|
शास्त्रों की बाते १००% सत्य :
एक बार गणपतिजी अपने मौजिले स्वभाव से आ रहे थे | वह दिन था चौथ का | चंद्रमा ने उन्हें देखा | चंद्र को अपने रूप,लावण्य, सौंदर्य का अहंकार था | उसने गणपतिजी ला नजाक उड़ाते हुये कहा : “ क्या रूप बनाया है | लंबा पेट है, हाथी का सिर है ...” आदि कह के व्यंग कसा तो गणपतिजी ने देखा की दंड के बिना इसका अहं नह...

1226 views
|
|
|
प्रथम पूज्य गणेशजी :
उपासक चाहे शैव हो या शाक्त, वैष्णव हो या सौर्य, सबसे पहले पूजन गणपतिजी का ही करते है | घर का वास्तुपूजन हो, दुकान का शुभारंभ होता हो या बही की शुरुआत हो, विद्याध्यन का प्रारंभ हो रहा हो, विवाह हो रहा हो या अन्य कोई मांगलिक कार्य हो रहा हो, सर्वप्रथम पूजन गणेशजी का ही किया जाता है | लक्ष्मीवृद्धि की...

482 views
|
|
|
स्यमन्तक मणि कथा :
छप्पनवाँ अध्याय स्यमन्तक मणि कथा,जाम्बवती और सत्यभामा के साथ श्रीकृष्ण का विवाह श्री शुकदेव जी कहते हैं- परीक्षित ! सत्राजित ने श्रीकृष्ण को झूठा कलंक लगाया था। फिर उस अपराध का मार्जन करने के लिए उसने स्वयं स्यमन्तक मणि सहित अपनी कन्या सत्याभामा भगवान श्रीकृष्ण को सौंप दी। राजा परीक्षित ने पूछाः भग...

1016 views
|
|
|
हे साधक ! तुरीयावस्था में जाग :
(संत श्री आशारामजी बापू के सत्संग प्रवचन से) देव-असुरों, शैव-शाक्तों, सौर्य और वैष्णवों द्वारा पूजित, विद्या के आरंभ में, विवाह में, शुभ कार्यों में, जप-तप-ध्यानादि में सर्वप्रथम जिनकी पूजा होती है, जो गणों के अधिपति है, इन्द्रियों के स्वामी है, सवके कारण है उन गणपतिजी का पर्व है ‘ गणेश चतुर्थी ’| ...

432 views
|
|
|
Ganesh Chaturthi Special Satsang :
Once Lord Ganesha was walking in His own delightful rhythm. It was the fourth lunar day (chaturthi). The Moon god saw him. The Moon god was very vain about his good looks. He said with a bitter sarcasm to Lord Ganesha, "What a beautiful form you have! A big belly and an elephant's head...". Lord Ga...

790 views
|
|