18
  • अपने अस्तित्व का चिंतन करो ! | (Apne-Astitva-Ka-Chintan-Karo)
  • 23May'18
  • ऐसा ज्ञान तो सदगुरु से ही मिलता है | (Aisa-Gyan-To-Sadguru-Se-Hi-Milta-Hai)
  • 22May'18
  • भगवान सबके आदि कारण है | (Bhagvan-Sabke-Aadi-Kaaran-Hai)
  • 21May'18
  • ऊँचे सुख की तरफ चलो | (Unche-Sukh-Ki-Taraf-Chalo)
  • 20May'18
  • आत्मविश्वास से सफलता | (Atmavishwas-Se-Safalta)
  • 19May'18
  • अंतर्यामी प्रभु मे हमारी प्रीति हो | (Anteryami-Prabhu-Me-Hamari-Preeti-Ho)
  • 18May'18
  • भगवान की असली कृपा | (Bhagvan-Ki-Asli-Krupa)
  • 17May'18
  • उसको जीवन मुक्त कहते है | (Usko-Jeevanmukt-Kehte-Hai)
  • 16May'18
  • प्रणव अनंत है | (Pranav-Anant-Hai)
  • 15May'18
  • जीवन की तीन माँगे | (Jeevan-Ki-Teen-Maange)
  • 14May'18
  • मृत्यु के पहले ये काम कर लो | (Mrutyu-Ke-Pehle-Ye-Kaam-Kar-Lo)
  • 13May'18
  • गुरु की शरण सुखदायी | (Guru-Ki-Sharan-Sukhdayi)
  • 12May'18
  • भेद दिखने भर को है | (Bhed-Dikhne-Bhar-Ko-Hai)
  • 11May'18
  • सच्चे संबंध को याद करो | (Sachche-Sambandh-Ko-Yad-Karo)
  • 10May'18
  • संत परम स्वतंत्र होते है | (Sant-Param-Swatantr-Hote-Hai)
  • 09May'18
  • जैसे संस्कार वैसी यात्रा | (Jaise-Sanskar-Waisi-Yatra)
  • 08May'18
  • अभ्यास मे लगे रहो | (Abhyaas-Me-Lage-Raho)
  • 07May'18
  • विचार दृष्टि से प्रगट हो जाओ | (Vichar-Drushti-Se-Pragat-Ho-Jao)
  • 06May'18
  • गुरु का दैवी कार्य और विकसित हो | (Guru-Ka-Daivi-Karya-Aur-Viksit-Ho)
  • 05May'18
  • गुरु को शरीर मानना अपराध है | (Guru-Ko-Shareer-Manana-Apraadh-Hai)
  • 04May'18
  • सूत्रधार की तरफ आओ | (Sutradhaar-Ki-Taraf-Aao)
  • 03May'18
  • आपके मित्र कैसे है ?| (Aapke-Mitr-Kaise-Hai ?)
  • 02May'18
  • ईश्वर पर ही भरोसा रखें | (Ishwar-Par-Hi-Bharosa-Rakhen)
  • 01May'18
  • आप पीते क्या हो ? | (Aap-Peete-Kya-Ho ?)
  • 30 Apr'18
  • भगवान का दर्शन और साक्षात्कार | (Bhagvan-Ka-Darshan-Aur-Saxatkar)
  • 29 Apr'18
  • सदगुरु एक ठिकाना है | (Sadguru-Ek-Thikana-Hai)
  • 28 Apr'18
  • सर्वत्र ईश्वर का दर्शन | (Sarvatra-Ishwar-Ka-Darshan)
  • 27 Apr'18
  • अपने मैं को खोज लो | (Apne-Main-Ko-Khoj-Lo)
  • 26 Apr'18
  • साधन मे लगे रहो | (Sadhan-Me-Lage-Raho)
  • 25 Apr'18
  • आपके गुरु कैसे है ? | (Aapke-Guru-Kaise-Hai ?)
  • 24 Apr'18
  • भक्त किसे कहते है ? | (Bhakt-Kise-Kehte-Hai ?)
  • 23 Apr'18
  • जगत की सत्यता दृढ़ मत करो | (Jagat-Ki-Satyata-Drudh-Mat-Karo)
  • 22 Apr'18
  • तू इसका साक्षी मात्र है | (Tu-Iska-Sakshi-Matra-Hai)
  • 21 Apr'18
  • सत्य पर मृत्यु का प्रभाव नही पड़ता | (Satya-Par-Mrityu-Ka-Prabhaav-Nahi-Padta)
  • 20 Apr'18
  • पूजा का फल क्या ? | (Pooja-Ka-Fal-Kya ?)
  • 19 Apr'18
  • अपनी समझ भगवतमय बना दो | (Apni-Samajh-Bhagvatmay-Bana-Do)
  • 18 Apr'18
  • अपने अभ्यास को नियंत्रण मे रखो | (Apne-Abhyaas-Ko-Niyantran-Me-Rakho)
  • 17 Apr'18
  • बुद्धि का फल क्या ? | (Buddhi-Ka-Fal-Kya ?)
  • 16 Apr'18
  • अहंकार मिटाने का यत्न करें | (Ahamkar-Mitane-Ka-Yatna-Karen)
  • 15 Apr'18
  • हे मन तू संतों के कहने मे चल | (He-Man-Tu-Santon-Ke-Kehne-Me-Chal)
  • 14 Apr'18
  • तुम कही आते जाते नही | (Tum-Kahi-Aate-Jaate-Nahi)
  • 13 Apr'18
  • अपने को जानो | (Apne-Ko-Jaano)
  • 12 Apr'18
  • संसार मे कैसे रहे ? | (Sansaar-Me-Kaise-Rahe ?)
  • 11 Apr'18
  • तुम नित्य मुक्त अमर हो | (Tum-Nitya-Mukt-Amar-Ho)
  • 10 Apr'18
  • मन मत बिगाड़ना | (Man-Mat-Bigadna)
  • 09 Apr'18
  • ज्ञान प्रेम प्रगट करवाता है | (Gyan-Prem-Pragat-Karvata-Hai)
  • 08 Apr'18
  • शुद्ध मैं मे जग जाओ | (Shuddh-Main-Me-Jag-Jao)
  • 07 Apr'18
  • दुखी होने पर क्या करें ? | (Dukhi-Hone-Par-Kya-Karen ?)
  • 06 Apr'18
  • तुम पर किसीका प्रभाव नही पड़ता | (Tum-Par-Kisika-Prabhav-Nahi-Padta)
  • 05 Apr'18
  • भ्रम से ये सच्चा भासता है | (Bhram-Se-Ye-Sachcha-Bhaasta-Hai)
  • 04 Apr'18
  • समझ लो बस | (Samajh-Lo-Bas)
  • 03 Apr'18
  • ईश्वर कौन और जीव कौन ? | (Ishwar-Kaun-Aur-Jeev-Kaun ?)
  • 02 Apr'18
  • परम प्रेमास्पद परमात्मा है | (Param-Premaspad-Parmatma-Hai)
  • 01 Apr'18
  • परम शांति आपका स्वभाव है | (Param-Shanti-Aapka-Swabhav-Hai)
  • 31 Mar'18
  • भगवान से क्या मांगे ? | (Bhagvan-Se-Kya-Maange ?)
  • 30 Mar'18
  • सुख दुःख के स्वामी बन जाओ | (Sukh-Dukh-Ke-Swami-Ban-Jao)
  • 29 Mar'18
  • सत्संग का त्याग ना हो जाए | (Satsang-Ka-Tyaag-Na-Ho-Jaaye)
  • 28 Mar'18
  • तू भूल अपने को गया | (Tu-Bhool-Apne-Ko-Gaya)
  • 27 Mar'18
  • ईश्वर अलग नही हो सकता | (Ishwar-Alag-Nahi-Ho-Sakta)
  • 26 Mar'18
  • मनुष्य जीवन का फल | (Manushy-Jeevan-Ka-Fal)
  • 25 Mar'18
  • जैसी दृष्टी वैसा परिणाम | (Jaisi-Drushti-Waisa-Parinaam)
  • 24 Mar'18
  • परमार्थ में दो नहीं है | (Parmaarth-Me-Do-Nahi-Hai)
  • 23 Mar'18
  • अच्छी जगह कौनसी है ? | (Achchhi-Jagah-Kaunsi-Hai ?)
