महिला उत्थान मण्डल

वर्तमान समय में महिलाओं को अपने सर्वांगीण विकास के लिए स्वयं को जागृत करना होगा और सदगुरुओं के ज्ञान और भारतीय संस्कृति रूपी रत्न को अपनाकर अपना जीवन दिव्य बनाना होगा। पश्चिमी विलासिता को अपने जीवन से निकालकर पाश्चात्य पतनकारी संस्कारों को हटाकर भारतीय संस्कृति के उत्थानकारी संस्कारों से स्वयं को सुसम्पन्न बनाना पड़ेगा तथा अपना पूर्णरूप से शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास करना पड़ेगा।
पूज्य बापू जी का संदेश
हे भारत की देवियो ! उठो, जागो, आर्य नारियों की महानता को, अपने अतीत के गौरव को याद करो। तुममें जो अथाह सामर्थ्य है, उसे पहचानो। सत्संग, जप और परमात्म-ध्यान से अपनी छुपी हुई शक्तियों को जागृत करो।
जीवनशक्ति का ह्रास करने वाली पाश्चात्य विलासिता के अंधानुकरण एवं तन-मन को दूषित करने वाली फैशनपरस्ती से अपने को बचाकर जीवन को जीवनदाता के पथ पर अग्रसर करो। अगर ऐसा कर सको तो वह दिन दूर नहीं जब विश्व तुम्हारे दिव्य चरित्र का गान कर अपने को कृतार्थ मानेगा।
कैसी रही हैं भारत की नारियाँ ! सावित्री की दिव्य गाथा यही संदेश देती है कि भारत की देवियो ! तुममें अथाह सामर्थ्य है, अथाह शक्ति है। संतों-महापुरुषों के सत्संग में जाकर अपने में छुपी हुई शक्तियों को जागृत करके तुम अवश्य महान बन सकती हो एवं सावित्री, मीरा-मदालसा के इतिहास को पुनः दोहरा सकती हो।
हे भारत की देवियो ! याद करो अपने स्वर्णिम अतीत को, इस पुण्यभूमि भारत पर जन्मी उन महान महिलाओं को, जिनके गौरवमय चरित्र के आगे आज भी मस्तक झुक जाता है। जिस धरा पर सुलभा, गार्गी, शबरी, शाण्डिली, मुक्ताबाई, जनाबाई जैसी सन्नारियों ने जन्म लिया था, तुम्हारा जन्म भी तो उसी धरा पर हुआ है ! संतों-महापुरुषों और सत्शास्त्रों के मंगलमय उपदेशों का लाभ देकर अपनी दिव्यता को जगाओ और अपने जीवन को महानता-पूर्णता के शिखर पर पहुँचा दो। हे महान युवतियो ! तुम अपनी छुपी हुई महानताओं को अवश्य-अवश्य जगा सकती हो।
महिला उत्थान मण्डल की स्थापना 15 जुलाई 2010 को पूज्य संत श्री आसारामजी बापू के शुभ आशीर्वाद से हुई। कई ऐसी महिलाएँ, युवतियाँ तथा बालिकाएँ हैं जो पूज्य बापू जी के साथ आत्मिक रूप से जुड़ के पूज्य बापू जी की सत्संग-गंगा में गोते लगाकर अपना जीवन उन्नत बना रही हैं। उन्हें कई दिव्य अनुभव हुए हैं तथा उनके जीवन में कई आश्चर्यजनक परिवर्तन भी आये हैं। उनकी और अधिक उन्नति व आध्यात्मिक विकास के लिए तथा सभी नारियों के सर्वांगीण उत्थान के लिए ¢महिला उत्थान मण्डल¢ का गठन हुआ है। हे भारत की देवियो ! आपमें अनेक शक्तियाँ छुपी हुई हैं, उन्हें जगाओ और भारत को पुनः विश्वगुरु के पद पर आसीन करने में महत्वपूर्ण योगदान दो। आप भी अपने क्षेत्र की महिलाओं के उत्थान हेतु ¢महिला उत्थान मण्डल¢ को कार्यान्वित करने के लिए अवश्य तत्पर हो जाइये। आप सभी ¢महिला उत्थान मण्डल¢ से जुड़कर पूज्य बापू जी का पावन मार्गदर्शन एवं सान्निध्य पाकर अपना सर्वांगीण विकास करें।
महिला उत्थान मण्डल
श्री योग वेदान्त समिति,
संत श्री आसारामजी आश्रम, अहमदाबाद-5
फोनः 079-39877788, 27505010-11
महिला उत्थान मंडल के सदस्यों के लिए आवश्यक नियम
महिला उत्थान मंडल से जुड़ने पर महिलाओं को अपना चरित्र उज्जवल रखना होगा, ताकि वे व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक उत्थान का दायित्व निभा सकें।
महिलाएँ पूज्य श्री के सत्संग का आश्रय लेकर शरीर को स्वस्थ, मन को प्रसन्न तथा बुद्धि को सात्विक बनाये रखें।
महिलाओं को नारी तू नारायणी....तथा पाँच बार दिव्य-प्रेरणा-प्रकाश ग्रंथ का पठन करना आवश्यक है।
महिलाओं को पूज्य श्री के सान्निध्य में होने वाले ध्यान योग शिविर का लाभ लेना अनिवार्य है।
क्षेत्रिय महिला उत्थान मंडल के द्वारा आयोजित होने वाली महिला संस्कार सभा में अवश्य भाग लें। 10 बार की उपस्थिति के बाद ही सदस्य को पहचान-पत्र व ग्रंथालय की सदस्यता दी जायेगी।
महिला उत्थान मंडल के माध्यम से होने वाली सामाजिक, शैक्षणिक व आध्यात्मिक प्रवृत्तियों में उत्साहपूर्वक भाग लें।
आपके क्षेत्र में 15 से अधिक सदस्य होने पर ही क्षेत्रीय महिला उत्थान मंडल का गठन किया जायेगा। यदि आपकी जानकारी में 15 से अधिक सदस्य हैं और क्षेत्रीय महिला-उत्थान मंडल का गठन नहीं हुआ है तो मुख्यालय को शीघ्र सूचित करें।
महिला उत्थान मंडल की बहनें संयम का परिचय दें व किसी भी पुरुष के साथ अनावश्यक सम्पर्क न रखें।
नोट: विस्तृत विवरण के लिए महिला उत्थान मंडल-एक परिचय अवश्य पढ़ें।