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Navratri - The Festival of Worshipping Shakti :- :
Navratri - The Festival of Worshipping Shakti :- The scriptures say, “I bow again and again before Maa Jagadambaa (Mother of the universe), abiding in all beings and objects in the form of energy.” God manifests Himself in numerous shapes and forms. One of them is that of the Mother. The manifestat...

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नवरात्रि विशेष :
नवरात्रि विशेष Reference -From 14th Oct 2007 Satsang दुःख दर्द बढ़ गए, परेशानियाँ बढ़ गईं, रोग बीमारियाँ बढ़ गयी, मेहंगाई बढ़ गयी, तो क्या करना चाहिए? देवी भागवत के तीसरे स्कन्द में नवरात्रि का महत्त्व वर्णन किया है | मनोवांछित सिद्धियाँ प्राप्त करने के लिए देवी की महिमा सुनायी है, नवरात्रि के 9 दिन उप...

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उपासना के नौ दिन :
उपासना के नौ दिन (पूज्य बापू जी के सत्संग से) (शारदीय नवरात्रिः 16th Oct to 23rd Oct' 2012 ) नवरात्रि में शुभ संकल्पों को पोषित करने, रक्षित करने और शत्रुओं को मित्र बनाने वाले मंत्र की सिद्धि का योग होता है। वर्ष में दो नवरात्रियाँ आती हैं। शारदीय नवरात्रि और चैत्री नवरात्रि। चैत्री नवरात्रि के अं...

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सफलता हेतु आवश्यक शक्ति-उपासना :
सफलता हेतु आवश्यक शक्ति-उपासना जगत में शक्ति के बिना कोई काम सफल नही होता है | चाहे आपका सिद्धांत कितना भी अच्छा हो, आपके विचार कितने हि सुंदर और उच्च हों लेकिन अगर आप शक्तिहीन हैं तो आपके विचारो का कोई मूल्य नही होगा | विचार अच्छा है, सिद्धांत अच्छा है, इसलिए सर्वमान्य हो जाता है ऐसा नही है | चुना...

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उपासना का महत्त्व :
उपासना का महत्व सनातन धर्म में निर्गुण निराकार परब्रह्म परमात्मा को पाने की योग्यता बढ़ाने के लिए अनेक प्रकार की उपासनाएँ चलती हैं | उपासना माने उस परमात्म-तत्व के निकट आने का साधन |ऐसे उपासना करनेवाले लोगों में शिवजी के साकार रूप का ध्यान-भजन, पूजन-अर्जन करनेवाले लोगों को वैष्णव कहा जाता है और शक्...

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दुर्गासप्तशती का आविर्भाव :
दुर्गासप्तशती का आविर्भाव मोह सकल व्याधिंह क्र मुला | तिन्ह से पुनि उपजहिं बहु सूला || 'सब रोगों की जड़ मोह (अज्ञान) है | उन व्याधियों से फिर और बहुत-से-शूल उत्पन्न होते हैं |' जिव को जिन चीजों में मोह होता है, देर-सवेर वे चीजे ही जिव को रुलाती हैं | जिस कुटुम्ब में मोह होता है, जिन पुत्रों में मोह...

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