  • 22 Mar'18
  • अपने में दोष मानना दोष है | (Apne-Me-Dosh-Manana-Dosh-Hai)
  • 21 Mar'18
  • भगवत आश्रय मे ख़तरा नही है | (Bhagvatashray-Me-Khatra-Nahi-Hai)
  • 20 Mar'18
  • जीवन में सत्संग ले आओ | (Jeevan-Me-Satsang-Le-Aao)
  • 19 Mar'18
  • तू अपने साथ हो जा | (Tu-Apne-Saath-Ho-Ja)
  • 18 Mar'18
  • जो बीत गया सो बीत गया | (Jo-Beet-Gaya-So-Beet-Gaya)
  • 17 Mar'18
  • आप भगवान को भी तृप्त कर सकते है | (Aap-Bhagvan-Ko-Bhi-Trupt-Kar-Sakte-Hai)
  • 16 Mar'18
  • अपनी शक्ति का आदर करो | (Apni-Shakti-Ka-Aader-Karo)
  • 15 Mar'18
  • कर्मों का अंत कैसे करें ? | (Karmon-Ka-Ant-Kaise-Karen ?)
  • 14 Mar'18
  • अपनी सीमा बढ़ा दो | (Apni-Seema-Badha-Do)
  • 13 Mar'18
  • एक बार ऐसा भी मरो | (Ek-Baar-Aisa-Bhi-Maro)
  • 12 Mar'18
  • विश्वास और प्रेम किस पर करें ? | (Vishwas-Aur-Prem-Kispar-Karen ?)
  • 11 Mar'18
  • मनुष्य का ये मुख्य कर्तव्य है | (Manushya-Ka-Ye-Mukhya-Kartavya-Hai)
  • 10 Mar'18
  • अब समय बर्बाद करने को नहीं | (Ab-Samay-Barbad-Karne-Ko-Nahi)
  • 09 Mar'18
  • भगवान का दर्शन करा दो | (Bhagvan-Ka-Darshan-Kara-Do)
  • 08 Mar'18
  • ब्रह्म को सब ब्रह्म ही दिखता है | (Brahm-Ko-Sab-Brahm-Hi-Dikhta-Hai)
  • 07 Mar'18
  • संसार परम सत्ता की लीला है | (Sansaar-Param-Satta-ki-Leela-Hai)
  • 06 Mar'18
  • साधक की नजर कहाँ होती है ? | (Sadhak-Ki-Nazar-Kaha-Hoti-Hai ?)
  • 05 Mar'18
  • सबसे ऊँचा साधन | (Sabse-Uncha-Sadhan)
  • 04 Mar'18
  • इससे सच्चा सुख ढक जाएगा | (Isase-Sachcha-Sukh-Dhak-Jaega)
  • 03 Mar'18
  • मृत्यु किसकी हो रही है ? | (Mrityu-Kiski-Ho-Rahi-Hai ?)
  • 02 Mar'18
  • एकांतवास से क्या मिलता है ? | (Ekantvas-Se-Kya-Milta-Hai ?)
  • 01 Mar'18
  • आप किसको चाहते है ? | (Aap-Kisko-Chahte-hai ?)
  • 28 Feb'18
  • इसीलिए दुख का भय नही मिटता | (Isiliye-Dukh-Ka-Bhay-Nahi-Mitata)
  • 27 Feb'18
  • आप तक सुख-दुख नहीं पहुँचता | (Aap-Tak-Sukh-Dukh-Nahi-Pahuchta)
  • 26 Feb'18
  • आपकी आवश्यकता क्या है ? | (Aapki-Aavashyakta-Kya-Hai ?)
  • 25 Feb'18
  • भगवान सबको एक समान मिलते है | (Bhagvan-Sabko-Ek-Samaan-Milte-Hai)
  • 24 Feb'18
  • वृति में ब्रम्ह भाव | (Vrutti-Me-Brahm-Bhav)
  • 23 Feb'18
  • जैसी इच्छा वैसी गति | (Jaisi-Ichchha-Waisi-Gati)
  • 22 Feb'18
  • दुःख सुख कल्पना है | (Dukh-Sukh-Kalpana-Hai)
  • 21 Feb'18
  • आप किसके भक्त है ? | (Aap-Kiske-Bhakt-Hai ?)
  • 20 Feb'18
  • वो अकाल पुरुष में पहुँच जाता है | (Wo-Akaal-Purush-Me-Pahuch-Jaata-Hai)
  • 19 Feb'18
  • वो सदा है सर्वत्र है सब में है | (Wo-Sada-Hai-Sarvatra-Hai-Sabme-Hai)
  • 18 Feb'18
  • विषय मूर्खों को भटका देते है | (Vishay-Murkho-Ko-Bhatka-Dete-Hai)
  • 17 Feb'18
  • वो मैं हूँ मैं वो है | (Wo-Main-Hun-Main-Wo-Hai)
  • 16 Feb'18
  • भगवान के अवतार | (Bhagvan-Ke-Avataar)
  • 15 Feb'18
  • यदि आपको महान आत्मा बनना है तो | (Yadi-Aapko-Mahaan-Atma-Banana-Hai-To)
  • 14 Feb'18
  • तब अनदेखे में आस्था होती है | (Tab-Andekhe-Me-Aastha-Hoti-Hai)
  • 13 Feb'18
  • जीवन भी शिव मृत्यु भी शिव | (Jeevan-Bhi-Shiv-Mrityu-Bhi-Shiv)
  • 12 Feb'18
  • साधन में लगे रहो | (Sadhan-Me-Lage-Raho)
  • 11 Feb'18
  • हम आपके है प्रभु | (Ham-Aapke-Hai-Prabhu)
  • 10 Feb'18
  • सार के लिए प्रयत्न करें | (Saar-Ke-Liye-Prayatna-Karen)
  • 09 Feb'18
  • अनुकूलता का सुख तुच्छ है | (Anukoolta-Ka-Sukh-Tuchchha-Hai)
  • 08 Feb'18
  • ये वास्तविक जीवन है | (Ye-Vastavik-Jeevan-Hai)
  • 07 Feb'18
  • सावधान रहना कुछ बनना मत | (Savdhan-Rehna-Kuchh-Banana-Mat)
  • 06 Feb'18
  • हम और हमारा ये संसार | (Ham-Aur-Hamara-Se-Sansaar)
  • 05 Feb'18
  • ये सब माया में हो रहा है | (Ye-Sab-Maya-Me-Ho-Raha-Hai)
  • 04 Feb'18
  • तू अपने को जान ले बस | (Tu-Apne-Ko-Jaan-Le-Bas)
  • 03 Feb'18
  • मिला हुआ सब व्यर्थ हो गया | (Mila-Hua-Sab-Vyarth-Ho-Gaya)
  • 02 Feb'18
  • कुछ न करना विश्रांति है | (Kuchh-Na-Karna-Vishranti-Hai)
  • 01 Feb'18
  • जिसका जन्म हुआ वो मैं हू ही नही | (Jiska-Janm-Hua-Wo-Main-Hu-Hi-Nahi)
  • 31 Jan'18
  • करने के अभिमान से ऊपर उठो | (Karne-Ke-Abhimaan-Se-Upar-Utho)
  • 30 Jan'18
  • जनम मरण के चक्कर से पार | (Janam-Maran-Ke-Chakkar-Se-Paar)
  • 29 Jan'18
  • पूर्ण सुख संसार ने किसीको नहीं दिया | (Poorn-Sukh-Sansaar-Ne-Kisi-Ko-Nahi-Dia)
  • 28 Jan'18
  • सबसे पहले क्या है ?| (Sabse-Pehle-Kya-Hai ?)
  • 27 Jan'18
  • हरी स्मृति सब विपदायें हर लेती है| (Hari-Smruti-Sab-Vipadayen-Har-Leti-Hai)
  • 26 Jan'18
  • चित्त को सदा प्रसन्न रखो| (Chitt-Ko-Sada-Prasann-Rakho)
  • 25 Jan'18
  • विवेकी मनुष्यों का काम है| (Ye-Viveki-Manushyo-Ka-Kaam-Hai)
  • 24 Jan'18
  • ज्ञान का कभी अभाव नहीं होता| (Gyan-Ka-Kabhi-Aabhav-Nahi-Hota)
  • 23 Jan'18
  • जिसकी मौत नहीं होती मैं वो हूँ| (Jiski-Maut-Nahi-Hoti-Main-Wo-Hun)
  • 22 Jan'18
  • स्व मे स्थित होने का उपाय| (Swa-Me-Sthit-Hone-Ka-Upaay)
  • 21 Jan'18
  • उत्तम मनुष्य कौनसा है ?| (Uttam-Manushy-Kaunsa-Hai ?)
  • 20 Jan'18
  • तो ईश्वर से दूरी कम हो जाएगी| (To-Ishwar-Se-Doori-Kam-Ho-Jaayegi)
  • 19 Jan'18
  • गुरु मेरे हर परिस्तिथि में सम है| (Guru-Mere-Har-Paristhiti-Me-Sam-Hai)
  • 18 Jan'18
  • पूर्ण सुख की प्राप्ति| (Poorn-Sukh-Ki-Praapti)
  • 17 Jan'18
  • फिर भी कुछ करना बाकी रह जाता है| (Fir-Bhi-Kuchh-Karna-Baki-Reh-Jaata-Hai)
  • 16 Jan'18
  • मूल की तरफ ध्यान दो| (Mool-Ki-Taraf-Dhyan-Do)
  • 15 Jan'18
  • सत्संग का अभ्यास आदरपूर्वक करें| (Satsang-Ka-Abhyas-Aaderpoorvak-Karen)
  • 14 Jan'18
  • अपने जीवन में विश्रांति ले आयें| (Apne-Jeevan-Me-Vishranti-Le-Aaye)
  • 13 Jan'18
  • संयम और तत्परता महान बना देती है| (Sanyam-Aur-Tatparta-Mahaan-Bana-Deti-Hai)
  • 12 Jan'18
  • ईश्वर से भोग| (Ishwar-Se-Bhog)
  • 11 Jan'18
  • अहंकार मिटाने का उपाय| (Ahamkar-Ko-Mitane-Ka-Upaay)
  • 10 Jan'18
  • गुरु के ज्ञान का आदर करें| (Guru-Ke-Gyan-Ka-Aadar-Karen)
  • 09 Jan'18
  • कार्य को पूजा समझ कर करें| (Kaarya-Ko-Pooja-Samajhkar-Kar-Karen)
  • 08 Jan'18
  • देह से आपका कोई संबंध नहीं| (Deh-Se-Aapka-Koi-Sambandh-Nahi)
  • 07 Jan'18
  • अपने विचारों को कभी देखें| (Apne-Vicharon-Ko-Kabhi-Dekhen)
  • 06 Jan'18
  • हम आपकी शरण है प्रभु| (Ham-Aapki-Sharan-Hai-Prabhu)
  • 05 Jan'18
  • सद्गुरु का संग ऐसा प्यारा होता है| (Sadguru-Ka-Sang-Aisa-Pyaara-Hota-Hai)
  • 04 Jan'18
  • प्रकृति की गहराई में त्याग छुपा है| (Prakriti-Ki-Gehraai-Me-Tyaag-Chhupa-Hai)
  • 03 Jan'18
  • बंधन और मुक्ति भी कल्पना है| (Bandhan-Aur-Mukti-Bhi-Kalpana-Hai)
  • 02 Jan'18
  • दुखों का अंत करना हो तो| (Dukhon-Ka-Ant-Karna-Hai-To)
  • 01 Jan'18
  • भगवान ही आपका लक्ष्य होना चाहिए| (Bhagvan-Hi-Apka-Lakshya-Hona-Chahiye)
  • 31 Dec'17
  • भगवान की नज़र मे कौन दुर्लभ है ?| (Bhagvan-Ki-Nazar-Me-Kaun-Durlabh-Hai ?)
  • 30 Dec'17
  • सदा तो भगवान ही है | (Sada-To-Bhagvan-Hi-Hai)
  • 29 Dec'17
  • अपने कर्तव्य का पालन | (Apne-Kartavya-Ka-Paalan)
  • 28 Dec'17
  • महापुरुष स्व को पुष्ट करते है | (Mahapurush-Swa-Ko-Pusht-Karte-Hai)
  • 27 Dec'17
  • जिसका महत्व उसी की प्राप्ति | (Jiska-Mahatv-Usi-Ki-Praapti)
  • 26 Dec'17
  • गुरु हमे क्या देना चाहते है ? | (Guru-Hame-Kya-Dena-Chahte-Hai ?)
  • 25Dec'17
  • संग दोष से अपने को बचाईए | (Sang-Dosh-Se-Apne-Ko-Bachaaiye)
  • 24Dec'17
  • सदगुरु का सहयोग आवश्यक है | (Sadguru-Ka-Sahyog-Aavashyak-Hai)
  • 23Dec'17
  • ज्ञानदाता गुरु का बड़ा उपकार है | (Gyandata-Guru-Ka-Bada-Upkaar-Hai)
  • 22Dec'17
  • जगत को किसकी आवश्यकता है ? | (Jagat-Ko-Kiski-Aavashyakta-Hai ?)
  • 21Dec'17
  • तो जीवन की तीन माँग पूरी हो जाएँगी ! | (To-Jeevan-Ki-Teen-Maang-Poori-Ho-Jaayengi)
  • 20Dec'17
  • यही आत्मा है और वो मैं हूँ ! | (Yahi-Atma-Hai-Aur-Wo-Main-Hun)
  • 19Dec'17
  • जैसी कल्पना वैसा जगत ! | (Jaisi-Kalpana-Waisa-Jagat)
  • 18Dec'17
  • सुख-दुख किसमे होता है ? | (Sukh-Dukh-Kisme-Hota-Hai ?)
  • 17Dec'17
  • सिद्ध पुरुष की क्या पहचान है ? | (Siddha-Purush-Ki-Kya-Pehchaan-Hai ?)
  • 16Dec'17
  • तत्परता मे सफलता है | (Tatparta-Me-Safalta-Hai)
  • 15Dec'17
  • जो बीत गया सो बीत गया | (Jo-Beet-Gaya-So-Beet-Gaya)
  • 14Dec'17
  • आशाएँ कब तक ? | (Aashaayen-Kab-Tak ?)
  • 13Dec'17
  • गुरु ने अमृत का सरोवर दिखलाया | (Guru-Ne-Amrut-Ka-Sarovar-Dikhlaya)
  • 12Dec'17
  • अहंकार मे ही बंधन है | (Ahamkar-Me-Hi-Bandhan-Hai)
  • 11Dec'17
  • क्या साधना से भगवान मिलते है ? | (Kya-Sadhana-Se-Bhagvan-Milte-Hai ?)
  • 10Dec'17
  • अपने आप की मदत करो | (Apne-Aap-Ki-Madat-Karo)
  • 09Dec'17
  • यदि वह संकल्प चलाए | (Yadi-Wah-Sankalp-Chalaaye)
  • 08Dec'17
  • शरीर की मृत्यु निश्चित है | (Shareer-Ki-Mrityu-Nishchit-Hai)
  • 07Dec'17
  • संतों का संग दुर्लभ है | (Santon-Ka-Sang-Durlabh-Hai)
  • 06Dec'17
  • संत दर्शन का लाभ | (Sant-Darshan-Ka-Laabh)
  • 05Dec'17
  • वो सदा है और सर्वत्र है | (Wo-Sada-Hai-Aur-Sarvatra-Hai)
  • 04Dec'17
  • यह जगत भावनामात्र है | (Yah-Jagat-Bhaavnaamatr-Hai)
  • 03Dec'17
  • आप किसके कहने मे है ? | (Aap-Kiske-Kehne-Me-Hai ?)
  • 02Dec'17
  • ईश्वर के होकर जीवन बीताओ | (Ishwar-Ke-Hokar-Jeevan-Bitao)
  • 01Dec'17
  • अहंकार विसर्जन मे ही उत्थान है | (Ahamkar-Visarjan-Me-Hi-Utthaan-Hai)
  • 30Nov'17
  • तत्परता से लग जाओ अज्ञान मिटाने मे | (Tatparta-Se-Lag-Jao-agyaan-Mitaane-Me)
  • 29Nov'17
  • आपका कभी कुछ नही बिगड़ता | (Aapka-Kabhi-Kuchh-Nahi-Bigadta)
  • 28Nov'17
  • तो मनुष्य जन्म उसका सफल | (To-Manushya-Janm-Uska-Safal)
  • 27Nov'17
  • क्या भोगी सुखी रह सकता है ? | (Kya-Bhogi-Sukhi-Reh-Sakta-Hai ?)
  • 26Nov'17
  • जल्दी अपना काम पूरा कर लो | (Jaldi-Apna-Kaam-Pura-Karlo)
  • 25Nov'17
  • कर्म करने मे सावधान रहे | (Karm-Karne-Me-Savdhaan-Rahe)
  • 24Nov'17
  • कारण तो सबका एक ही है | (Kaaran-To-Sabka-Ek-Hi-Hai)
  • 23Nov'17
  • इतना सरल है भगवान को पाना | (Itna-Saral-Hai-Bhagvan-Ko-Paana)
  • 22Nov'17
  • ईश्वर को पाए बिना कोई भाग्यशाली नही | (Ishwar-Ko-Paaye-Bina-Koi-Bhaagyashali-Nahi)
  • 21Nov'17
  • आप परेशान कब होते हो ?| (Aap-Pareshan-Kab-Hote-Ho ?)
  • 20Nov'17
  • ज्ञान को व्यवहार मे ले आओ | (Gyan-Ko-Vyavahaar-Me-Le-Aao)
  • 19Nov'17
  • तुम्हारी हस्ती कभी मिटती नही | (Tumhari-Hasti-Kabhi-Mitati-Nahi)
  • 18Nov'17
  • आपका कुछ बढ़ता नही घटता नही | (Aapka-Kuchh-Badhta-Nahi-Ghatata-Nahi)
  • 17Nov'17
  • आशाएँ मिटाने मे लग जाओ | (Aashayen-Mitane-Me-Lag-Jao)
  • 16Nov'17
  • मृत्यु पूछकर नहीं आती | (Mrityu-Poochhkar-Nahi-Aati)
  • 15Nov'17
  • अपनी असीमता की स्वीकृति हो जाए | (Apni-Aseemta-Ki-Swikruti-Ho-Jaaye)
  • 14Nov'17
  • ये तीन बातें जान लीजिए | (Ye-Teen-Baatein-Jaan-Lijiye)
  • 13Nov'17
  • आप किसके शिष्य हो ? | (Aap-Kiske-Shishya-Ho ?)
  • 12Nov'17
  • सेवक का परम कल्याण किसमे है ? | (Sevak-Ka-Param-Kalyan-Kisme-Hai ?)
  • 11Nov'17
  • किसी से प्रभावित मत हो | (Kisise-Prabhaavit-Mat-Ho)
  • 10Nov'17
  • सबको देखने की कला आ जाए | (Sabko-Dekhne-Ki-Kala-Aa-Jaye)
  • 09Nov'17
  • त्याग के अभिमान का भी त्याग करो | (Tyaag-Ke-Abhiman-Ka-Bhi-Tyaag-Karo)
  • 08Nov'17
  • मृत्यु के समय अपने पराये हो जाएँगे | (Mrityu-Ke-Samay-Apne-Paraaye-Ho-Jaayenge)
  • 07Nov'17
  • हमारी आँख खुल जाए | (Hamari-Aankh-Khul-Jaaye)
  • 06Nov'17
  • भूल मिटी तो दुख मिटा | (Bhool-Miti-To-Dukh-Mita)
  • 05Nov'17
  • प्रेम सबको जीत लेता है | (Prem-Sabko-Jeet-Leta-Hai)
  • 04Nov'17
  • गुरु किसे कहते है ? | (Guru-Kise-Kehte-Hai ?)
  • 03Nov'17
  • ईश्वर पर भरोसा बढ़ा दो | (Ishwar-Par-Bharosa-Badha-Do)
  • 02Nov'17
  • भगवान से क्या माँगे ? ? | (Bhagvan-Se-Kya-Maange ?)
  • 01Nov'17
  • वास्तविक प्रार्थना किसकी होती है ? | (Vaastavik-Prarthna-Kiski-Hoti-Hai ?)
  • 31Oct'17
  • परिस्थितियाँ क्यों दुखी करती है ? | (Paristhitiyan-Kyon-Dukhi-Karti-Hai ?)
  • 30Oct'17
  • अभी से सत्संग मे लग जाओ | (Abhi-Se-Satsang-Me-Lag-Jaao)
  • 29Oct'17
  • संसार का तो यही हाल है | (Sansaar-Ka-To-Yahi-Haal-Hai)
  • 28Oct'17
  • भगवान मे मन लग जाए बस | (Bhagvan-Me-Man-Lag-Jaaye-Bas)
  • 27Oct'17
  • इच्छा छोड़ना अपने बस की बात है | (Ichchha-Chhodna-Apne-Bas-Ki-Baat-Hai)
  • 26Oct'17
  • ये प्रीति है या आसक्ति ? | (Ye-Preeti-Hai-Ya-Aasakti ?)
  • 25Oct'17
  • वास्तविक ज्ञान ही पूर्ण जीवन है | (Vastavik-Gyan-Hi-Poorna-Jeevan-Hai)
  • 24Oct'17
  • अंत मे कुछ साथ नही चलता | (Ant-Me-Kuchh-Saath-Nahi-Chalta)
  • 23Oct'17
  • राग भय और क्रोध क्यों होता है ? | (Raag-Bhay-Aur-Krodh-Kyon-Hota-Hai ?)
  • 22Oct'17
  • मुझमे तू तुझमे मैं | (Mujhme-Tu-Tujhme-Main)
  • 21Oct'17
  • न कुछ छोड़ना है न पकड़ना है | (Na-Kuchh-Chhodna-Hai-Na-Pakadna-Hai)
  • 20Oct'17
  • संयम सादगी सरलता का संकल्प करें | (Sanyam-Saadgi-Saralta-Ka-Sankalp-Karen)
  • 19Oct'17
  • आपका हर श्वास हर दिन दीवाली हो | (Aapka-Har-Shwas-Har-Din-Diwali-Ho)
  • 18Oct'17
  • अपने स्वरूप मे हर दम दीवाली है | (Apne-Swaroop-Me-Har-Dam-Diwali-Hai)
  • 17Oct'17
  • संत किसे कहते है ? | (Sant-Kise-Kehte-Hai ?)
  • 16Oct'17
  • आपकी मस्ती किसमे टिकी है ? | (Aapki-Masti-Kisme-Tiki-Hai ?)
  • 15Oct'17
  • ये जीवन की आखरी उपलब्धि है | (Ye-Jeevan-Ki-Aakhri-Upalabdhi-Hai)
  • 14Oct'17
  • चित्त को आवश्यकता मे लगाओ | (Chitta-Ko-Aavashyakta-Me-Lagao)
  • 13Oct'17
  • ईश्वर के लिए सब सह लो | (Ishwar-Ke-Liye-Sab-Sah-Lo)
  • 12Oct'17
  • हम आपकी शरण है प्रभु | (Ham-Aapki-Sharan-Hai-Prabhu)
  • 11Oct'17
  • हृदय शुद्धि का फल है भगवत्प्राप्ति | (Hriday-Shuddhi-Ka-Fal-Hai-Bhagvatprapti)
  • 10Oct'17
  • अपने आप पर राज़ी हो जाओ | (Apne-Aap-Par-Raaji-Ho-Jao)
  • 09Oct'17
  • हम ईश्वर से दूर क्यों है ? | (Ham-Ishwar-Se-Door-Kyon-Hai ?)
  • 08Oct'17
  • आपको कैसा सुख चाहिए ? | (Aapko-Kaisa-Sukh-Chahiye ?)
  • 07Oct'17
  • मृत्यु-रोग-शोक को यहाँ प्रवेश नही | (Mrityu-Rog-Shok-Ko-Yaha-Pravesh-Nahi)
  • 06Oct'17
  • परम सुख तो पिता का ही ख़ज़ाना है | (Param-Sukh-To-Pita-Ka-Hi-Khazana-Hai)
  • 05Oct'17
  • सदगुरु ही परम मंगल करते है | (Sadguru-Hi-Param-Mangal-Karte-Hai)
  • 04Oct'17
  • नित्य गुरु ज्ञान मे रमण करो | (Nitya-Guru-Gyan-Me-Raman-Karo)
  • 03Oct'17
  • जगत की ममता ही दुख देती है | (Jagat-Ki-Mamta-Hi-Dukh-Deti-Hai)
  • 02Oct'17
  • इसके सिवाय कोई उपाय नही | (Iske-Sivaay-Koi-Upaay-Nahi)
  • 01Oct'17
  • बुद्धि का दुरुपयोग मत करो | (Buddhi-Ka-Durupyog-Mat-Karo)
  • 30Sept'17
  • भगवतप्रीति भाग्य बदल देती है | (Bhagvatpreeti-Bhagya-Badal-Deti-Hai)
  • 29Sept'17
  • ईश्वर की सतत स्मृति कैसे हो ? | (Ishwar-Ki-Satat-Smruti-Kaise-Ho ?)
  • 28Sept'17
  • ऐसी होनी चाहिए मोक्ष की इच्छा | (Aisi-Honi-Chahiye-Moksh-Ki-Ichchha)
  • 27Sept'17
  • संत कभी खाली नही होते | (Sant-Kabhi-Khali-Nahi-Hote)
  • 26Sept'17
  • समय कहाँ लगाना चाहिए ? | (Samay-Kaha-Lagana-Chahiye ?)
  • 25Sept'17
  • बनने की अपेक्षा अपने को जानो | (Banane-Ki-Apeksha-Apne-Ko-Jaano)
  • 24Sept'17
  • मेरे गुरु इन सबसे पार है | (Mere-Guru-In-Sabse-Paar-Hai)
  • 23Sept'17
  • सच्चे भक्त की निगाह | (Sachhe-Bhakt-Ki-Nigaah)
  • 22Sept'17
  • रोग रहित मेरा सदगुरु जोगी | (Rog-Rahit-Mera-Sadguru-Jogi)
  • 21Sept'17
  • सत्य मे कुछ करना नही जानना है | (Satya-Me-Kuchh-Karna-Nahi-Janana-Hai)
  • 20Sept'17
  • सबमे तू ही तू | (Sabme-Tu-Hi-Tu)
  • 19Sept'17
  • जो सर्वत्र है उसको प्रणाम है | (Jo-Sarvatra-Hai-Usko-Pranaam-Hai)
  • 18Sept'17
  • भगवान को पाने की इच्छा तो कर | (Bhagvan-Ko-Paane-Ki-Ichcha-To-Kar)
  • 17Sept'17
  • पहले तो परमात्मा ही है | (Pehle-To-Parmatma-Hi-Hai)
  • 16Sept'17
  • सामान्य मे सुख पाओ | (Saamanya-Me-Sukh-Pao)
  • 15Sept'17
  • इसी घूंटि की ज़रूरत है संसार को | (Isi-Ghoonti-Ki-Jaroorat-Hai-Sansaar-Ko)
  • 14Sept'17
  • संसार सागर मे कब तक गिरोगे ? | (Sansaar-Sagar-Me-Kab-Tak-Giroge ?)
  • 13Sept'17
  • संपूर्ण जगत का आश्रय कौन है ? | (Sampurn-Jagat-Ka-Ashray-Kaun-Hai ?)
  • 12Sept'17
  • जगत को स्वप्नवत मानो | (Sansaar-Ko-Swapnavat-Mano)
  • 11Sept'17
  • संसार मे आनंद मिलना असंभव है | (Sansaar-Me-Anand-Milna-Asambhav-Hai)
  • 10Sept'17
  • हमारी माँग का नाम भगवान है | (Hamari-Maang-Ka-Naam-Bhagvan-Hai)
  • 09Sept'17
  • तू वही का वही | (Tu-Vahi-Ka-Vahi)
  • 08Sept'17
  • अपने हृदय को संभालो | (Apne-Hriday-Ko-Sambhaalo)
  • 07Sept'17
  • विशेषता परमात्मा से दूर करती है | (Visheshta-Parmatma-Se-Door-Karti-Hai)
  • 06Sept'17
  • विषयों को विष समझकर त्याग दो | (Vishayon-Ko-Vish-Samajhkar-Tyaag-Do)
  • 05Sept'17
  • सब ईश्वर की ही देन है | (Sab-Ishwar-Ki-Hi-Den-Hai)
  • 04Sept'17
  • मैं तो उसके साथ ही हूँ| (Main-To-Uske-Sath-Hi-Hun)
  • 03Sept'17
  • संसार मे हमे चोट क्यों लगती है ?| (Sansaar-Me-Hame-Chot-Kyon-Lagti-Hai ?)
  • 02Sept'17
  • वास्तव मे हितेषी कौन होता है ?| (Vaastav-Me-Hiteshi-Kaun-Hota-Hai ?)
  • 01Sept'17
  • ऐसे मिलो की बिछडो नही | (Aise-Milo-Ki-Bichhdo-Nahi)
  • 31Aug'17
  • आपकी और भगवान की एकता है | (Aapki-Aur-Bhagvan-Ki-Ekta-Hai)
  • 30Aug'17
  • शाश्वत जीवन की प्राप्ति | (Shashwat-Jeevan-Ki-Prapti)
  • 29Aug'17
  • जीते जी भगवान का अनुभव करो | (Jeete-Ji-Bhagvan-Ka-Anubhav-Karo)
  • 28Aug'17
  • वास्तविक सुख तो आत्मा का ही है | (Vastavik-Sukh-To-Atma-Ka-Hi-Hai)
  • 27Aug'17
  • ज्ञान सुनने के बाद भी संशय क्यों | (Gyan-Sunane-Ke-Baad-Bhi-Sanshay-Kyon ?)
  • 26Aug'17
  • हमारा कल्याण कैसे होगा ? | (Hamara-Kalyan-Kaise-Hoga ?)
  • 25Aug'17
  • अंत मे तो ईश्वर मे ही आना पड़ेगा | (Ant-Me-To-Ishwar-Me-Hi-Aana-Padega)
  • 24Aug'17
  • शाश्वत जीवन हमारा अधिकार है | (Shashwat-Jeevan-Hamara-Adhikar-Hai)
  • 23Aug'17
  • सबको जानने वाला कौन है ? | (Sabko-Janane-Wala-Kaun-Hai ?)
  • 22Aug'17
  • जहाँ दुख और चिंता नही वो ईश्वर है | (Jaha-Dukh-Aur-Chinta-Nahi-Wo-Ishwar-Hai)
  • 21Aug'17
  • जानना मानना और करना ईश्वर के लिए | (Janana-Manana-Aur-Karna-Ishwar-Ke-Liye)
  • 20Aug'17
  • प्रीति और आवश्यकता भगवान की | (Preeti-Aur-Avashyakta-Bhagvan-Ki)
  • 19Aug'17
  • जप करने से क्या होता है ? | (Jap-Karne-Se-Kya-Hota-Hai ?)
  • 18Aug'17
  • पूर्ण सुख पाना कठिन नही | (Purna-Sukh-Paane-Kathin-Nahi)
  • 17Aug'17
  • आख़िर क्यों श्री कृष्ण रो पड़े ?| (Aakhir-Kyon-Shri-Krishna-Ro-Pade ?)
  • 16Aug'17
  • सत्संग क्या होता है ? | (Satsang-Kya-Hota-Hai ?)
  • 15Aug'17
  • गुरु के प्रति प्रेम क्यों होना चाहिए ? | (Guru-Ke-Prati-Prem-Kyon-Hona-Chahiye ?)
  • 14Aug'17
  • परमात्मा कैसे हैं ? | (Parmatma-Kaise-Hai)
  • 13Aug'17
  • जगत सत् नही है सत्य है | (Jagat-Sat-Nahi-Hai-Satya-Hai)
  • 12Aug'17
  • हमे अपेक्षा क्यों होती है | (Hame-Apeksha-Kyon-Hoti-Hai ?)
  • 11Aug'17
  • आपका इससे कोई संबंध नही | (Aapka-Isse-Koi-Sambandh-Nahi)
  • 10Aug'17
  • मन-बुद्धि ईश्वर को ही समर्पित है | (Man-Buddhi-Ishwar-Ko-Hi-Samarpit-Hai)
  • 09Aug'17
  • हमारे और ईश्वर के बीच क्या है ? | (Hamare-Aur-Ishwar-Ke-Beech-Kya-Hai ?)
  • 08Aug'17
  • मरने की युक्ति अभी से सीख लो | (Marne-Ki-Yukti-Abhi-Se-Seekh-Lo)
  • 07Aug'17
  • बस एक ही उपाय है निर्दुख होने का | (Bas-Ek-Hi-Upaay-Hai-Nirdukh-Hone-Ka)
  • 06Aug'17
  • मनुष्य अपना उद्धार कैसे करें ? | (Manushya-Apna-Uddhar-Kaise-Karen ?)
  • 05Aug'17
  • अपनी समझ बदल दो | (Apni-Samajh-Badal-Do)
  • 04Aug'17
  • विश्रान्ति का सुख उभरने दो | (Vishranti-Ka-Sukh-Ubharne-Do)
  • 03Aug'17
  • भगवान दयालु कैसे ? | (Bhagvan-Dayalu-Kaise ?)
  • 02Aug'17
  • आप इतने उँचे उठ सकते है | (Aap-Itne-Unche-Uth-Sakte-Hai)
  • 01Aug'17
  • शीतल मन होना परम लक्ष्य है | (Sheetal-Man-Hona-Param-Lakshya-Hai)
  • 31July'17
  • खोज-खोज और तू पहुँच जाएगा | (Khoj-Khoj-Aur-Tu-Pahunch-Jayega)
  • 30July'17
  • ज्ञान से सब प्रिय दिखता है | (Gyan-Se-Sab-Priya-Dikhta-Hai)
  • 29July'17
  • अपने आप को पा लो | (Apne-Aap-Ko-Paa-Lo)
  • 28July'17
  • प्रकृति हरी तक पहुँचाना चाहती है | (Prakruti-Hari-Tak-Pahuchana-Chahti-Hai)
  • 27July'17
  • मैत्री किससे करें ? | (Maitri-Kisse-Karen ?)
  • 26July'17
  • उसका चित्त शीतल हो जाता है | (Uska-Chitt-Sheetal-Ho-Jaata-Hai)
  • 25July'17
  • तुम्हारा बिगड़ा क्या ? | (Tumhara-Bigda-Kya ?)
  • 24July'17
  • भगवत प्राप्ति जन्म सिद्ध अधिकार है | (Bhagvat-Prapti-Janm-Siddha-Adhikar-Hai)
  • 23July'17
  • अमरता के लिए परिश्रम नही | (Amarta-Ke-Liye-Parishram-Nahi)
  • 22July'17
  • आखरी बात सुना दो स्वामी | (Aakhri-Baat-Suna-Do-Swami)
  • 21July'17
  • उसकी खुली आँख समाधि है | (Uski-Khuli-Aankh-Samadhi-Hai)
  • 20July'17
  • देहाध्यास ही बंधन है | (Dehadhyaas-Hi-Bandhan-Hai)
  • 19July'17
  • अहंकार मिटा तो वासना मिटी | (Ahamkar-Mita-To-Vasna-Miti)
  • 18July'17
  • वास्तविक जीवन किसका शुरू हुआ | (Vaastavik-Jeevan-Kiska-Shuru-Hua)
  • 17July'17
  • संत का मन कहाँ ठहरता है ? | (Sant-Ka-Man-Kahan-Theherta-Hai)
  • 16July'17
  • वो पूर्ण पुरुष हो जाता है | (Wo-Purna-Purush-Ho-Jaata-Hai)
  • 15July'17
  • अंदर के सुख से तृप्त होते जाओ | (Andar-Ke-Sukh-Se-Trupt-Hote-Jao)
  • 14July'17
  • मुक्त पुरुष को न हर्ष है न शोक | (Mukt-Purush-Ko-Na-Harsh-Hai-Na-Shok)
  • 13July'17
  • भगवान की प्रीति और कृपा का फल | (Bhagvan-Ki-Kripa-Aur-Preeti-Ka-Fal)
  • 12July'17
  • क्या भगवान का वर्णन हो सकता है | (Kya-Bhagvan-Ka-Varnan-Ho-Sakta-Hai)
  • 11July'17
  • दुःख किसमे छुपा है | (Dukh-Kisme-Chhupa-Hai)
  • 10July'17
  • इसीलिए अनंत का सहारा लगता है | (Isiliye-Anant-Ka-Sahara-Lagta-Hai)
  • 09July'17
  • सदगुरु अद्वितीय होते है | (Mahapurush-Adviteeya-Hote-Hai)
  • 08July'17
  • उस पर किसीका प्रभाव नही पड़ता | (Us-Par-Kisika-Prabhav-Nahi-Padta)
  • 07July'17
  • सत्संग सुनते-सुनते अज्ञान मिटता है | (Satsang-Sunte-Sunte-Agyan-Mitata-Hai)
  • 06July'17
  • सच्चा सुख कहाँ है ? | (Sachcha-Sukh-Kahan-Hai ?)
  • 05July'17
  • अपनी अमरता को जान लो | (Apni-Amarta-Ko-Jaan-Lo)
  • 04July'17
  • कर्तापन परहित कर दो | (Kartapan-Parhit-Kar-Do)
  • 03July'17
  • हमे फकीरी रंग लग जाए | (Hame-Fakiri-Rang-Lag-Jaye)
  • 02July'17
  • अपने आप का आदर करो | (Apne-Aap-Ka-Aadar-Karo)
  • 01July'17
  • सबका कारण कौन ? | (Sabka-Kaaran-Kaun ?)
  • 30June'17
  • भोग मनुष्य को अँधा कर देता है | (Bhog-Manushya-Ko-Andha-Kar-Deta-Hai)
  • 29June'17
  • आत्मसुख सर्वोपरि है | (Atmasukh-Sarvopari-Hai)
  • 28June'17
  • उत्तम लक्ष्मी क्या है ?| (Uttam-Lakshmi-Kya-Hai ?)
  • 27June'17
  • भगवान को आत्मरूप मे मानो | (Bhagvan-Ko-Atmaroop-Me-Maano)
  • 26June'17
  • आत्मसुख जीव को स्वतन्त्र करता है | (Atmasukh-Jeev-Ko-Swatantra-Karta-Hai)
  • 25June'17
  • गुरु मन की कमज़ोरी जानते है | (Guru-Man-Ki-Kamjori-Jante-Hai)
  • 24June'17
  • वो हमारा साथ कभी नही छोड़ता | (Wo-Hamara-Saath-Kabhi-Nahi-Chhodta)
  • 23June'17
  • अपने आनंद स्वभाव को जगाओ | (Apne-Anand-Swabhav-Ko-Jagao)
  • 22June'17
  • सबसे सरल कार्य कौनसा है ? | (Sabse-Saral-Kaarya-Kaunsa-Hai ?)
  • 21June'17
  • क्या बंधन बना कर मुक्ति चाहिए ? | (Kya-Bandhan-Bana-Kar-Mukti-Chahiye ?)
  • 20June'17
  • आप सदा एकरस है (Aap-Sada-Ekras-Hai)
  • 19June'17
  • जो तुम्हारा है प्रगट हो जाए (Jo-Tumhara-Hai-Pragat-Ho-Jaye)
  • 18June'17
  • हमारी भीतर की आँख खुल जाए(Hamari-Bheetar-Ki-Aankh-Khul-Jaye)
  • 17June'17
  • वो तुमसे दूर नही तुम उससे दूर नही (Wo-Tumse-Door-Nahi-Tum-Usse-Door-Nahi)
  • 16June'17
  • प्रेम के आगे भगवान भी पिघलते है | (Prem-Ke-Aage-Bhagvan-Bhi-Pighalte-Hai)
  • 15June'17
  • संतों के द्वार पर भर्ती हो जाओ | (Santon-Ke-Dwaar-Par-Bharti-Ho-Jao)
  • 14June'17
  • तो सहज मे हरी भक्ति होती है | (To-Sahaj-Me-Hari-Bhakti-Hoti-Hai)
  • 13June'17
  • वास्तव मे बड़ा कौन ? | (Vaastav-Me-Bada-Kaun ?)
  • 12June'17
  • सभी विपत्तियों से मुक्ति का उपाय | (Sabhi-Vipattiyon-Se-Mukti-Ka-Upaay)
  • 11June'17
  • सच्ची कहानी क्या है ? | (Sachchi-Kahani-Kya-Hai ?)
  • 10June'17
  • साधना के बिना मनुष्य हार जाता है | (Sadhna-Ke-Bina-Manushya-Haar-Jaata-Hai)
  • 09June'17
  • सत्य हरी भजन जगत सब सपना | (Satya-Hari-Bhajan-Jagat-Sab-Swapna)
  • 08June'17
  • वो पुनर्जन्म को प्राप्त नही होता | (Wo-Punarjanm-Ko-Praapt-Nahi-Hota)
  • 07June'17
  • ईश्वर के जगत मे प्रेम की कीमत है | (Ishwar-Ke-Jagat-Me-Prem-Ki-Keemat-Hai)
  • 06June'17
  • सबसे बड़ा आश्चर्य | (Sabse-Bada-Aashcharya)
  • 05June'17
  • वासना की पूर्ती में ही दुःख है | (Vaasna-Ki-Poorti-Me-Hi-Dukh-Hai)
  • 04June'17
  • वो ऐसा अमृत का खजाना है | (Wo-Aisa-Amrut-Ka-Khajana-Hai)
  • 03June'17
  • ऐसे मिलो की बिछडो नही | (Aise-Milo-Ki-Bichhdo-Nahi)
  • 02June'17
  • आप ही से सब दिखता है | (Aap-Hi-Se-Sab-Dikhta-Hai)
  • 01June'17
  • जो जा रहा है उसका भय क्यों ? | (Jo-Ja-Raha-Hai-Uska-Bhay-Kyon ?)
  • 31May'17
  • ज्ञानी की सबके साथ मैत्री होती है | (Gyani-Ki-Sabke-Saath-Maitri-Hoti-Hai)
  • 30May'17
  • हरी सबमे हैं और सबसे अलग भी | (Hari-Sabme-Hai-Aur-Sabse-Alag-Bhi)
  • 29May'17
  • मैं कौन और मेरा कौन ? | (Me-Kaun-Aur-Mera-Kaun ?)
  • 28May'17
  • मन मे भोग है या भगवान है ? | (Man-Me-Bhog-Hai-Ya-Bhagvan-Hai ?)
  • 27May'17
  • भगवान कभी बेवफ़ाई नही करते | (Bhagvan-Kabhi-Bevafaai-Nahi-Karte)
  • 26May'17
  • जो जानने मे आता है वो मैं नही | (Jo-Jaanane-Me-Aata-Hai-Wo-Main-Nahi)
  • 25May'17
  • ईश्वर ही सार है | (Ishwar-Hi-Saar-Hai)
  • 24May'17
  • क्या हम आत्मचिंतन भूल गये है ? | (Kya-Ham-Atmachintan-Bhool-Gaye-Hai ?)
  • 23May'17
  • दुखों से पार होना बहुत आसान है | (Dukhon-Se-Paar-Hona-Aasaan-Hai)
  • 22May'17
  • अशांति होती है तो अभ्यास कच्चा है | (Ashanti-Hoti-Hai-To-Abhyas-Kachcha-Hai)
  • 21May'17
  • माता के गर्भो से मुझे बचने दो | (Mata-Ke-Garbho-Se-Mujhe-Bachne-Do)
  • 20May'17
  • जिसको मानते हो उसको जानो | (Jisko-Maante-Ho-Usko-Jaano)
  • 19May'17
  • जिज्ञासु के लिए गुरुकृपा काफी है | (Jigyasu-Ke-Liye-Gurukripa-Kaafi-Hai)
  • 18May'17
  • ईश्वर मे ही सत्य बुद्धि होनी चाहिए | (Ishwar-Me-Hi-Satya-Buddhi-Honi-Chahiye)
  • 17May'17
  • वास्तविक संपदा क्या है ? | (Vaastavik-Sampada-Kya-Hai ?)
  • 16May'17
  • सुनते सुनते बंधन कट जाते है | (Sunte-Sunte-Bandhan-Kat-Jaate-Hai)
  • 15May'17
  • हे मानव अपनी दिव्यता को पहचान | (He-Maanav-Apni-Divyata-Ko-Pehchaan)
  • 14May'17
  • संकल्प ज्ञान पाने का होना चाहिए | (Sankalp-Gyan-Paane-Ka-Hona-Chahiye)
  • 13May'17
  • दुखों से पार कैसे हो ? | (Dukhon-Se-Paar-Kaise-Ho ?)
  • 12May'17
  • परमात्मा तुम्हारा प्रगट हो जाएगा | (Parmatma-Tumhara-Pragat-Ho-Jayega)
  • 11May'17
  • अबदल मे प्रीति हो जाए | (Abadal-Me-Preeti-Ho-Jaye)
  • 10May'17
  • ये संसार किससे प्रकाशित होता है ? | (Ye-Sansaar-Kisse-Prakaashit-Hota-Hai ?)
  • 09May'17
  • इसी का नाम संसार है | (Isi-Ka-Naam-Sansaar-Hai)
  • 08May'17
  • ईश्वर को अपनी ज़िम्मेदारी दे दो | (Ishwar-Ko-Apni-Jimmedari-De-Do)
  • 07May'17
  • मन बुद्धि कहाँ पुष्ट होते है ? | (Man-Buddhi-Kaha-Pusht-Hai ?)
  • 06May'17
  • भगवान पर हमारा अधिकार है | (Bhagvan-Par-Hamara-Adhikar-Hai)
  • 05May'17
  • पूर्ण निष्कामी कौन है ? | (Purna-Nishkaami-Kaun-Hai ?)
  • 04May'17
  • भगवान कहीं छुप नही सकते ! | (Bhagvan-Kahin-Chhup-Nahi-Sakte)
  • 03May'17
  • अनित्य से कब तब सुख लोगे ? | (Anitya-Se-Kab-Tak-Sukh-Loge ?)
  • 02May'17
  • जो जानने मे आता है वो मैं नहीं | (Jo-Janane-Me-Aata-Hai-Wo-Me-Nahi)
  • 01May'17
  • मौत आने के पहले मार जाओ | (Maut-Aane-Ke-Pehle-Mar-Jao)
  • 30Apr'17
  • भगवान की भक्ति मिल जाए | (Bhagvan-Ki-Bhakti-Mil-Jaye)
  • 29Apr'17
  • मान्यता का सुख मूर्खो का होता है | (Maanyata-Ka-Sukh-Murkho-Ka-Hota-Hai)
  • 28Apr'17
  • आत्मज्ञान ही सार है | (Atmagyan-Hi-Saar-Hai)
  • 27Apr'17
  • ईश्वर दूर नही दुर्लभ नही पराया नही | (Ishwar-Door-Nahi-Durlabh-Nahi-Paraya-Nahi)
  • 26Apr'17
  • सच्चा सुख कहाँ है ? | (Sachcha-Sukh-Kahan-Hai ?)
  • 25Apr'17
  • अवस्थाओं मे आप टिक नही सकते | (Awasthao-Me-Aap-Tik-Nahi-Sakte)
  • 24Apr'17
  • तत्वज्ञान क्यों आवश्यक है ? | (Tatvgyan-Kyon-Avashyak-Hai)
  • 23Apr'17
  • मुक्ति हमारे हाथ की बात है | (Mukti-Hamare-Haath-Ki-Baat-Hai)
  • 22Apr'17
  • सबसे उत्तम विचार क्या है ? | (Sabse-Uttam-Vichar-Kya-Hai ?)
  • 21Apr'17
  • भगवान को पाने का मतलब क्या | (Bhagvan-Ko-Paane-Ka-Matlab-Kya ?)
  • 20Apr'17
  • हर साधक इस अवस्था मे आता ही है | (Har-Sadhak-Is-Awastha-Me-Aata-Hi-Hai)
  • 19Apr'17
  • भगवान को अपना मानो | (Bhagvan-Ko-Apna-Mano)
  • 18Apr'17
  • आपको भगवान चाहिए ? | (Aapko-Bhagvan-Chahiye ?)
  • 17Apr'17
  • आपका तो जन्म ही नही है | (Aapka-To-Janm-Hi-Nahi-Hai)
  • 16Apr'17
  • तो मनुष्य निष्फिकर हो जाएगा | (To-Manushya-Nishfikar-Ho-Jayega)
  • 15Apr'17
  • तुम्हारा सूत्रधार कौन हैं ? | (Tumhara-Sutradhar-Kaun-Hai)
  • 14Apr'17
  • जिसको मानते हो उसको जानो | (Jisko-Maante-Ho-Usko-Jaano)
  • 13Apr'17
  • कुछ करो मत ! होनें दो| (Kuchh-Karo-Mat-Hone-Do)
  • 12Apr'17
  • तो गुरु के हृदय से धन्यवाद आता है | (To-Guru-Ke-Hriday-Se-Dhanyavaad-Aata-Hai)
  • 11Apr'17
  • साधना मे आखरी विघ्न क्या है ? | (Sadhna-Me-Aakhri-Vighna-Kya-Hai ?)
  • 10Apr'17
  • ज्ञानी की गति ज्ञानी जाने | (Gyani-Ki-Gati-Gyani-Jaane)
  • 09Apr'17
  • भगवान का अनुभव ही भगवान है | (Bhagvan-Ka-Anubhav-Hi-Bhagvan-Hai)
  • 08Apr'17
  • गुरु का एक वचन हमे लग जाए | (Guru-Ka-Ek-Vachan-Hame-Lag-Jaye)
  • 07Apr'17
  • जो साधना नही करते वो अभागे है | (Jo-Sadhna-Nahi-Karte-We-Abhage-Hai)
  • 06Apr'17
  • हरी व्यापक सर्वत्र समाना | (Hari-Vyaapak-Sarvatra-Samaana)
  • 05Apr'17
  • हे मानव तू सावधान हो जा | (He-Maanav-Tu-Savdhaan-Ho-Ja)
  • 04Apr'17
  • गुरु की हाँ मे हाँ मिलाकर तो देखो | (Guru-Ki-Han-Me-Han-Milaakar-To-Dekho)
  • 03Apr'17
  • रुके हुए मे रुक जाओ | (Ruke-Huye-Me-Ruk-Jao)
  • 02 Apr'17
  • हमारे दुखों का अंत कब होगा ? | (Hamare-Dukhon-Ka-Ant-Kab-Hoga)
  • 01Apr'17
  • पीछे पीछे हरी फिरे | (Pichhe-Pichhe-Hari-Phire)
  • 31Mar'17
  • इस ज्ञान मे तो आना ही पड़ेगा | (Is-Gyan-Me-To-Aana-Hi-Padega)
  • 30Mar'17
  • हमारा गाँव ब्रह्म है | (Hamara-Gaon-Brahm-Hai)
  • 29Mar'17
  • त्याग से निरंतर शान्ति | (Tyaag-Se-Nirantar-Shanti)
  • 28Mar'17
  • अपने घर मे आ जाओ | (Apne-Ghar-Me-Aa-Jao)
  • 27Mar'17
  • हुआ आत्मा से तभी अपना साक्षात्कार | (Hua-Atma-Se-Tabhi-Apna-Saxatkar)
  • 26Mar'17
  • एक से ही सब होता है | (Ek-Se-Hi-Sab-Hota-Hai)
  • 25Mar'17
  • सेवा सेवक को स्वामी बना देती है | (Seva-Sewak-Ko-Swami-Bana-Deti-Hai)
  • 24Mar'17
  • ईश्वर तो नग्न सत्य है ! | (Ishwar-To-Nagna-Satya-Hai)
  • 23Mar'17
  • अपने को जाने बिना दुख नही मिटते | (Apne-Ko-Jaane-Bina-Dukh-Nahi-Mitate)
  • 22Mar'17
  • भगवान थें, हैं और रहेंगे | (Bhagvan-The-Hai-Aur-Rahenge)
  • 21Mar'17
  • सबसे बड़ा कौन ? | (Sabse-Bada-Kaun)
  • 20Mar'17
  • मन को भगवान के रंग से रंग दो | (Man-Ko-Bhagvan-Ke-Rang-Se-Rang-Do)
  • 19Mar'17
  • जब तक अहम है तब तक संघर्ष है | (Jab-Tak-Aham-Hai-Tab-Tak-Sangharsh-Hai)
  • 18Mar'17
  • गुरु तो देने के लिए तड़प रहे है ! ( Guru-To-Dene-Ke-Liye-Tadap-Rahe-Hai)
  • 17Mar'17
  • जो दिखता है वो सब माया है | ( Jo-Dikhta-Hai-Wo-Sab-Maya-Hai)
  • 16Mar'17
  • हमारी वास्तविक माँग क्या है ? (Hamari-Vastavik-Maang-Kya-Hai? )
  • 15Mar'17
  • हमारी बुद्धि का विषय क्या है ? (Hamare-Buddhi-Ka-Vishay-Kya-Hai? )
  • 14Mar'17
  • ज्ञान के बिना प्रीति नही टिकती | (Gyan-Ke-Bina-Preeti-Nahi-Tikti)
  • 13Mar'17
  • आखरी मुलाक़ात निश्चित है | (Akhri-Mulaqat-Nishchit-Hai)
  • 12Mar'17
  • छोड़ दो उस अनंत पर | (Chhod-Do-Us-Anant-Par)